समापनाधीन कंपनियों द्वारा आस्तियों के वितरण पर पूंजी अभिलाभ
समापनाधीन कंपनियों द्वारा आस्तियों के वितरण पर पूंजी अभिलाभ
246. (1) धारा 45 में किसी बात के होते हुए भी, जहां किसी कंपनी के समापन3 पर उसकी आस्तियां उसके शेयरधारकों में वितरित की जाती हैं, वहां ऐसे वितरण को धारा 45 के प्रयोजनों के लिए कंपनी द्वारा किया गया अंतरण नहीं समझा जाएगा।
(2) जहां कंपनी के समापन पर कोर्इ शेयरधारक कंपनी से कोर्इ धन या अन्य आस्तियां प्राप्त करता है, वहां वह इस प्रकार प्राप्त धन या वितरण की तारीख को अन्य आस्तियों के बाजार मूल्य की बाबत जैसा कि वह धारा 2 के खंड (22) के उपखंड (ग) के अर्थ में लाभांश के रूप में निर्धारित रकम को घटाकर आए, "पूंजी अभिलाभ" शीर्ष के अधीन आय-कर से प्रभार्य होगा और इस प्रकार परिकलित राशि धारा 48 के लिए प्रतिफल का पूरा मूल्य समझी जाएगी।
2. सुसंगत केस लॉज़ के लिए देखिये टैक्समैन्स मास्टर गाइड टु इन्कम टैक्स ऐक्ट।
3. "समापन" पद के अर्थ के लिए देखिए टैक्समैन्स डायरेक्ट टैक्सेज़ मैनुअल, खंड 3.
[वित्त (सं. 2) अधिनियम, 2009 द्वारा संशोधित रूप में]

