आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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धारा 45क

कुछ मामलों में योगदान का निर्धारण

धारा

धारा संख्या

45क

अध्याय शीर्षक

अध्याय IV - योगदान

अधिनियम

कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम, 1948

वर्ष

कुछ मामलों में योगदान का निर्धारण

कुछ मामलों में अंशदान का निर्धारण

[कुछ मामलों में अंशदान का निर्धारण।

45क . (1) जहां किसी कारखाने या स्थापन के संबंध में धारा 44 के उपबंधों के अनुसार कोई विवरणी, विवरण, रजिस्टर या अभिलेख प्रस्तुत, प्रस्तुत या अनुरक्षित नहीं किए जाते हैं या धारा 45 की उपधारा (2) में निर्दिष्ट निगम के किसी [ सामाजिक सुरक्षा अधिकारी ] या अन्य पदाधिकारी को प्रधान या तात्कालिक नियोजक या किसी अन्य व्यक्ति द्वारा धारा 45 के अधीन अपने कृत्यों का प्रयोग या अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने में [किसी भी प्रकार से] रोका जाता है, वहां निगम अपने पास उपलब्ध सूचना के आधार पर आदेश द्वारा उस कारखाने या स्थापन के कर्मचारियों के संबंध में देय अंशदान की राशि निर्धारित कर सकेगा:

[ बशर्ते कि निगम द्वारा ऐसा कोई आदेश तब तक पारित नहीं किया जाएगा जब तक कि प्रधान या तात्कालिक नियोजक या कारखाने या स्थापन के भारसाधक व्यक्ति को सुनवाई का युक्तियुक्त अवसर न दे दिया गया हो;]

[बशर्ते कि प्रावधान है कि निगम द्वारा अंशदान देय होने की तारीख से पांच वर्ष से अधिक की अवधि के संबंध में कोई आदेश पारित नहीं किया जाएगा। ]

(2) उपधारा (1) के अधीन निगम द्वारा किया गया आदेश, धारा 75 के अधीन निगम के दावे का या धारा 45ख के अधीन भू-राजस्व के बकाया के रूप में ऐसे आदेश द्वारा अवधारित रकम की वसूली के लिए [या धारा 45ग से धारा 45झ के अधीन वसूली के लिए] पर्याप्त सबूत होगा।

 
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