अनिवासी की दशा में विमान चलाने के कारबार के लाभ और अभिलाभ की संगणना करने के लिए विशेष उपबंध
27[कुछ टर्न-की विद्युत परियोजनाओं में सिविल सन्निर्माण के कारबार आदि में लगी विदेशी कंपनियों के लाभ और अभिलाभ की संगणना करने के लिए विशेष उपबंध
2844खखख. धारा 28 से धारा 44कक में इसके प्रतिकूल किसी बात के होते हुए भी, ऐसे निर्धारिती की दशा में, जो विदेशी कंपनी है और जो ऐसी टर्न-की परियोजनाओं के संबंध में, जो इस निमित्त केंद्रीय सरकार द्वारा अनुमोदित है और जिनका वित्तपोषण किसी अंतरराष्ट्रीय सहायता कार्यक्रम के अधीन किया जाता है, सिविल सन्निर्माण कारबार अथवा संयंत्र या मशीनरी के निर्माण या उसके परीक्षण या उसे चलाने के कारबार में लगा हुआ है वहां उक्त निर्धारिती को या उसकी ओर से किसी व्यक्ति को ऐसे सिविल सन्निर्माण, निर्माण, परीक्षण या चालू करने के कारबार की बाबत (भारत में या भारत के बाहर) संदत्त या संदेय रकम के दस प्रतिशत की बराबर राशि, ऐसे कारबार के "कारबार या वृत्ति के लाभ और अभिलाभ" शीर्ष के अधीन कर से प्रभार्य लाभ और अभिलाभ समझी जाएगी।]
27. वित्त अधिनियम, 1989 द्वारा 1.4.1990 से अंत:स्थापित।
28. परिपत्र सं. 552, तारीख 9.2.1990 भी देखिये। ब्यौरे के लिए देखिये टैक्समैन्स मास्टर गाइड टु इन्कम टैक्स ऐक्ट।
[वित्त अधिनियम, 2000 द्वारा संशोधित रूप में]

