आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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धारा 44खखक

अनिवासी की दशा में पोत परिवहन के कारबार के लाभ और अभिलाभ की संगणना करने के लिए विशेष उपबंध

धारा

धारा संख्या

44खखक

अध्याय शीर्षक

अध्याय IV - कुल आय की गणना

अधिनियम

आय-कर अधिनियम, 1961

वर्ष

2000

अनिवासी की दशा में पोत परिवहन के कारबार के लाभ और अभिलाभ की संगणना करने के लिए विशेष उपबंध

अनिवासी की दशा में पोत परिवहन के कारबार के लाभ और अभिलाभ की संगणना करने के लिए विशेष उपबंध

26[अनिवासी की दशा में विमान चलाने के कारबार के लाभ और अभिलाभ की संगणना करने के लिए विशेष उपबंध

44खखक. (1) धारा 28 से धारा 43क में इसके प्रतिकूल किसी बात के होते हुए भी ऐसे निर्धारिती की दशा में जो अनिवासी है और जो विमान चलाने के कारबार में लगा हुआ है, उपधारा (2) में विनिर्दिष्ट रकमों के योग के पांच प्रतिशत के बराबर राशि ऐसे कारबार के "कारबार या वृत्ति के लाभ और अभिलाभ" शीर्ष के अधीन कर से प्रभार्य लाभ और अभिलाभ समझी जाएगी।

(2) उपधारा (1) में निर्दिष्ट रकमें निम्न प्रकार होंगी, अर्थात् :–

() निर्धारिती को या उसकी ओर से किसी व्यक्ति को भारत में किसी स्थान से यात्री, पशुधन, डाक या माल ले जाने की बाबत (भारत में या भारत के बाहर) संदत्त या संदेय रकम; और

() निर्धारिती द्वारा या उसकी ओर से किसी व्यक्ति द्वारा भारत के बाहर किसी स्थान से यात्री, पशुधन, डाक या माल ले जाने की बाबत भारत में प्राप्त या प्राप्त समझी गर्इ रकम।]

 

26. वित्त अधिनियम, 1987 द्वारा 1.4.1988 से अंत:स्थापित।

 

 

[वित्त अधिनियम, 2000 द्वारा संशोधित रूप में]

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