अनिवासी की दशा में पोत परिवहन के कारबार के लाभ और अभिलाभ की संगणना करने के लिए विशेष उपबंध
अनिवासी की दशा में पोत परिवहन के कारबार के लाभ और अभिलाभ की संगणना करने के लिए विशेष उपबंध
44ख. (1) धारा 28 से धारा 43क में इसके प्रतिकूल किसी बात के होते हुए भी ऐसे निर्धारिती की दशा में जो अनिवासी है और जो पोत चलाने के कारबार में लगा है, उपधारा (2) में विनिर्दिष्ट रकमों के योग के साढ़े सात प्रतिशत के बराबर राशि ऐसे कारबार से ''कारबार या वृत्ति के लाभ और अभिलाभ'' शीर्ष के अधीन कर से प्रभार्य लाभ और अभिलाभ समझी जाएगी।
(2) उपधारा (1) में निर्दिष्ट रकमें निम्न प्रकार होंगी, अर्थात् :–
(i) निर्धारिती या उसकी ओर से किसी व्यक्ति को भारत में किसी पत्तन से पोत में लिए गए यात्रियों, पशुधन, डाक या माल के ले जाने की बाबत (भारत में या भारत के बाहर) संदत्त या संदेय रकम; और
(ii) निर्धारिती द्वारा या उसकी ओर से किसी व्यक्ति द्वारा भारत के बाहर किसी पत्तन से पोत में लिए गए यात्रियों, पशुधन, डाक या माल के ले जाने की बाबत भारत में प्राप्त या प्राप्त समझी गर्इ रकम।
स्पष्टीकरण.–इस उपधारा के प्रयोजनों के लिए, खंड (i) या खंड (ii) में निर्दिष्ट रकम के अन्तर्गत यथास्थिति डेमरेज प्रभार या उठार्इ-धरार्इ प्रभार या कोर्इ उसी प्रकार की अन्य रकम के रूप में संदत्त या संदेय या प्राप्त या प्राप्त समझी गर्इ रकम भी शामिल है।
[वित्त अधिनियम, 2018 द्वारा संशोधित रूप में]

