वित्त अधिनियम, 1992 द्वारा 1.4.1993 से लोप किया गया।
कुछ माल में व्यापार करने के कारबार से लाभ और अभिलाभ की संगणना करने के लिए विशेष उपबंध
44कग. 33[वित्त अधिनियम, 1992 द्वारा 1.4.1993 से लोप किया गया।]
33. धारा 44कग लोप से पहले वित्त अधिनियम, 1988 द्वारा 1.4.1989 से यथाअन्त:स्थापित और बाद में प्रत्यक्ष कर विधि (संशोधन) अधिनियम, 1989 द्वारा 1.4.1989 से और वित्त अधिनियम, 1990 द्वारा 1.4.1991 से यथासंशोधित की गर्इ थी।
[वित्त (सं. 2) अधिनियम, 2009 द्वारा संशोधित रूप में]

