आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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धारा 44कक

पेशे या व्यवसाय पर ले जाने के कुछ व्यक्तियों द्वारा खातों का रखरखाव

धारा

धारा संख्या

44कक

अध्याय शीर्षक

अध्याय IV - कुल आय की गणना

अधिनियम

आय-कर अधिनियम, 1961

वर्ष

2002

पेशे या व्यवसाय पर ले जाने के कुछ व्यक्तियों द्वारा खातों का रखरखाव

पेशे या व्यवसाय पर ले जाने के कुछ व्यक्तियों द्वारा खातों का रखरखाव

82[वृत्ति या कारबार चलाने वाले कुछ व्यक्तियों द्वारा लेखा रखना

8344कक. (1) विधि, चिकित्सा, इंजीनियरी या वास्तुकला वृत्ति या लेखा कर्म या तकनीकी सलाह या भीतरी साज-सज्जा की वृत्ति या बोर्ड द्वारा राजपत्र में अधिसूचित84 कोर्इ अन्य वृत्ति चलाने वाला प्रत्येक व्यक्ति ऐसी लेखा पुस्तकें और दूसरे दस्तावेज रखेगा और उन्हें बनाए रखेगा जो 85[निर्धारण] अधिकारी को इस अधिनियम के उपबंधों के अनुसार उसकी कुल आय की संगणना करने में समर्थ बना सकें।

(2) कारबार या वृत्ति [जो उपधारा (1) में निर्दिष्ट वृत्ति नहीं है] चलाने वाला प्रत्येक व्यक्ति–

(i) यदि पूर्ववर्ष से ठीक पहले के तीन वर्षों में से किसी एक वर्ष में कारबार या वृत्ति से उसकी आय 86[एक लाख बीस हजार] रुपए से अधिक हो या कारबार या वृत्ति में यथास्थिति, उसकी कुल बिक्री, आवर्त या सकल प्राप्तियां, 87[दस लाख] रुपए से अधिक हों या होती हों; या

(ii) जहां कारबार या वृत्ति किसी पूर्ववर्ष में नये सिरे से स्थापित की गर्इ हो और यदि उस पूर्ववर्ष के दौरान उसकी कारबार या वृत्ति से आय 88[एक लाख बीस हजार] रुपये से अधिक होने की संभावना हो या कारबार या वृत्ति में उसकी यथास्थिति, कुल बिक्री, आवर्त या सकल प्राप्तियां 89[दस लाख] रुपए से अधिक होने की 90[संभावना हो तो; या

(iii) जहां कारबार से लाभ और अभिलाभ यथास्थिति धारा 44कघ या धारा 44कड़ या धारा 44कच, के अधीन निर्धारिती के लाभ और अभिलाभ समझे जाते हैं और निर्धारिती ने ऐसे पूर्ववर्ष के दौरान अपनी आय को अपने कारबार के लाभ और अभिलाभ समझे जाने वाले लाभ और अभिलाभ से कम बताया है,]

वहां ऐसी लेखा पुस्तकें और अन्य दस्तावेज रखेगा और उन्हें बनाए रखेगा जो 91[निर्धारण] अधिकारी को इस अधिनियम के उपबंधों के अनुसार उसकी कुल आय की संगणना करने में समर्थ बना सके।

(3) बोर्ड किसी वर्ग के व्यक्तियों द्वारा चलाए जाने वाले कारबार या वृत्ति की प्रकृति को ध्यान में रखते हुए उपधारा (1) या उपधारा (2) के अधीन रखी और बनार्इ रखी जाने वाली लेखा पुस्तकों और दूसरे दस्तावेजों को (जिनके अंतर्गत, जहां आवश्यक हो, तालिकाएं भी हैं) उनमें विनिर्दिष्ट किए जाने वाले विवरण और फार्म को जिसमें और उस रीति को, जिससे और उस स्थान को, जहां वे रखी जाएं या बनाए रखी जाएं, नियमों द्वारा विहित92 कर सकता है।

(4) उपधारा (3) के उपबंधों पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, बोर्ड, नियमों द्वारा, उस अवधि को विहित कर सकता है जिसके लिए उपधारा (1) या उपधारा (2) के अधीन रखी गर्इं या बनाए रखी गर्इं लेखा पुस्तकें और अन्य दस्तावेज रखे जाएंगे।]

 

82. कराधान विधि (संशोधन) अधिनियम, 1975 द्वारा 1.4.1976 से अंत:स्थापित।

83. सुसंगत केस लॉज़ के लिए देखिये टैक्समैन्स मास्टर गाइड टु इन्कम टैक्स ऐक्ट।

84. विनिर्दिष्ट वृत्तियों के लिए देखिये टैक्समैन्स मास्टर गाइड टु इन्कम टैक्स ऐक्ट।

85. प्रत्यक्ष कर विधि (संशोधन) अधिनियम, 1987 द्वारा 1.4.1988 से "आय-कर" के स्थान पर प्रतिस्थापित।

86. वित्त (सं. 2) अधिनियम, 1998 द्वारा 1.4.1999 से "चालीस हजार" के स्थान पर प्रतिस्थापित। इससे पूर्व वित्त अधिनियम, 1992 द्वारा 1.4.1993 से "पच्चीस हजार" के स्थान पर "चालीस हजार" प्रतिस्थापित किया गया था।

87. वित्त (सं. 2) अधिनियम, 1998 द्वारा 1.4.1999 से "पांच लाख" के स्थान पर प्रतिस्थापित। इससे पूर्व वित्त अधिनियम, 1992 द्वारा 1.4.1993 से "ढार्इ लाख" शब्द के स्थान पर "पांच लाख" प्रतिस्थापित किया गया था।

88. वित्त (सं. 2) अधिनियम, 1998 द्वारा 1.4.1999 से "चालीस हजार" के स्थान पर प्रतिस्थापित। इससे पूर्व वित्त अधिनियम, 1992 द्वारा 1.4.1993 से "पच्चीस हजार" के स्थान पर "चालीस हजार" प्रतिस्थापित किया गया था।

89. वित्त (सं. 2) अधिनियम, 1998 द्वारा 1.4.1999 से "पांच लाख" के स्थान पर प्रतिस्थापित। इससे पूर्व वित्त अधिनियम, 1992 द्वारा 1.4.1993 से "ढार्इ लाख" के स्थान पर "पांच लाख" प्रतिस्थापित किया गया था।

90. वित्त अधिनियम, 1997 द्वारा 1.4.1998 से "संभावना हो तो;" के स्थान पर प्रतिस्थापित।

91. प्रत्यक्ष कर विधि (संशोधन) अधिनियम, 1987 द्वारा 1.4.1988 से "आय-कर" के स्थान पर प्रतिस्थापित।

92. वृत्तिकारों द्वारा रखी जाने वाली विहित लेखा पुस्तकों के लिए नियम 6च देखिये। फार्म 3ग दैनिक केस रजिस्टर के रूप में विहित किया गया है जो कि चिकित्सा वृत्तिकारों को रखना होता है।

 

 

[वित्त अधिनियम, 2002 द्वारा संशोधित रूप में]

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