धारा 115ञग का संशोधन
धारा 115ञग का संशोधन
39. आय-कर अधिनियम की धारा 115ञग की उपधारा (2) में, 1 अप्रैल, 2015 से,–
(क) खंड (i) में, अंत में आने वाले, "और" शब्द का लोप किया जाएगा;
(ख) खंड (ii) में, "कटौतियों से, यदि कोर्इ हों;" शब्दों के स्थान पर "कटौतियों से, यदि कोर्इ हों ; और" शब्द रखे जाएंगे;
(ग) खंड (ii) के पश्चात्, निम्नलिखित खंड अंत:स्थापित किया जाएगा, अर्थात् :
"(iii) धारा 35कघ के अधीन दावा की गर्इ कटौती से, यदि कोर्इ हो, जो धारा 32 के उपबंधों के अनुसार अनुज्ञेय अवक्षयण की रकम को घटा कर आए मानो कि धारा 35कघ के अधीन ऐसी आस्तियों की बाबत, जिन पर उस धारा के अधीन कटौती का दावा किया जाता है, कोर्इ कटौती अनुज्ञात नहीं की गर्इ हो;"।
[वित्त (संख्यांक 2) अधिनियम, 2014]

