खंड 92गक का संशोधन
धारा 92गक का संशोधन
39. आय-कर अधिनियम की धारा 92गक में, -
(क) उपधारा (1) , उपधारा (2) और उपधारा (3) में, "अंतरराष्ट्रीय संव्यवहार" शब्दों के स्थान पर, जहां कहीं वे आते हैं, क्रमशः "अंतरराष्ट्रीय संव्यवहार या विनिर्दिष्ट देशी संव्यवहार" शब्द 1 अप्रैल, 2013 से रखे जाएंगे ;
(ख) उपधारा (2क) के पश्चात्, निम्नलिखित उपधारा अंतःस्थापित की जाएगी और 1 जून, 2002 से अंतःस्थापित की गई समझी जाएगी, अर्थात् : -
"(2ख) जहां किसी अंतरराष्ट्रीय संव्यवहार के संबंध में, निर्धारिती ने धारा 92ङ के अधीन रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की है और ऐसा संव्यवहार अंतरण मूल्यांकन अधिकारी के समक्ष की कार्यवाही के दौरान उसकी जानकारी में आता है, वहां इस अध्याय के उपबंध इस प्रकार लागू होंगे मानो ऐसा संव्यवहार उपधारा (1) के अधीन उसको निर्दिष्ट अंतरराष्ट्रीय संव्यवहार है ।";
(ग) इस प्रकार यथा अंतःस्थापित उपधारा (2ख) के पश्चात्, निम्नलिखित उपधारा 1 जुलाई, 2012 से अंतःस्थापित की जाएगी, अर्थात् : -
"(2ग) उपधारा (2ख) में अंतर्विष्ट कोई बात, निर्धारण अधिकारी को धारा 147 के अधीन निर्धारण या पुनर्निर्धारण करने अथवा निर्धारण में वृद्धि करने या पहले से किए गए प्रतिदाय को कम करने या अन्यथा धारा 154 के अधीन ऐसे किसी निर्धारण वर्ष के लिए, जिसके संबंध में कार्यवाहियां 1 जुलाई, 2012 के पहले पूरी हो चुकी हैं, निर्धारिती के दायित्व को बढ़ाने संबंधी आदेश पारित करने के लिए सशक्त नहीं बनाएगी ।"।
[वित्त अधिनियम, 2012]

