भवन, आदि आंशिक रूप से व्यापार, आदि के लिए इस्तेमाल किया, या विशेष रूप से इसलिए इस्तेमाल नहीं किया
भवन आदि जिनका कारबार आदि के लिए भागत: उपयोग किया जाता है या इस प्रकार अनन्यत: उपयोग नहीं किया जाता है
2738. (1) जहां निर्धारिती द्वारा किसी परिसर के किसी भाग का उपयोग निवास-गृह के रूप में किया जाता है, वहां,—
(क) धारा 30 के खण्ड (क) के उपखंड (i) के अधीन की जाने वाली कटौती; किराए की दशा में, ऐसी रकम होगी जिसे 28[निर्धारण] अधिकारी कारबार या वृत्ति के प्रयोजन के लिए प्रयुक्त उस भाग के आनुपातिक वार्षिक मूल्य को ध्यान में रखते हुए अवधारित करे और मरम्मत के लिए संदत्त की गर्इ किसी राशि की दशा में, ऐसी राशि होगी जो कारबार या वृत्ति के प्रयोजन के लिए उपयोग किए गए परिसर के उस भाग का आनुपातिक है;
(ख) धारा 30 के खंड (क) के अधीन की जाने वाली कटौती ऐसी राशि होगी जिसे 28[निर्धारण] अधिकारी इस प्रकार उपयोग किए गए भाग को ध्यान में रखते हुए, अवधारित करे।
(2) जहां कोर्इ भवन, मशीनरी, संयंत्र या फर्नीचर का उपयोग कारबार या वृत्ति के प्रयोजनों के लिए अनन्यत: प्रयुक्त नहीं किया जाता है, वहां धारा 30 के खंड (क) के उपखंड (ii) और खंड (ग), धारा 31 के खंड (i) और (ii) तथा 29[धारा 32 की उपधारा (1) के खंड (ii) के अधीन] कटौतियां उसके ऐसे उचित आनुपातिक भाग तक निर्बंधित होंगी, जिसे 30[निर्धारण] अधिकारी कारबार या वृत्ति के प्रयोजनों के लिए ऐसे भवन, मशीनरी, संयंत्र या फर्नीचर के उपयोग को ध्यान में रखते हुए अवधारित करे।
27. सुसंगत केस लॉज़ के लिए देखिए टैक्समैन्स मास्टर गाइड टु इन्कम टैक्स ऐक्ट।
28. प्रत्यक्ष कर विधि (संशोधन) अधिनियम, 1987 द्वारा 1.4.1988 से 'आयकर' के स्थान पर प्रतिस्थापित।
29. कराधान विधि (संशोधन और प्रकीर्ण उपबंध) अधिनियम, 1986 द्वारा 1.4.1988 से "उपधारा (1) के खंड (i), (ii), (iiक) और खंड (iii) तथा उपधारा (1क)" के स्थान पर प्रतिस्थापित।
30. प्रत्यक्ष कर विधि (संशोधन) अधिनियम, 1987 द्वारा 1.4.1988 से "आयकर" के स्थान पर प्रतिस्थापित।
[वित्त अधिनियम, 2000 द्वारा संशोधित रूप में]

