सदस्य, आदि, सरकारी कर्मचारियों होना करने के लिए
[ सदस्यों आदि का लोक सेवक बनना।
36क I प्राधिकरण, अनुशासन समिति, अधिकरण, बोर्ड, अनुशासन बोर्ड या अनुशासन निदेशालय के अध्यक्ष, पीठासीन अधिकारी, सदस्य तथा अन्य अधिकारी और कर्मचारी भारतीय दंड संहिता (1860 का 45) की धारा 21 के अर्थान्तर्गत लोक सेवक समझे जाएंगे।]

