आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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धारा 35कघ

विनिर्दिष्ट कारबार पर व्यय की बाबत कटौती

धारा

धारा संख्या

35कघ

अध्याय शीर्षक

अध्याय IV - कुल आय की गणना

अधिनियम

आय-कर अधिनियम, 1961

वर्ष

2015

विनिर्दिष्ट कारबार पर व्यय की बाबत कटौती

विनिर्दिष्ट कारबार पर व्यय की बाबत कटौती

89[ विनिर्दिष्ट कारबार पर व्यय की बाबत कटौती

35कघ. (1) किसी निर्धारिती को उसके द्वारा किए गए किसी विनिर्दिष्ट कारबार के प्रयोजनों के लिए पूर्णतया और अनन्य रूप से उपगत पूंजीगत प्रकृति के किसी संपूर्ण व्यय की बाबत उस पूर्ववर्ष के दौरान, जिसमें उसके द्वारा ऐसा व्यय उपगत किया गया है, कटौती अनुज्ञात की जाएगी:

परन्तु किसी विनिर्दिष्ट कारबार के प्रयोजनों के लिए पूर्णतया और अनन्य रूप से उपगत व्यय उस पूर्ववर्ष के दौरान कटौती के रूप में अनुज्ञात किया जाएगा जिसमें वह अपने विनिर्दिष्ट कारबार की संक्रियाएं प्रारंभ करता है, यदि–

()  वह व्यय उसकी संक्रियाओं के प्रारंभ के पूर्व उपगत किया जाता है; और

()  वह राशि निर्धारिती की लेखा बहियों में उसकी संक्रियाओं के प्रारंभ की तारीख को पंजीकृत की जाती है।

89क[(1क) जहां विनिर्दिष्ट कारबार उपधारा (8) के खंड (ग) के उपखंड (i) या उपखंड (ii) या उपखंड (v) या उपखंड (vii) या उपखंड (viii) में निर्दिष्ट प्रकृति का है और उसने 1 अप्रैल, 2012 को या उसके पश्चात् अपनी संक्रियाओं को प्रारंभ किया है, वहां उपधारा (1) के अधीन उसमें निर्दिष्ट व्यय के डेढ़ गुना के बराबर रकम की कटौती अनुज्ञात की जाएगी।]

(2) यह धारा ऐसे विनिर्दिष्ट कारबार को लागू होती है, जो निम्नलिखित सभी शर्तों को पूरा करता है, अर्थात्:–

(i)  इसे पहले से विद्यमान किसी कारबार को विभाजित करके या उसका पुन: निर्माण करके स्थापित नहीं किया गया है;

(ii)  इसे किसी प्रयोजन के लिए पूर्व में प्रयुक्त मशीनरी या संयंत्र को विनिर्दिष्ट कारबार में अंतरित करके स्थापित नहीं किया गया है;

(iii)  जहां कारबार उपधारा (8) के खंड () के उपखंड (iii) में निर्दिष्ट प्रकृति का है,–

()  ऐसा कारबार कंपनी अधिनियम, 1956 (1956 का 1) के अधीन भारत में बनार्इ गर्इ और रजिस्ट्रीकृत किसी कंपनी के या ऐसी कंपनियों के किसी कन्सोर्टियम के या किसी केंद्रीय या राज्य अधिनियम के अधीन स्थापित या गठित किसी प्राधिकरण या किसी बोर्ड या किसी निगम के स्वामित्वाधीन है;

()  ऐसा कारबार पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस विनियामक बोर्ड अधिनियम, 2006 (2006 का 19) की धारा 3 की उपधारा (1) के अधीन स्थापित और केंद्रीय सरकार द्वारा इस निमित्त राजपत्र में अधिसूचित पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस विनियामक बोर्ड द्वारा अनुमोदित किया गया है;

()  ऐसे कारबार द्वारा 89कख[पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस विनियामक बोर्ड अधिनियम, 2006 (2006 का 19) की धारा 3 की उपधारा (1) के अधीन स्थापित पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस विनियामक बोर्ड द्वारा बनाए गए विनियमों द्वारा यथा विनिर्दिष्ट अपनी कुल पाइपलाइन अथवा कुल पाइपलाइन क्षमता का कम से कम ऐसा अनुपात] निर्धारिती या किसी सहयुक्त व्यक्ति से भिन्न किसी व्यक्ति द्वारा समान वाहक आधार पर प्रयोग किए जाने के लिए उपलब्ध कराया गया है; और

()  ऐसा कारबार ऐसी किसी अन्य शर्त को पूरा करता है, जो विहित की जाए।

89कग[(3) जहां इस धारा के अधीन किसी निर्धारण वर्ष के लिए विनिर्दिष्ट कारबार के संबंध में किसी कटौती का दावा किया जाता है और वह अनुज्ञात किया जाता है, वहां उसी या किसी अन्य निर्धारण वर्ष के लिए ऐसे विनिर्दिष्ट कारबार के संबंध में “ग-कतिपय आय की बाबत कटौतियां” शीर्षक के अधीन 89कघ[धारा 10कक और] अध्याय 6क के उपबंधों के अधीन कोर्इ कटौती अनुज्ञात नहीं की जाएगी।]

(4) निर्धारिती को किसी पूर्ववर्ष में किसी अन्य धारा के अधीन या किसी अन्य पूर्ववर्ष में इस धारा के अधीन उपधारा (1) में निर्दिष्ट व्यय की बाबत कोर्इ कटौती अनुज्ञात नहीं की जाएगी।

(5) इस धारा के उपबंध उपधारा (2) में निर्दिष्ट विनिर्दिष्ट कारबार को उस दशा में लागू होंगे, यदि वह अपनी संक्रियाएं,–

()  जहां विनिर्दिष्ट कारबार वितरण के लिए क्रास-कंट्री प्राकृतिक गैस वितरण पाइपलाइन नेटवर्क, जिसके अंतर्गत भंडारण सुविधाएं भी हैं जो ऐसे नेटवर्क का अविभाज्य भाग है, बिछाने या उसके प्रचलन की प्रकृति का है, 1 अप्रैल, 2007 को या उसके पश्चात् प्रारंभ करता है; 89ख[***]

89खक[(कक) जहां विनिर्दिष्ट कारबार केंद्रीय सरकार द्वारा यथावर्गीकृत दो-सितारा या उसके उकृपर के प्रवर्ग के किसी नए होटल के निर्माण और प्रचालन की प्रकृति का है, 1 अप्रैल, 2010 को या उसके पश्चात्, प्रारंभ करता है;

(कख)  जहां विनिर्दिष्ट कारबार मरीजों के लिए कम-से-कम एक सौ बिस्तरों वाले नए अस्पताल के निर्माण और प्रचालन की प्रकृति का है, 1 अपै्रल, 2010 को या के पश्चात् प्रारंभ करता है;

(कग)  जहां विनिर्दिष्ट कारबार, यथास्थिति, केन्द्रीय सरकार या किसी राज्य सरकार द्वारा गंदी बस्ती के पुनर्विकास या पुनर्वास के लिए बनार्इ गर्इ किसी स्कीम के अधीन किसी आवास परियोजना के विकास और निर्माण की प्रकृति का है और जिसे बोर्ड द्वारा ऐसे मार्गदर्शक सिद्धांतों के अनुसार, जो विहित किए जाएं, इस निमित्त अधिसूचित किया गया है, 1 अप्रैल, 2010 को या के पश्चात् प्रारंभ करता है; 89खख[***]

89खग[(कघ) जहां विनिर्दिष्ट कारबार, यथास्थिति, केन्द्रीय सरकार या किसी राज्य सरकार द्वारा बनार्इ गर्इ और बोर्ड द्वारा, ऐसे दिशानिर्देशों के अनुसार, जो विहित किए जाएं, इस निमित्त अधिसूचित वहनीय आवास स्कीम के अंतर्गत किसी आवास की परियोजना के विकास और निर्माण की प्रकृति का है 1 अप्रैल, 2011 को या उसके पश्चात् प्रारंभ करता है;

(कड़)  उर्वरक के उत्पादन के लिए किसी नए संयंत्र में या किसी विद्यमान संयंत्र में नर्इ प्रतिष्ठापित क्षमता में 1 अप्रैल, 2011 को या उसके पश्चात् प्रारंभ करता है; 89खघ[***]]

89खड़[(कच) 1 अप्रैल, 2012 को या उसके पश्चात्, जहां विनिर्दिष्ट कारबार सीमाशुल्क अधिनियम, 1962 (1962 का 52) के अधीन अधिसूचित या अनुमोदित किसी अंतर्देशीय आधान डिपो या आधान माल भाड़ा स्टेशन की स्थापना और प्रचालन की प्रकृति का है;

(कछ)  1 अप्रैल, 2012 को या उसके पश्चात्, जहां विनिर्दिष्ट कारबार मधुमक्खी पालन और शहद तथा मधुमोम के उत्पादन की प्रकृति का है;

(कज)  1 अप्रैल, 2012 को या उसके पश्चात्, जहां विनिर्दिष्ट कारबार चीनी के भंडारण के लिए किसी भांडागार सुविधा की स्थापना और प्रचालन की प्रकृति का है; 89खच[***]]

89खछ[(कझ) 1 अप्रैल, 2014 को या उसके पश्चात्, जहां विनिर्दिष्ट कारबार लौह अयस्क के परिवहन के लिए अवपंक पाइपलाइन बिछाने और उसके प्रचालन की प्रकृति का है;

(ञ) 1 अप्रैल, 2014 को या उसके पश्चात्, जहां विनिर्दिष्ट कारबार किसी अर्धचालक वेफर संविरचना विनिर्माण इकार्इ की स्थापना और उसके प्रचालन की प्रकृति का है और जो बोर्ड द्वारा ऐसे मार्गदर्शक सिद्धांतों के अनुसार, जो विहित किए जाएं, अधिसूचित हो; और]

() 89ग[उपरोक्त खंडों में से किसी] के अधीन न आने वाले सभी अन्य मामलों में  1 अपै्रल, 2009 को या उसके पश्चात् प्रारंभ करता है।

(6) उपधारा (5) के खंड () में निर्दिष्ट प्रकृति का कारबार करने वाले निर्धारिती को 1 अपै्रल, 2010 को आरंभ होने वाले निर्धारण वर्ष के सुसंगत पूर्ववर्ष में उपधारा (1) के अधीन की गर्इ कटौती के अतिरिक्त, किसी पूर्ववर्ती पूर्ववर्ष के दौरान उपगत पूंजीगत प्रकृति के व्यय के संबंध में किसी रकम की और कटौती अनुज्ञात की जाएगी, यदि,–

()  उपधारा (5) के खंड () में निर्दिष्ट कारबार ने अपनी संक्रिया 1 अपै्रल, 2007 को या उसके पश्चात् आरंभ होने वाली और 31 मार्च, 2009 को समाप्त होने वाली अवधि के दौरान किसी समय प्रारंभ की है ; और

()  निर्धारिती को ऐसी रकम के लिए कोर्इ कटौती किसी पूर्ववर्ती पूर्ववर्ष में अनुज्ञात नहीं की गर्इ है या अनुज्ञेय नहीं है।

89गक[(6क)  जहां निर्धारिती केंद्रीय सरकार द्वारा इस प्रकार वर्गीकृत दो-सितारा या उससे ऊपर के प्रवर्ग के किसी होटल का निर्माण करता है और तत्पश्चात् होटल का स्वामी रहते हुए उसका प्रचालन किसी अन्य व्यक्ति को अंतरित कर देता है, वहां निर्धारिती को उपधारा (8) के खंड () के उपखंड (iv) में उल्लिखित विनिर्दिष्ट कारबार करने वाला समझा जाएगा।]

(7) धारा 80क की उपधारा (6) में अंतर्विष्ट उपबंध और धारा 80झक की उपधारा (7) और उपधारा (10) के उपबंध, जहां तक हो सके, विनिर्दिष्ट कारबार के प्रयोजनों के लिए धारित माल या सेवाओं या आस्तियों के संबंध में इस धारा को लागू होंगे।

89गख[(7क) ऐसी कोर्इ आस्ति, जिसकी बाबत इस धारा के अधीन कटौती का दावा किया जाता है और वह अनुज्ञात की जाती है, केवल विनिर्दिष्ट कारबार के लिए उस पूर्ववर्ष से, जिसमें ऐसी आस्ति अर्जित या सन्निर्मित की जाती है, आरंभ होने वाले आठ वर्षों की अवधि के लिए उपयोग में लार्इ जाएगी।

(7ख) जहां ऐसी कोर्इ आस्ति, जिसकी बाबत इस धारा के अधीन कटौती का दावा किया जाता है और वह अनुज्ञात की जाती है उपधारा (7क) में विनिर्दिष्ट अवधि के दौरान, विनिर्दिष्ट कारबार से भिन्न कारबार के लिए धारा 28 के खंड (vii) में निर्दिष्ट ढंग से भिन्न रूप में उपयोग में लार्इ जाती है, वहां एक या अधिक पूर्ववर्षों में इस प्रकार दावा की गर्इ और अनुज्ञात की गर्इ कटौती की कुल रकम को, जो धारा 32 के उपबंधों के अनुसार अनुज्ञेय अवक्षयण की रकम को घटाकर आए, निर्धारिती की उस पूर्ववर्ष की, जिसमें आस्ति का इस प्रकार उपयोग किया जाता है, “कारबार या वृत्ति के लाभ और अभिलाभ” शीर्ष के अधीन प्रभार्य आय समझा जाएगा।

(7ग) उपधारा (7ख) में अंतर्विष्ट कोर्इ बात ऐसी किसी कंपनी को लागू नहीं होगी जो रुग्ण औद्योगिक कंपनी (विशेष उपबंध) अधिनियम, 1985 (1986 का 1) की धारा 17 की उपधारा (1)89गग के अधीन, उपधारा (7क) में विनिर्दिष्ट अवधि के दौरान, रुग्ण औद्योगिक कंपनी हो गर्इ है।]

(8) इस धारा के प्रयोजनों के लिए,–

()  निर्धारिती के संबंध में, ‘‘सहयुक्त व्यक्ति’’ से ऐसा व्यक्ति अभिप्रेत है,–

(i)  जो प्रत्यक्ष रूप से या अप्रत्यक्ष रूप से या एक या अधिक मध्यवर्तियों के माध्यम से निर्धारिती के प्रबंधन या नियंत्रण या पूंजी में भाग लेता है;

(ii)  जो प्रत्यक्ष रूप से या अप्रत्यक्ष रूप से इतने शेयर धारण करता है जिनकी निर्धारिती की पूंजी में मतदान शक्ति छब्बीस प्रतिशत से अन्यून की है;

(iii)  जो निदेशक बोर्ड या शासी बोर्ड के आधे से अधिक सदस्यों या निर्धारिती के शासी बोर्ड के एक या अधिक कार्यकारी निदेशकों या कार्यकारी सदस्यों की नियुक्ति करता है; या

(iv)  जो निर्धारिती के कुल उधारों के दस प्रतिशत से अन्यून के लिए प्रत्याभूति देता है;

()  ‘‘शीत श्रृंखला सुविधा’’ से वैज्ञानिक रूप में नियंत्रित दशाओं के अधीन कृषि और वनोत्पाद, मांस और मांस उत्पाद, कुक्कुट पालन, समुद्री और दुग्ध उत्पाद, या उद्यान कृषि, बागवानी, मधुमक्खी पालन उत्पाद और प्रसंस्कृत खाद्य मदों के भंडारण या परिवहन की सुविधाओं की श्रृंखला अभिप्रेत है जिसके अंतर्गत ऐसे उत्पादों के परिरक्षण के लिए आवश्यक प्रशीतन और अन्य सुविधाएं भी हैं;

()  ‘‘विनिर्दिष्ट कारबार’’ से निम्नलिखित में से किसी एक या अधिक का कारबार अभिप्रेत है, अर्थात्:–

(i)  किसी शीत श्रृंखला सुविधा की स्थापना और प्रचालन;

(ii)  कृषि उत्पाद के भंडारण के लिए भांडागार सुविधा की स्थापना और प्रचालन;

(iii)  वितरण के लिए क्रास-कंट्री प्राकृतिक गैस या कच्चा या पेट्रोलियम तेल पाइपलाइन नेटवर्क बिछाना और उसका प्रचालन, जिसके अंतर्गत भंडारण सुविधाएं भी हैं, जो ऐसे नेटवर्क का अविभाज्य भाग हैं;

89गघ[(iv) भारत में कहीं भी केंद्रीय सरकार द्वारा यथावर्गीकृत दो-सितारा या उससे उकृपर के प्रवर्ग के 89गड़[***] होटल का निर्माण और प्रचालन;

(v)  भारत में कहीं भी, मरीजों के लिए कम से कम एक सौ बिस्तरों वाले 89गड़[***] अस्पताल का निर्माण और प्रचालन;

(vi)  यथास्थिति, केन्द्रीय सरकार या किसी राज्य सरकार द्वारा गंदी बस्ती के पुनर्विकास या पुनर्वास के लिए बनार्इ गर्इ और बोर्ड द्वारा ऐसे मार्गदर्शक सिद्धांतों के अनुसार, जो विहित किए जाएं, इस निमित्त अधिसूचित की गर्इ, किसी स्कीम के अधीन किसी आवास परियोजना का विकास और निर्माण;]

89घ[(vii) यथास्थिति, केन्द्रीय सरकार या किसी राज्य सरकार द्वारा बनार्इ गर्इ और बोर्ड द्वारा ऐसे दिशानिर्देशों के अनुसार, जो विहित किए जाएं, इस निमित्त अधिसूचित वहनीय आवास स्कीम के अंतर्गत किसी आवासीय परियोजना का विकास और निर्माण;

(viii)  भारत में उर्वरक का उत्पादन;]

89घक[(ix)  सीमाशुल्क अधिनियम, 1962 (1962 का 52) के अधीन अधिसूचित या अनुमोदित किसी अंतर्देशीय आधान डिपो या आधान माल भाड़ा स्टेशन की स्थापना और प्रचालन;

(x)  मधुमक्खी पालन और शहद तथा मधुमोम का उत्पादन;

(xi)  चीनी के भंडारण के लिए किसी भांडागार सुविधा की स्थापना और प्रचालन;]

89घख[(xii)  लौह अयस्क के परिवहन के लिए अवपंक पाइपलाइन को बिछाना और उसका प्रचालन;

(xiii)  बोर्ड द्वारा अधिसूचित अर्धचालक वेफर संविरचना विनिर्माण इकार्इ की, ऐसे मार्गदर्शक सिद्धांतों के अनुसार, जो विहित किए जाएं, स्थापना और उसका प्रचालन;]

()  ऐसी किसी मशीनरी या संयंत्र को, जिसका निर्धारिती से भिन्न किसी व्यक्ति द्वारा भारत के बाहर प्रयोग किया गया था, ऐसे किसी प्रयोजन के लिए पूर्व में प्रयुक्त मशीनरी या संयंत्र के रूप में नहीं माना जाएगा, यदि,–

(i)  ऐसी मशीनरी या संयंत्र को निर्धारिती द्वारा उसके अधिष्ठापन की तारीख से पूर्व किसी समय भारत में प्रयुक्त नहीं किया गया है;

(ii)  ऐसी मशीनरी या संयंत्र को भारत के बाहर किसी देश से भारत में आयात किया गया है; और

(iii)  निर्धारिती द्वारा मशीनरी या संयंत्र के अधिष्ठापन की तारीख से पूर्व की किसी अवधि के लिए किसी व्यक्ति की कुल आय की संगणना करने में इस अधिनियम के उपबंधों के अधीन ऐसी मशीनरी या संयंत्र की बाबत अवक्षयण मद्दे कोर्इ कटौती अनुज्ञात नहीं की गर्इ हो या अनुज्ञेय नहीं है;

()  जहां किसी विनिर्दिष्ट कारबार की दशा में, किसी प्रयोजन के लिए पूर्व में प्रयुक्त किसी मशीनरी या संयंत्र या उसके किसी भाग को विनिर्दिष्ट कारबार में अंतरित किया जाता है और इस प्रकार अंतरित मशीनरी या संयंत्र या उसके भाग का कुल मूल्य ऐसे कारबार में प्रयुक्त मशीनरी या संयंत्र के कुल मूल्य के बीस प्रतिशत से अधिक नहीं होता है वहां उपधारा (2) के खंड (ii) के प्रयोजनों के लिए उसमें विनिर्दिष्ट शर्त का पालन किया गया समझा जाएगा;

()  पूंजीगत प्रकृति के किसी व्यय में किसी भूमि के अर्जन या साख या वित्तीय लिखत पर उपगत कोर्इ व्यय सम्मिलित नहीं होगा।]

 

89.  वित्त (सं. 2) अधिनियम, 2009 द्वारा 1.4.2010 से अंत:स्थापित।

89क. वित्त अधिनियम, 2012 द्वारा 1.4.2013 से अंत:स्थापित।

89कख. वित्त अधिनियम, 2010 द्वारा 1.4.2010 से “अपनी कुल पाइपलाइन क्षमता का कम से कम एक-तिहार्इ” शब्दों के स्थान पर प्रतिस्थापित।

89कग. वित्त अधिनियम, 2010 द्वारा 1.4.2011 से उपधारा (3) के स्थान पर प्रतिस्थापित। प्रतिस्थापन से पूर्व उपधारा (3) निम्न प्रकार थी :

‘(3) निर्धारिती को अध्याय 6क के उपबंधों के अधीन ‘‘ग–कतिपय आय की बाबत कटौतियां’’ शीर्ष के अधीन विनिर्दिष्ट कारबार की बाबत कोर्इ कटौती अनुज्ञात नहीं की जाएगी।’

89कघ. वित्त (सं. 2) अधिनियम, 2014 द्वारा 1.4.2015 से अंत:स्थापित।

89ख.  वित्त अधिनियम, 2010 द्वारा 1.4.2011 से “और” शब्द का लोप किया गया।

89खक. वित्त अधिनियम, 2010 द्वारा 1.4.2011 से अंत:स्थापित।

89खख. वित्त अधिनियम, 2011 द्वारा 1.4.2012 से ‘‘और’’ शब्द का लोप किया गया।

89खग. वित्त अधिनियम, 2011 द्वारा 1.4.2012 से अंत:स्थापित।

89खघ. वित्त अधिनियम, 2012 द्वारा 1.4.2013 से “और” शब्द का लोप किया गया।

89खड़. वित्त अधिनियम, 2012 द्वारा 1.4.2013 से अंत:स्थापित।

89खच. वित्त (सं. 2) अधिनियम, 2014 द्वारा 1.4.2015 से “और” शब्द का लोप किया गया।

89खछ. वित्त (सं.2) अधिनियम, 2014 द्वारा 1.4.2015 से अंत:स्थापित ।

89ग.  वित्त अधिनियम, 2012 द्वारा 1.4.2013 से “खंड (), खंड (कक), खंड (कख) और खंड (कग)” के स्थान पर प्रतिस्थापित। इस संशोधन में भूल से खंड (), (कक), (कख) और (कग) का उल्लेख किया गया है। दूसरे खंड (कघ) और खंड (कड़) का भी उल्लेख होना चाहिए। इससे पूर्व कोट किए गए शब्द वित्त अधिनियम, 2010 द्वारा 1.4.2011 से तथा वित्त अधिनियम, 2011 द्वारा 1.4.2012 से संशोधित किए गए थे।

89गक. वित्त अधिनियम, 2012 द्वारा भूतलक्षी प्रभाव से 1.4.2011 से अंत:स्थापित।

89गख. वित्त (सं.2) अधिनियम, 2014 द्वारा 1.4.2015 से अंत:स्थापित।

89गग.  रूग्ण औद्योगिक कंपनी (विशेष उपबंध) अधिनियम, 1985 की धारा 17(1) के पाठ के लिए परिशिष्ट देखिए।

89गघ.  वित्त अधिनियम, 2010 द्वारा 1.4.2011 से अंत:स्थापित।

89गड़.  वित्त अधिनियम, 2011 द्वारा 1.4.2011 से ‘‘नए’’ शब्द का लोप किया गया।

89घ. वित्त अधिनियम, 2011 द्वारा 1.4.2012 से अंत:स्थापित।

89घक. वित्त अधिनियम, 2012 द्वारा 1.4.2013 से अंत:स्थापित।

89घख. वित्त (सं.2) अधिनियम, 2014 द्वारा 1.4.2015 से अंत:स्थापित।

 

 

[वित्त अधिनियम, 2015 द्वारा संशोधित रूप में]

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