वैज्ञानिक अनुसंधान पर व्यय
8[वैज्ञानिक अनुसंधान पर व्यय
935. (1) वैज्ञानिक अनुसंधान पर व्यय की बाबत निम्नलिखित कटौतियां अनुज्ञात की जाएंगी—
(i) कोर्इ ऐसा व्यय (जो पूंजीगत व्यय के प्रकार का न हो) जो कारबार से सम्बद्ध वैज्ञानिक अनुसंधान पर उपगत या किया गया हो।
10[स्पष्टीकरण.–जहां ऐसा कोर्इ व्यय कारबार के प्रारंभ होने के पूर्व (जो 1 अप्रैल, 1973 से पहले उपगत या किया गया व्यय नहीं है) ऐसे वैज्ञानिक अनुसंधान में लगे हुए कर्मचारी को [धारा 40क की उपधारा (5) के नीचे दिए गए स्पष्टीकरण 211 में परिभाषित] किसी वेतन के संदाय में या ऐसे वैज्ञानिक अनुसंधान में उपयोग की जाने वाली सामग्री के क्रय पर उपगत या खर्च किया गया है, वहां उस कारबार के प्रारम्भ के ठीक पहले के तीन वर्ष के भीतर इस प्रकार उपगत या खर्च किया गया कुल व्यय, उस विस्तार तक जहां तक विहित प्राधिकारी12 उसे ऐसे वैज्ञानिक अनुसंधान पर उपगत या खर्च किया गया व्यय प्रमाणित करता हो, उस पूर्ववर्ष में उपगत या खर्च किया गया व्यय समझा जाएगा जिसमें कारबार प्रारम्भ होता है;]
(ii) किसी ऐसे 13[अनुसंधान संगम] को, जिसका उद्देश्य वैज्ञानिक अनुसंधान करना है या किसी विश्वविद्यालय, महाविद्यालय या अन्य संस्था को वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए प्रयुक्त किए जाने के लिए 14[संदत्त किसी राशि के 14क 14ख [एक सही तीन बटा चार] गुणा के बराबर राशि]:
15[परन्तु यह तब जबकि ऐसा संगम विश्वविद्यालय, महाविद्यालय या अन्य संस्था इस खंड के प्रयोजनों के लिए,–
(अ) उन मार्गदर्शक सिद्धांतों के अनुसार, उस रीति से और उन शर्तों के अधीन रहते हुए, जो विहित की जाएं, तत्समय अनुमोदित है; और
(आ) ऐसा संगम विश्वविद्यालय, महाविद्यालय या अन्य संस्था केन्द्रीय सरकार द्वारा, राजपत्र में अधिसूचना16 द्वारा उस रूप में विनिर्दिष्ट है;]
वित्त अधिनियम, 2016 द्वारा 1.4.2018 से धारा 35 की उपधारा (1) के खंड (ii) के विद्यमान परन्तुक के पश्चात् दूसरा परन्तुक अंत:स्थापित किया जाएगा :
परंतु यह और कि जहां ऐसे संगम, विश्वविद्यालय, महाविद्यालय या अन्य संस्था को किसी रकम का संदाय, 1 अप्रैल, 2021 को या उसके पश्चात् प्रारंभ होने वाले निर्धारण वर्ष से सुसंगत पूर्ववर्ष में किया जाता है वहां इस खंड के अधीन कटौती इस प्रकार संदत्त रकम के बराबर होगी;
16क[(iiक) किसी कंपनी द्वारा उसके द्वारा वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए प्रयोग किए जाने के लिए 16ख[संदत्त किसी ऐसी राशि के एक सही एक बटा चार गुणा के बराबर राशि] :
परंतु यह तब जबकि,–
(अ) ऐसी कंपनी भारत में रजिस्ट्रीकृत हो,
(आ) ऐसी कंपनी का मुख्य उद्देश्य वैज्ञानिक अनुसंधान और विकास करने का हो,
(इ) ऐसी कंपनी इस खंड के प्रयोजनों के लिए विहित प्राधिकारी द्वारा विहित रीति में तत्समय अनुमोदित हो, और
(र्इ) ऐसी कंपनी ऐसी अन्य शर्तों को पूरा करती हो जो विहित की जाएं ;]
17[18(iii) सामाजिक विज्ञान में अनुसंधान या सांख्यिकीय अनुसंधान के लिए प्रयोग किए जाने के लिए 18क[किसी ऐसे अनुसंधान संगम, जिसका उद्देश्य सामाजिक विज्ञान में अनुसंधान या सांख्यिकी अनुसंधान करना है, या किसी विश्वविद्यालय,] महाविद्यालय या अन्य संस्था को 19[16ख [संदत्त किसी ऐसी राशि के एक सही एक बटा चार गुणा के बराबर राशि]];
20[परन्तु यह तब जबकि 20क[ऐसा संगम विश्वविद्यालय,] महाविद्यालय या अन्य संस्था इस खंड के प्रयोजनों के लिए–
(अ) उन मार्गदर्शक सिद्धांतों के अनुसार, उस रीति से और उन शर्तों के अधीन रहते हुए, जो विहित की जाएं, तत्समय अनुमोदित है; और
(आ) 20क[ऐसा संगम विश्वविद्यालय,] महाविद्यालय या अन्य संस्था केन्द्रीय सरकार द्वारा, राजपत्र में अधिसूचना20ख द्वारा उस रूप में विनिर्दिष्ट है।]
21[स्पष्टीकरण–ऐसी किसी कटौती के, जिसका कि निर्धारिती किसी 21क[अनुसंधान संगम,] विश्वविद्यालय, महाविद्यालय या अन्य संस्था को, जिसको खंड (ii) या खंड (iii) लागू होता है, संदत्त किसी धनराशि की बाबत हकदार है, मात्र इस आधार पर इंकार नहीं किया जाएगा कि निर्धारिती द्वारा ऐसी धनराशि का संदाय करने के पश्चात् खंड (ii) या खंड (iii) में निर्दिष्ट संगम, विश्वविद्यालय, महाविद्यालय या अन्य संस्था को दिया जाना अनुमोदन वापस ले लिया गया है;]
(iv) निर्धारिती द्वारा चलाए जा रहे कारबार से संबंधित वैज्ञानिक अनुसंधान पर पूंजीगत प्रकार के किसी व्यय की बाबत ऐसी कटौती जो उपधारा (2) के उपबंधों के अधीन अनुज्ञेय हो :
21ख[परन्तु यह कि खंड (ii) या खंड (iii) में निर्दिष्ट 21क[अनुसंधान संगम,] विश्वविद्यालय, महाविद्यालय या अन्य संस्था, यथास्थिति, खंड (ii) या खंड (iii) के अधीन अनुदान के अनुमोदन या उसे जारी रखे जाने के प्रयोजन के लिए 22[केन्द्रीय सरकार] को विहित फार्म में और रीति से आवेदन करेगा :
परन्तु यह और भी कि 22[केन्द्रीय सरकार] खंड (ii) या खंड (iii) के अधीन अनुमोदन करने से पूर्व 21क[अनुसंधान संगम,] विश्वविद्यालय, महाविद्यालय या अन्य संस्था के क्रियाकलापों की असलियत के बारे में अपना समाधान करने के लिए यदि वह आवश्यक समझे, 21क[अनुसंधान संगम,] विश्वविद्यालय, महाविद्यालय या अन्य संस्था से ऐसे दस्तावेज (जिसमें संपरीक्षित वार्षिक लेखा भी है) या जानकारी मंगा सकेगी और वह 22क[सरकार] ऐसी जांच भी कर सकेगी जो वह इस निमित्त आवश्यक समझे :
परन्तु यह भी कि खंड (ii) या खंड (iii) के अधीन 22[केन्द्रीय सरकार] द्वारा 23[उस तारीख से पूर्व, जिसको कराधान विधि (संशोधन) विधेयक, 2006 को राष्ट्रपति की मंजूरी प्राप्त होती है] निकाली गर्इ कोर्इ भी अधिसूचना किसी समय ऐसे निर्धारण वर्ष या वर्षों के लिए, जो तीन निर्धारण वर्षों से अधिक नहीं होंगे (जिसके अंतर्गत अधिसूचना निकालने की तारीख से पूर्व प्रारंभ होने वाला या वाले निर्धारण वर्ष भी हैं) प्रभावी होगी, जो अधिसूचना में विहित किए जाएं:]
23[परंतु यह भी कि जहां कोर्इ आवेदन कराधान विधि (संशोधन) विधेयक, 2006 को राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने की तारीख को या उसके पश्चात् किया जाता है वहां खंड (ii) या खंड (iii) के अधीन प्रत्येक अधिसूचना या आवेदन को नामंजूर करने वाला कोर्इ आदेश उस मास के अंत से जिसमें ऐसा आवेदन केन्द्रीय सरकार को प्राप्त हुआ था, बारह मास की अवधि के भीतर, यथास्थिति, निकाली जाएगी या पारित किया जाएगा।]
(2) उपधारा (1) के खण्ड (iv) के प्रयोजनों के लिए,—
24[(i) ऐसी दशा में, जहां ऐसा पूंजीगत व्यय 1 अप्रैल, 1967 के पूर्व उपगत किया जाता है, वहां किसी पूर्ववर्ष में उपगत पूंजीगत व्यय के 1/5 की कटौती उस पूर्ववर्ष के लिए की जाएगी और व्यय के अतिशेष की कटौती ठीक आगे के चार वर्ष पूर्व में से हर एक के लिए बराबर किस्तों में की जाएगी;
(iक) ऐसी दशा में, जहां ऐसा पूंजीगत व्यय 31 मार्च, 1967 के पश्चात् किया जाता है, वहां किसी पूर्ववर्ष में उपगत25 ऐसे सम्पूर्ण पूंजीगत व्यय की कटौती उस पूर्ववर्ष के लिए की जाएगी :]
26[परन्तु किसी भूमि के, चाहे ऐसी भूमि, भूमि के रूप में या किसी संपत्ति के भागरूप अर्जित की गर्इ हो, अर्जन पर उपगत किसी व्यय की बाबत इस खण्ड के अधीन कोर्इ कटौती 29 फरवरी, 1984 के पश्चात् अनुज्ञेय नहीं होगी।]
27[स्पष्टीकरण 1].–जहां कोर्इ पूंजीगत व्यय कारबार के प्रारम्भ के पूर्व उपगत किया गया है, वहां कारबार के प्रारम्भ के ठीक पहले के तीन वर्षों के अंदर इस प्रकार उपगत व्यय का योग उस पूर्ववर्ष में उपगत किया गया समझा जाएगा जिसमें कारबार प्रारम्भ किया गया है।
28[स्पष्टीकरण 2.–इस खण्ड के प्रयोजनों के लिए,—
(क) ''भूमि'' के अंतर्गत भूमि में कोर्इ हित भी है; और
(ख) किसी भूमि का अर्जन निर्धारिती द्वारा उस तारीख को किया गया समझा जाएगा जिसको ऐसी भूमि के उसको अंतरण की लिखत, रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1908 (1908 का 16) के अधीन रजिस्टर हुर्इ या जहां उसने ऐसी भूमि का या उसके किसी भाग का कब्जा संपत्ति अंतरण अधिनियम, 1882 (1882 का 4) की धारा 53क29 में निर्दिष्ट प्रकृति की संविदा के भागत: अनुपालन में लिया है या बनाए रखा है, वहां वह तारीख जिसको उसने ऐसी भूमि या भाग का कब्जा इस प्रकार लिया है या बनाए रखा है;]
(ii) खण्ड (i) में की किसी बात के होते हुए भी, जहां किसी ऐसी आस्ति का, जो 30[1 अप्रैल, 1967 के पूर्व उपगत] पूंजीगत प्रकार के व्यय के रूप में है, कारबार से संबंधित वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए किसी पूर्ववर्ष में, उपयोग बंद हो जाता है और इस प्रकार बंद होने के समय आस्ति का मूल्य खण्ड (i) के अधीन पहले ही अनुज्ञात कटौतियों के योग सहित, उक्त व्यय से कम पड़ जाता है, वहां—
(क) उस पूर्ववर्ष के लिए उतनी रकम की कटौती अनुज्ञात की जाएगी जितनी ऐसी कमी के बराबर हो; और
(ख) उस खण्ड के अधीन उस पूर्ववर्ष के लिए या किसी पश्चात्वर्ती पूर्ववर्ष के लिए कोर्इ कटौती अनुज्ञात नहीं की जाएगी;
(iii) यदि खण्ड (ii) में वर्णित आस्ति, अन्य प्रयोजनों के लिए उपयोग में लाए गए बिना, उस वर्ष में, जिसमें उपयोग बंद होता है, बेची जाती है तो विक्रय की कीमत को ऐसे बंद होने के समय आस्ति का मूल्य माना जाएगा और यदि ऐसी आस्ति अन्य प्रयोजनों के लिए उपयोग में लाए बिना, बंद होने के वर्ष से पश्चात्वर्ती किसी पूर्ववर्ष में बेची जाती है और विक्रय की कीमत उस आस्ति के ऐसे मूल्य से कम पड़ जाती है जिसे बंद होने के समय हिसाब में लिया गया था जो उस कमी के बराबर की रकम उस पूर्ववर्ष के लिए जिसमें विक्रय हुआ था कटौती के रूप में अनुज्ञात की जाएगी;
(iv) जहां किसी ऐसे व्यय की बाबत जो सम्पूर्णत: या भागत: आस्ति के रूप में है, इस धारा के अधीन उसी 31[या किसी अन्य] पूर्ववर्ष के लिए कटौती अनुज्ञात की जाती है, वहां धारा 32 की 32[उपधारा (1) के खण्ड (ii)] के अधीन कोर्इ कटौती नहीं की जाएगी;
(v) जहां 33[खण्ड (ii) में वर्णित] आस्ति का ऐसे कारबार में उपयोग उस कारबार से संबंधित वैज्ञानिक अनुसंधान में उसका उपयोग बंद हो जाने के पश्चात् किया जाता है, वहां धारा 32 की 34[उपधारा (1) के खण्ड (ii)] के अधीन अवक्षयण अनुज्ञेय होगा।
35[(2क) 36जहां निर्धारिती उपधारा (1) के खण्ड (ii) में निर्दिष्ट किसी वैज्ञानिक अनुसंधान संगम या विश्वविद्यालय या महाविद्यालय या अन्य संस्था 37[या किसी पब्लिक सेक्टर कम्पनी] को ऐसे वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए जो भारत की सामाजिक, आर्थिक और औद्योगिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विहित प्राधिकारी38 द्वारा इस निमित्त अनुमोदित कार्यक्रम के अधीन हाथ में लिया गया हो, प्रयुक्त किए जाने के लिए कोर्इ राशि 39[1 मार्च, 1984 के पूर्व] संदत्त करता है, 40[(जो ऐसी राशि है, जो इस विनिर्दिष्ट निदेश के साथ दी गर्इ है कि उस राशि का उपयोग किसी भूमि या भवन के अर्जन या किसी भवन के निर्माण के लिए नहीं किया जाएगा)],—
(क) इस प्रकार संदत्त राशि के 11/3 गुणा के बराबर राशि कटौती के रूप में अनुज्ञात की जाएगी; और
(ख) उसी निर्धारण वर्ष या किसी अन्य निर्धारण वर्ष के लिए उपधारा (1) के खण्ड (ii) के अधीन ऐसी राशि की बाबत कोर्इ कटौती अनुज्ञात नहीं की जाएगी।]
41[स्पष्टीकरण.–इस उपधारा के प्रयोजनों के लिए ''पब्लिक सेक्टर कम्पनी'' का वही अर्थ है जो धारा 32क की उपधारा (2ख) के नीचे स्पष्टीकरण के खण्ड (ख) में है।]
42[(2कक) 43जहां निर्धारिती किसी राष्ट्रीय प्रयोगशाला 44[या किसी 45[विश्वविद्यालय या भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान या किसी विनिर्दिष्ट व्यक्ति] को कोर्इ राशि इस विनिर्दिष्ट निदेश के साथ संदत्त करता है कि उक्त राशि का प्रयोग विहित प्राधिकारी46 द्वारा इस निमित्त अनुमोदित कार्यक्रम के अधीन हाथ में लिए गए वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए किया जाएगा, वहां–
(क) इस प्रकार संदत्त राशि के 46क[46ख[दुगुना]] के बराबर राशि कटौती के रूप में अनुज्ञात की जाएगी; और
(ख) ऐसी राशि की बाबत कोर्इ कटौती इस अधिनियम के किसी अन्य उपबंध के अधीन अनुज्ञात नहीं की जाएगी :
47[परन्तु यह कि विहित प्राधिकारी, अनुमोदन करने के पूर्व, वैज्ञानिक अनुसंधान से संबंधित क्रियाकलापों की असलियत के बारे में अपना समाधान करेगा और 47क[प्रधान मुख्य आयुक्त या मुख्य आयुक्त या]47ख[प्रधान महानिदेशक या] महानिदेशक को अपनी रिपोर्ट ऐसे प्ररूप में जो विहित किया जाए देगा48।]
वित्त अधिनियम, 2016 द्वारा 1.4.2018 से धारा 35 की उपधारा (2कक) के विद्यमान परन्तुक के पश्चात् निम्नलिखित दूसरा परन्तुक अंत:स्थापित किया जाएगा:
परंतु यह और कि जहां ऐसी राष्ट्रीय प्रयोगशाला, विश्वविद्यालय, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान या विनिर्दिष्ट व्यक्ति को किसी रकम का संदाय, 1 अप्रैल, 2021 को या उसके पश्चात् प्रारंभ होने वाले निर्धारण वर्ष से सुसंगत पूर्ववर्ष में किया जाता है, वहां इस उपधारा के अधीन कटौती इस प्रकार संदत्त रकम के बराबर होगी;
49[स्पष्टीकरण 1.–ऐसी कटौती से, जिसके लिए निर्धारिती किसी राष्ट्रीय प्रयोगशाला, विश्वविद्यालय, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान या किसी विनिर्दिष्ट व्यक्ति को इस उपधारा में निर्दिष्ट किसी कार्यक्रम के लिए संदत्त किसी राशि की बाबत हकदार है, मात्र इस आधार पर इनकार नहीं किया जाएगा कि निर्धारिती द्वारा ऐसी राशि का संदाय करने के पश्चात्–
(क) ऐसी प्रयोगशाला या विनिर्दिष्ट व्यक्ति को दिया गया अनुमोदन वापस ले लिया गया है; या
(ख) राष्ट्रीय प्रयोगशाला, विश्वविद्यालय, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान या विनिर्दिष्ट व्यक्ति द्वारा शुरू किए गए ऐसे कार्यक्रम को दिया गया अनुमोदन वापस ले लिया गया है।]
50[स्पष्टीकरण 50क[2].–इस धारा के प्रयोजनों के लिए,—
(क) ''राष्ट्रीय प्रयोगशाला'' से ऐसी वैज्ञानिक प्रयोगशाला अभिप्रेत है जो भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद्, भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद्, वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद्, रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन, इलैक्ट्रोनिकी विभाग, जैव प्रौद्योगिकी विभाग या परमाणु ऊर्जा विभाग के तत्त्वावधान में राष्ट्रीय स्तर पर कार्य कर रही है और जो विहित प्राधिकारी द्वारा ऐसी रीति से, जो विहित की जाए, राष्ट्रीय प्रयोगशाला के रूप में अनुमोदित हो;
(ख) ''विश्वविद्यालय'' का वही अर्थ है जो धारा 47 के खंड (ix) के स्पष्टीकरण में है;
(ग) ''भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान'' का वही अर्थ है जो प्रौद्योगिकी संस्थान अधिनियम, 1961 (1961 का 59) की धारा 351 के खंड (छ) में ''संस्थान'' का है।]
52[(घ) ''विनिर्दिष्ट व्यक्ति'' से ऐसा व्यक्ति अभिप्रेत है जो विहित प्राधिकारी द्वारा अनुमोदित किया जाए।]
53[(2कख) (1) जहां 54[जैव-प्रौद्योगिकी के कारबार में या] 55[किसी ऐसी वस्तु या चीज के, जो ग्यारहवीं अनुसूची की सूची में विनिर्दिष्ट वस्तु या चीज नहीं है, विनिर्माण या उत्पादन के किसी कारबार में] लगी कंपनी वैज्ञानिक अनुसंधान पर (किसी भूमि या भवन की लागत की प्रकृति में व्यय से भिन्न) या इनहाउस अनुसंधान पर और विहित प्राधिकारी56 द्वारा अनुमोदित विकास सुविधा पर व्यय करेगी वहां इस प्रकार खर्च की राशि 57[व्यय के 57क[57ख[दो गुणा] के बराबर राशि] की कटौती की जाएगी।
वित्त अधिनियम, 2016 द्वारा 1.4.2018 से धारा 35 की उपधारा (2कख) के खंड (1) में निम्नलिखित परन्तुक अंत:स्थापित किया जाएगा:
परंतु जहां वैज्ञानिक अनुसंधान (जो किसी भूमि या भवन की लागत की प्रकृति का व्यय नहीं है) या आंतरिक अनुसंधान या विकास सुविधा पर कोर्इ व्यय 1 अप्रैल, 2021 को या उसके पश्चात् प्रारंभ होने वाले निर्धारण वर्ष से सुसंगत पूर्ववर्ष में उपगत किया जाता है, वहां इस खंड के अधीन कटौती इस प्रकार उपगत व्यय के बराबर होगी।
58[स्पष्टीकरण.–इस खंड के प्रयोजनों के लिए, औषधि और भेषज के संबंध में ''वैज्ञानिक अनुसंधान पर व्यय'' के अंतर्गत क्लीनिक संबंधी औषधि परीक्षण, किसी केन्द्रीय, राज्य या प्रान्तीय अधिनियम के अधीन किसी विनियामक प्राधिकरण से अनुमोदन प्राप्त करने और पेटेन्ट अधिनियम, 1970 (1970 का 39) के अधीन किसी पेटेन्ट के लिए कोर्इ आवेदन फाइल करने में उपगत व्यय भी है।]
(2) खंड (1) में वर्णित व्यय की बाबत कोर्इ कटौती इस अधिनियम के किसी अन्य उपबंध के अधीन अनुज्ञात नहीं की जाएगी।
(3) कोर्इ भी कंपनी खंड (1) के अधीन कटौती के लिए हकदार नहीं होगी जब तक कि वह ऐसे अनुसंधान और विकास सुविधा में सहयोग के लिए 58क[विहित अधिकारी के साथ करार न करें और लेखाओं तथा उसकी संपरीक्षा रिपोर्टों को प्रस्तुत करने के संबंध में ऐसी शर्तों को ऐसी रीति में, जो विहित की जाए, पूरा न करें]।
(4) विहित प्राधिकारी उक्त सुविधा के अनुमोदन के संबंध में 58कक[प्रधान मुख्य आयुक्त या मुख्य आयुक्त या]58ख [प्रधान महानिदेशक या] महानिदेशक को ऐसे प्ररूप में और ऐसे समय के भीतर जो विहित किया जाए अपनी रिपोर्ट पेश करेगा।]
59[60 [(5) खंड (1) में निर्दिष्ट व्यय की बाबत जो 31 मार्च, 60क[2017] के पश्चात् किया जाए कोर्इ कटौती अनुज्ञात नहीं की जाएगी।]]
61[(6) उपधारा (1) के खंड (iiक) के उपखंड () के अधीन अनुमोदित किसी कंपनी को खंड (1) में निर्दिष्ट ऐसे व्यय की बाबत, जो 31 मार्च, 2008 के पश्चात् किया जाए, कोर्इ कटौती अनुज्ञात नहीं की जाएगी।]
62[(2ख) (क) जहां निर्धारिती ने 63[1 मार्च, 1984 से पूर्व] ऐसे वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए, जो भारत की सामाजिक, आर्थिक और औद्योगिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विहित प्राधिकारी द्वारा इस निमित्त अनुमोदित कार्यक्रम के अधीन हाथ में लिया गया हो, कोर्इ व्यय (जो किसी भूमि या भवन या किसी भवन के निर्माण पर पूंजीगत व्यय की प्रकृति का नहीं है) उपगत किया है वहां इस उपधारा के उपबंधों के अधीन रहते हुए, उस विहित प्राधिकारी द्वारा पूर्ववर्ष के दौरान उपगत व्यय के रूप में प्रमाणित व्यय की रकम के 1¼ के बराबर राशि कटौती के रूप में अनुज्ञात की जाएगी।
(ख) जहां किसी व्यय की बाबत खण्ड (क) के अधीन किसी पूर्ववर्ष के लिए कटौती अनुज्ञात की जाती है, वहां ऐसे व्यय की बाबत उसी पूर्ववर्ष के लिए या किसी अन्य पूर्ववर्ष के लिए उपधारा (1) के खण्ड (i) के अधीन या उपधारा (2) के खण्ड (iक) के अधीन कोर्इ कटौती अनुज्ञात नहीं की जाएगी।
(ग) जहां किसी ऐसे व्यय की बाबत, जो सम्पूर्णत: या भागत: आस्ति के रूप में है, इस उपधारा के अधीन किसी पूर्ववर्ष के लिए कटौती अनुज्ञात की जाती है, वहां उस आस्ति की बाबत उसी पूर्ववर्ष के लिए या किसी पश्चात्वर्ती पूर्ववर्ष के लिए धारा 32 की 64[उपधारा (1) के खंड (ii)] के अधीन कोर्इ कटौती अनुज्ञात नहीं की जाएगी।
(घ) इस उपधारा के अधीन वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए वास्तव में उपगत व्यय के आधिक्य में की गर्इ कटौती के बारे में यह समझा जाएगा कि वह इस अधिनियम के प्रयोजनों के लिए गलत तौर पर की गर्इ है यदि निर्धारिती कार्यक्रम के पूरा होने के लिए विहित प्राधिकारी द्वारा अनुज्ञात अवधि के एक वर्ष के भीतर उस प्राधिकारी से उसके पूरा होने का प्रमाणपत्र नहीं देता है और धारा 155 की उपधारा (5ख) के उपबंध तदनुसार लागू होंगे।]
65[(3) यदि इस धारा के अधीन कोर्इ प्रश्न उठता है कि क्या कोर्इ क्रियाकलाप वैज्ञानिक अनुसंधान है या था और यदि है या था तो किस सीमा तक अथवा कोर्इ आस्ति, वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए उपयोग में लार्इ जा रही है या लार्इ जा रही थी, तो बोर्ड उस प्रश्न को–
(क) केंद्रीय सरकार को भेजेगा जब ऐसा प्रश्न उपधारा (1) के खंड (ii) और (iii) के अधीन किसी क्रियाकलाप के संबंध में है, और उसका विनिश्चय अंतिम होगा;
(ख) विहित प्राधिकारी66 को निर्दिष्ट करेगा जब ऐसा प्रश्न खंड (क) के क्रियाकलाप से भिन्न किसी क्रियाकलाप के संबंध में है, जिसका विनिश्चय अंतिम होगा।]
(4) धारा 32 की उपधारा (2) के उपबंध, उपधारा (1) के खण्ड (iv) के अधीन अनुज्ञेय कटौतियों के संबंध में उसी प्रकार लागू होंगे जिस प्रकार वे अवक्षयण के संबंध में अनुज्ञेय कटौतियों को लागू होते हैं।
67[(5) जहां समामेलन की किसी स्कीम में, समामेलन कम्पनी किसी ऐसी आस्ति को जो पूंजीगत या वैज्ञानिक अनुसंधान की प्रकृति की है, समामेलित कम्पनी को (जो एक भारतीय कम्पनी है) विक्रय या अन्यथा अन्तरण करती है, वहां,—
(i) समामेलन कम्पनी को उपधारा (2) के खण्ड (ii) या खण्ड (iii) के अधीन कटौती अनुज्ञात नहीं की जाएगी; और
(ii) इस धारा के उपबंध समामेलित कंपनी को यावत्शक्य ऐसे लागू होंगे जैसे वे समामेलन कंपनी को लागू होते यदि पश्चात्कथित ने उस आस्ति का वैसा विक्रय या अन्तरण न किया होता।]]
8. प्रत्यक्ष कर विधि (संशोधन) अधिनियम, 1989 द्वारा 1.4.1989 से उपान्तरण सहित पुन: पुर:स्थापित। इससे पूर्व धारा 35 का प्रत्यक्ष कर विधि (संशोधन) अधिनियम, 1987 द्वारा उसी तारीख से लोप किया गया था।
9. परिपत्र सं. 778, तारीख 20.8.1999 और प्रेस नोट, तारीख 5.6.1982, जो वित्त मंत्रालय (राजस्व विभाग) द्वारा जारी किया गया था, भी देखिये।
सुसंगत केस लॉज़ देखिए।
10. प्रत्यक्ष कर (संशोधन) अधिनियम, 1974 द्वारा 1.4.1974 से अंत:स्थापित।
11. धारा 40क(5) का अब लोप कर दिया गया है।
12. नियम 6(1) देखिए। नियम 6(1) के अधीन विहित प्राधिकारी हैं : सचिव, वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान विभाग, भारत सरकार की सम्मति से महानिदेशक (आय-कर छूट)।
13. वित्त अधिनियम, 2010 द्वारा 1.4.2011 से "वैज्ञानिक अनुसंधान संगम" के स्थान पर प्रतिस्थापित।
14. वित्त अधिनियम, 1999 द्वारा 1.4.2000 से ''संदत्त कोर्इ राशि'' के स्थान पर प्रतिस्थापित।
14क. वित्त अधिनियम, 2010 द्वारा 1.4.2011 से "एक सही एक बटा चार" अंकों के स्थान पर प्रतिस्थापित।
14ख. वित्त अधिनियम, 2016 द्वारा 1.4.2018 से "एक सही तीन बटा चार" के स्थान पर "एक सही एक बटा दो" शब्द रखे जाएंगे।
15. कराधान विधि (संशोधन) अधिनियम, 2006 द्वारा 1.4.2006 से भूतलक्षी प्रभाव से प्रतिस्थापित। प्रतिस्थापन से पूर्व वित्त अधिनियम, 1999 द्वारा 1.4.2000 से तथा प्रत्यक्ष कर विधि (संशोधन) अधिनियम, 1989 द्वारा 1.4.1989 से संशोधित परन्तुक इस प्रकार था :
"परन्तु यह तब जबकि ऐसा संगम, विश्वविद्यालय, महाविद्यालय या संस्था केंद्रीय सरकार द्वारा राजपत्र में अधिसूचना द्वारा इस खण्ड के प्रयोजनों के लिए तत्समय अनुमोदित है;"
16. वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान संस्थान द्वारा आवेदन के फार्म के लिए नियम 6(2) और प्ररूप सं. 3गच देखिए।
16क. वित्त अधिनियम, 2008 द्वारा 1.4.2009 से अंत:स्थापित।
16ख. वित्त अधिनियम, 2016 द्वारा 1.4.2018 से "संदत्त किसी ऐसी राशि के एक सही एक बटा चार गुणा के बराबर राशि" शब्द लोप किये जाएगें।
17. वित्त (सं. 2) अधिनियम, 1991 द्वारा 1.4.1992 से अंत:स्थापित। प्रतिस्थापन से पूर्व खंड (iii) प्रत्यक्ष कर विधि (संशोधन) अधिनियम, 1989 द्वारा 1.4.1989 से यथासंशोधित किया गया था।
18. नियम 5ग, 5घ और 5ड़ तथा प्ररूप सं. 3गच-I और 3गच-II भी देखिए।
18क. वित्त अधिनियम, 2010 द्वारा 1.4.2011 से "किसी विश्वविद्यालय" शब्दों के स्थान पर प्रतिस्थापित।
19. वित्त अधिनियम, 1999 द्वारा 1.4.2000 से ''संदत्त कोर्इ राशि'' के स्थान पर प्रतिस्थापित।
20. कराधान विधि (संशोधन) अधिनियम, 2006 द्वारा 1.4.2006 से भूतलक्षी प्रभाव से प्रतिस्थापित। प्रतिस्थापन से पूर्व वित्त अधिनियम, 1999 द्वारा 1.4.2000 से संशोधित परन्तुक इस प्रकार था :
"परन्तु यह तब जबकि ऐसा विश्वविद्यालय, महाविद्यालय या संस्था, केन्द्रीय सरकार द्वारा राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, इस खंड के प्रयोजनों के लिए तत्समय अनुमोदित है;"
20क. वित्त अधिनियम, 2010 द्वारा 1.4.2011 से "ऐसा विश्वविद्यालय" शब्दों के स्थान पर प्रतिस्थापित।
20ख. वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान संस्थान द्वारा आवेदन के फार्म के लिए नियम 6(2) और प्ररूप सं. 3गच देखिए।
21. कराधान विधि (संशोधन) अधिनियम, 2006 द्वारा 1.4.2006 से भूतलक्षी प्रभाव से अंत:स्थापित।
21क. वित्त अधिनियम, 2010 द्वारा 1.4.2011 से "वैज्ञानिक अनुसंधान संगम" शब्दों के स्थान पर प्रतिस्थापित।
21ख. प्रत्यक्ष कर विधि (संशोधन) अधिनियम, 1989 द्वारा 1.4.1989 से अंत:स्थापित।
22. वित्त अधिनियम, 1999 द्वारा 1.4.2000 से "विहित प्राधिकारी" के स्थान पर प्रतिस्थापित।
22क. कराधान विधि (संशोधन) अधिनियम, 2006 द्वारा 1.4.2006 से भूतलक्षी प्रभाव से "प्राधिकारी" के स्थान पर प्रतिस्थापित।
23. कराधान विधि (संशोधन) अधिनियम, 2006 द्वारा 1.4.2006 से भूतलक्षी प्रभाव से अंत:स्थापित।
24. वित्त (सं. 2) अधिनियम, 1967 द्वारा 1.4.1968 से खंड (i) के स्थान पर प्रतिस्थापित।
25. ''किसी पूर्ववर्ष में उपगत'' पद के अर्थ के लिए सम्बंधित केस लाज़ देखिए।
26. वित्त अधिनियम, 1984 द्वारा 1.4.1984 से अंत:स्थापित।
27. यथोक्त द्वारा वर्तमान स्पष्टीकरण को स्पष्टीकरण 1 के रूप में पुनर्संख्यांकित किया गया।
28. यथोक्त द्वारा अंत:स्थापित।
29. संपत्ति अंतरण अधिनियम की धारा 53क के पाठ के लिए, देखिए परिशिष्ट।
30. वित्त (सं. 2) अधिनियम, 1967, द्वारा 1.4.1968 से अंत:स्थापित।
31. वित्त (सं. 2) अधिनियम, 1980 द्वारा 1.4.1962 से भूतलक्षी प्रभाव से अंत:स्थापित।
32. कराधान विधि (संशोधन और प्रकीर्ण उपबंध) अधिनियम, 1986 द्वारा 1.4.1988 से ''उपधारा (1) के खंड (i), (ii), (iiक), (iii) और (iv) तथा उपधारा (1क)'' के स्थान पर प्रतिस्थापित।
33. वित्त (सं. 2) अधिनियम, 1967 द्वारा 1.4.1968 से अंत:स्थापित।
34. कराधान विधि (संशोधन और प्रकीर्ण उपबंध) अधिनियम, 1986 द्वारा 1.4.1988 से ''उपधारा (1) के खंड (i), (ii) और (iii)'' के स्थान पर प्रतिस्थापित।
35. प्रत्यक्ष कर (संशोधन) अधिनियम, 1974 द्वारा 1.4.1974 से अंत:स्थापित।
36. वैज्ञानिक अनुसंधान कार्यक्रमों के अनुमोदन और अनुमोदित कार्यक्रमों की सूची के लिए सम्बंधित सरकुलर्स देखिए।
37. वित्त (सं. 2) अधिनियम, 1980 द्वारा 1.9.1980 से अंत:स्थापित।
38. देखिये नियम 6(1)।
39. वित्त अधिनियम, 1984 द्वारा 1.4.1984 से अंत:स्थापित।
40. वित्त (सं. 2) अधिनियम, 1983 द्वारा 1.4.1984 से अंत:स्थापित।
41. वित्त (सं. 2) अधिनियम, 1980 द्वारा 1.9.1980 से अन्त:स्थापित।
42. वित्त अधिनियम, 1993 द्वारा 1.4.1994 से अंत:स्थापित।
43. नियम 6(3), 6(5), 6(6) और 6(7) तथा प्ररूप सं. 3गछ से 3गञ देखिए। नियम 6 में दी गर्इ प्रक्रिया अन्य बातों के साथ-साथ इस प्रकार है :
* विहित प्राधिकारी, अध्यक्ष, राष्ट्रीय प्रयोगशाला, विश्वविद्यालय या आर्इ.आर्इ.टी. है।
* अनुमोदन के लिए आवेदन प्रायोजक द्वारा प्ररूप सं. 3गछ में करना होगा।
* राष्ट्रीय प्रयोगशाला, विश्वविद्यालय या आर्इ.आर्इ.टी., प्ररूप सं. 3गझ में वैज्ञानिक अनुसंधान का कार्यक्रम के लिए संदाय की रसीद देगा।
* विहित प्राधिकारी तभी अनुमोदन देगा, जब नियम 6 के उपनियम (7) में वर्णित शर्तें पूरी हो जाएं।
44. वित्त अधिनियम, 1994 द्वारा 1.4.1995 से अंत:स्थापित।
45. वित्त अधिनियम, 2001 द्वारा 1.4.2002 से "विश्वविद्यालय या भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान" शब्दों के स्थान पर प्रतिस्थापित।
46. देखिये नियम 6(1)।
46क. वित्त अधिनियम, 2011 द्वारा 1.4.2012 से "एक सही तीन बटा चार गुणा" अंकों के स्थान पर प्रतिस्थापित। इससे पूर्व वित्त अधिनियम, 2010 द्वारा 1.4.2011 से "एक सही एक बटा चार गुणा" के स्थान पर "एक सही तीन बटा चार" प्रतिस्थापित किया गया था।
46ख. वित्त अधिनियम, 2016 द्वारा 1.4.2018 से "दुगुना" के स्थान पर "एक सही एक बटा दो गुणा" शब्द रखे जाएंगे।
47. वित्त (सं. 2) अधिनियम, 1996 द्वारा 1.10.1996 से निम्नलिखित परन्तुकों के स्थान पर प्रतिस्थापित। प्रतिस्थापन से पूर्व, उक्त परन्तुक, वित्त अधिनियम, 1994 द्वारा 1.4.1995 से यथा संशोधित; इस प्रकार थे :
''परन्तु इस उपधारा के अधीन अनुमोदन प्राप्त करने की इच्छुक प्रत्येक राष्ट्रीय प्रयोगशाला या विश्वविद्यालय या भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान विहित प्ररूप और रीति में विहित प्राधिकारी को आवेदन करेगा:
परन्तु यह और कि विहित प्राधिकारी, अनुमोदन देने से पूर्व, राष्ट्रीय प्रयोगशाला या विश्वविद्यालय या भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान से ऐसी दस्तावेज और सूचना मंगवा सकेगा जैसी वह ऐसी प्रयोगशाला या विश्वविद्यालय या संस्थान जो भी हो के वैज्ञानिक अनुसंधान संबंधी क्रियाकलापों की वास्तविकता के बारे में अपना समाधान करने की दृष्टि से आवश्यक समझे।''
47क. वित्त अधिनियम, 2015 द्वारा 1.4.2016 से अंत:स्थापित।
47ख. वित्त (सं. 2) अधिनियम, 2014 द्वारा भूतलक्षी प्रभाव से 1.6.2013 से अंत:स्थापित।
48. नियम 6(7)(ख) और प्ररूप सं. 3गञ देखिये।
49. कराधान विधि (संशोधन) अधिनियम, 2006 द्वारा 1.4.2006 से भूतलक्षी प्रभाव से अंत:स्थापित।
50. वित्त अधिनियम, 1994 द्वारा 1.4.1995 से प्रतिस्थापित। प्रतिस्थापन से पूर्व वित्त अधिनियम, 1993 द्वारा 1.4.1994 से यथा अंत:स्थापित, स्पष्टीकरण इस प्रकार था :
'स्पष्टीकरण.–इस उपधारा के प्रयोजनों के लिए, "राष्ट्रीय प्रयोगशाला" से ऐसी वैज्ञानिक प्रयोगशाला अभिप्रेत है जो भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद्, भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद् या वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद् के तत्वावधान में राष्ट्रीय स्तर पर कार्यरत हो और जो विहित प्राधिकारी द्वारा ऐसी रीति से जो विहित की जाए, राष्ट्रीय प्रयोगशाला के रूप में अनुमोदित हो।'
50क. कराधान विधि (संशोधन) अधिनियम, 2006 द्वारा 1.4.2006 से भूतलक्षी प्रभाव से स्पष्टीकरण 2 को पुन: संख्यांकित किया गया।
51. 'संस्थान' की परिभाषा के लिए देखिये पूर्व पृष्ठ 1.79 पर पाद-टिप्पण 69.
52. वित्त अधिनियम, 2001 द्वारा 1.4.2002 से अंत:स्थापित।
53. वित्त अधिनियम, 1997 द्वारा 1.4.1998 से अंत:स्थापित। नियम 6(1ख), (4), (5क) और (7क) तथा प्ररूप सं. 3गट से 3गड देखिये।
54. वित्त अधिनियम, 2001 द्वारा 1.4.2002 से अंत:स्थापित।
55. वित्त (सं. 2) अधिनियम, 2009 द्वारा 1.4.2010 से ''किन्हीं औषधियों, भेषज, इलैक्ट्रानिक उपकरणों, कम्प्यूटरों, दूरसंचार उपकरणों, रसायनों या बोर्ड द्वारा अधिसूचित किसी अन्य वस्तु या चीज के विनिर्माण या उत्पादन के कारबार में'' शब्दों के स्थान पर प्रतिस्थापित।
56. विहित प्राधिकारी, सचिव, वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान विभाग, भारत सरकार है।
57. वित्त अधिनियम, 2000 द्वारा 1.4.2001 से ''व्यय के 1¼ गुणा के बराबर राशि'' के स्थान पर प्रतिस्थापित।
57क. वित्त अधिनियम, 2010 द्वारा 1.4.2011 से "डेढ़" शब्द के स्थान पर प्रतिस्थापित।
57ख. वित्त अधिनियम, 2016 द्वारा 1.4.2018 से "दो गुणा" के स्थान पर "एक सही एक बटा दो गुणा" शब्द रखे जाएंगे।
58. वित्त अधिनियम, 2001 द्वारा 1.4.2002 से अंत:स्थापित।
58क. वित्त अधिनियम, 2015 द्वारा 1.4.2016 से "और उस सुविधा के लिए रखे गए लेखाओं की संपरीक्षा के लिए विहित अधिकारी के साथ करार न करें" शब्दों के स्थान पर प्रतिस्थापित।
58कक. वित्त अधिनियम, 2015 द्वारा 1.4.2016 से अंत:स्थापित।
58ख. वित्त (सं. 2) अधिनियम, 2014 द्वारा भूतलक्षी प्रभाव से 1.6.2013 से अंत:स्थापित।
59. वित्त अधिनियम, 2016 द्वारा 1.4.2018 से धारा 35 की उपधारा (2कख) के खंड (5) का लोप किया जाएगा।
60. वित्त (सं. 2) अधिनियम, 1998 द्वारा 1.4.1998 से भूतलक्षी प्रभाव से अंत:स्थापित।
60क. वित्त अधिनियम, 2012 द्वारा 1.4.2013 से "2012" अंकों के स्थान पर प्रतिस्थापित इससे पूर्व 2007 के स्थान पर वित्त अधिनियम, 2007 द्वारा 1.4.2008 से "2012" वित्त अधिनियम, 2005 द्वारा 1.4.2006 से "2005" के स्थान पर "2007", वित्त अधिनियम, 1999 द्वारा 1.4.2000 से "2000" अंकों के स्थान पर "2005" अंक रखे गए थे।
61. वित्त अधिनियम, 2008 द्वारा 1.4.2009 से अंत:स्थापित।
62. वित्त (सं. 2) अधिनियम, 1980 द्वारा 1.9.1980 से अंत:स्थापित।
63. वित्त अधिनियम, 1984 द्वारा 1.4.1984 से अंत:स्थापित।
64. कराधान विधि (संशोधन और प्रकीर्ण उपबंध) अधिनियम, 1986 द्वारा 1.4.1988 से "उपधारा (1) के खंड (i), (ii), (iiक) और (iii) या उपधारा (1क)" के स्थान पर प्रतिस्थापित।
65. वित्त अधिनियम, 1999 द्वारा 1.4.2000 से प्रतिस्थापित। प्रतिस्थापन से पूर्व, उपधारा (3) इस प्रकार थी:
"(3) यदि इस धारा के अधीन इस बारे में कोर्इ प्रश्न उठता है कि क्या कोर्इ क्रियाकलाप वैज्ञानिक अनुसंधान है या था और यदि था तो किस सीमा तक या कोर्इ आस्ति उसके लिए प्रयुक्त की जा रही है या थी, तो बोर्ड यह प्रश्न विहित प्राधिकारी के पास भेजेगा जिसका विनिश्चय अंतिम होगा।"
66. नियम 6 देखिए.
67. वित्त (सं. 2) अधिनियम, 1967 द्वारा 1.4.1967 से अंत:स्थापित।
[वित्त अधिनियम, 2017 द्वारा संशोधित रूप में]

