न्यायालय के अभिलेख की या लोक रजिस्टर आदि की कूटरचना
न्यायालय के अभिलेख की या लोक रजिस्टर आदि की कूटरचना।
337. जो कोई ऐसे दस्तावेज की या ऐसे इलैक्ट्रानिक अभिलेख की जिसका कि किसी न्यायालय का या न्यायालय में अभिलेख या कार्यवाही होना, या सरकार द्वारा जारी किसी पहचान दस्तावेज, जिसके अंतर्गत पहचान पत्र या आधार कार्ड भी है, या जन्म, विवाह या अन्त्येष्टि का रजिस्टर, या लोक सेवक द्वारा लोक सेवक के नाते रखा गया रजिस्टर होना तात्पर्यित हो, या किसी प्रमाणपत्र की या ऐसी दस्तावेज की जिसके बारे में यह तात्पर्यित हो कि वह किसी लोक सेवक द्वारा उसकी पदीय हैसियत में रची गई है, या जो किसी वाद को संस्थित करने या वाद में प्रतिरक्षा करने का, उसमें कोई कार्यवाही करने का, या दावा संस्वीकृत कर लेने का, प्राधिकार हो या कोई मुख्तारनामा हो, कूटरचना करेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि सात वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा और जुर्माने का भी दायी होगा।
स्पष्टीकरण—इस धारा के प्रयोजनों के लिए, "रजिस्टर" के अंतर्गत सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 (2000 का 21) की धारा 2 की उपधारा (1) के खंड (द) में यथापरिभाषित इलैक्ट्रानिक रूप में रखी गई कोई सूची, डाटा या किन्हीं प्रविष्टियों का अभिलेख भी है।

