कतिपय राज्यों में अधिसूचित पिछडे़ क्षेत्रों में नए संयंत्र या मशीनरी में विनिधान
24घ[कतिपय राज्यों में अधिसूचित पिछडे़ क्षेत्रों में नए संयंत्र या मशीनरी में विनिधान
32कघ. (1) जहां कोर्इ निर्धारिती, जो किसी वस्तु या चीज के विनिर्माण या उत्पादन के लिए कोर्इ उपक्रम या उद्यम, आंध्र प्रदेश राज्य में या बिहार राज्य में या तेलंगाना राज्य में या पश्चिमी बंगाल राज्य में केंद्रीय सरकार द्वारा इस निमित्त अधिसूचित किसी पिछडे़ क्षेत्र में 1 अप्रैल, 2015 को या उसके पश्चात् प्रतिष्ठापित करता है और उक्त पिछड़े क्षेत्र में उक्त उपक्रम या उद्यम के प्रयोजनों के लिए 1 अप्रैल, 2015 को आरंभ होने वाली और 1 अप्रैल, 2020 के पूर्व समाप्त होने वाली अवधि के दौरान किसी नर्इ आस्ति का अर्जन करता है और उसे प्रतिष्ठापित करता है, वहां उस पूर्ववर्ष से, जिसमें नर्इ आस्ति प्रतिष्ठापित की जाती है, सुसंगत निर्धारण वर्ष के लिए ऐसी नर्इ आस्ति की वास्तविक लागत के पन्द्रह प्रतिशत के बराबर राशि की कटौती अनुज्ञात की जाएगी।
(2) यदि निर्धारिती द्वारा अर्जित और प्रतिष्ठापित किसी नर्इ आस्ति का, उसके प्रतिष्ठापित किए जाने की तारीख से पांच वर्ष की अवधि के भीतर, धारा 47 के खंड (xiii) या खंड (xiiiख) या खंड (xiv) में निर्दिष्ट कारबार के समामेलन या निर्विलियन या पुनर्गठन के संबंध में के सिवाय, विक्रय किया जाता है या अन्यथा उसे अंतरित किया जाता है, तो ऐसी नर्इ आस्ति के संबंध में उपधारा (1) के अधीन अनुज्ञात कटौती की रकम को, उस पूर्ववर्ष के, जिसमें ऐसी नर्इ आस्ति का विक्रय किया जाता है या उसे अन्यथा अंतरित किया जाता है, ऐसी नर्इ आस्ति के अंतरण के मद्दे उद्भूत अभिलाभों की कराधेयता के अतिरिक्त "कारबार या वृत्ति के लाभ और अभिलाभ" शीर्ष के अधीन निर्धारिती की प्रभार्य आय समझा जाएगा।
(3) जहां नर्इ आस्ति का, उसके प्रतिष्ठापित किए जाने की तारीख से पांच वर्ष की अवधि के भीतर, धारा 47 के खंड (xiii) या खंड (xiiiख) या खंड (xiv) में निर्दिष्ट कारबार के समामेलन या निर्विलियन या पुनर्गठन के संबंध में विक्रय किया जाता है या उसे अन्यथा अंतरित किया जाता है, वहां उपधारा (2) के उपबंध, यथास्थिति, धारा 47 के खंड (xiii) या खंड (xiiiख) या खंड (xiv) में निर्दिष्ट समामेलित कंपनी या परिणामी कंपनी या उत्तरवर्ती कंपनी को इस प्रकार लागू होंगे जैसे वे धारा 47 के खंड (xiii) या खंड (xiiiख) या खंड (xiv) में निर्दिष्ट समामेलक कंपनी या निर्विलयित कंपनी या उत्तरवर्ती कंपनी को लागू होते हैं।
(4) इस धारा के प्रयोजनों के लिए "नर्इ आस्ति" से कोर्इ नया संयंत्र या मशीनरी (पोत या वायुयान से भिन्न) अभिप्रेत है, किन्तु इसमें निम्नलिखित सम्मिलित नहीं हैं-
(क) ऐसा कोर्इ संयंत्र या मशीनरी, जिसका उपयोग निर्धारिती द्वारा उसके प्रतिष्ठापित किए जाने के पूर्व किसी अन्य व्यक्ति द्वारा भारत के भीतर या बाहर किया गया था;
(ख) किसी कार्यालय परिसर या किसी निवास स्थान में, जिसके अंतर्गत अतिथि गृह की प्रकृति की आवास सुविधा भी है, प्रतिष्ठापित कोर्इ संयंत्र या मशीनरी;
(ग) कोर्इ कार्यालय साधित्र, जिनके अंतर्गत कम्प्यूटर या कम्प्यूटर साफ्टवेयर भी है;
(घ) कोर्इ यान; या
(ड़) कोर्इ संयंत्र या मशीनरी, जिसकी संपूर्ण वास्तविक लागत को किसी पूर्ववर्ष के "कारबार या वृत्ति के लाभ और अभिलाभ" शीर्ष के अधीन प्रभार्य आय की संगणना में कटौती के रूप में (चाहे अवक्षयण के रूप में या अन्यथा) अनुज्ञात किया जाता है।]
24घ. वित्त अधिनियम, 2015 द्वारा 1.4.2016 से अंत:स्थापित।
[वित्त अधिनियम, 2016 द्वारा संशोधित रूप में]

