आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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धारा 32कग

नए संयंत्र या मशीनरी में विनिधान

धारा

धारा संख्या

32कग

अध्याय शीर्षक

अध्याय IV - कुल आय की गणना

अधिनियम

आय-कर अधिनियम, 1961

वर्ष

2013

नए संयंत्र या मशीनरी में विनिधान

नए संयंत्र या मशीनरी में विनिधान

वित्त अधिनियम, 2013 द्वारा 1.4.2014 से धारा 32कख के पश्चात् निम्नलिखित धारा 32कग अंत:स्थापित की जाएगी :

नए संयंत्र या मशीनरी में विनिधान

32कग. (1) जहां कोर्इ निर्धारिती, जो कोर्इ कंपनी है, जो किसी वस्तु या चीज के विनिर्माण या उत्पादन के कारबार में लगा हुआ है, 31 मार्च, 2013 के पश्चात् किन्तु 1 अप्रैल, 2015 के पूर्व नर्इ आस्ति अर्जित करता है और लगाता है और ऐसी नर्इ आस्तियों की वास्तविक लागत की कुल रकम एक सौ करोड़ रुपए से अधिक है, वहां निम्नलिखित कटौती अनुज्ञात की जाएगी,–

(क) 1 अप्रैल, 2014 को प्रारंभ होने वाले निर्धारण वर्ष के लिए 31 मार्च, 2013 के पश्चात् किन्तु 1 अप्रैल, 2014 के पूर्व अर्जित और लगार्इ गर्इ नर्इ आस्तियों की वास्तविक लागत की पन्द्रह प्रतिशत के बराबर राशि, यदि ऐसी आस्तियों की वास्तविक लागत की कुल रकम एक सौ करोड़ रुपए से अधिक है; और

(ख) 1 अपै्रल, 2015 को प्रारंभ होने वाले निर्धारण वर्ष के लिए 31 मार्च, 2013 के पश्चात् किन्तु 1 अप्रैल, 2015 के पूर्व अर्जित और लगार्इ गर्इ नर्इ आस्तियों की वास्तविक लागत की पन्द्रह प्रतिशत के बराबर राशि, जो खंड (क) के अधीन अनुज्ञात कटौती की रकम, यदि कोर्इ है, को घटा कर आए।

(2) यदि निर्धारिती द्वारा अर्जित की गर्इ और लगार्इ गर्इ किसी नर्इ आस्ति का उसके लगाए जाने की तारीख से पांच वर्ष की अवधि के भीतर, समामेलन या अविलयन के संबंध में के सिवाय, विक्रय किया जाता है या अन्यथा उसे अंतरित किया जाता है, तो ऐसी नर्इ आस्ति की बाबत उपधारा (1) के अधीन अनुज्ञात कटौती की रकम को, उस पूर्ववर्ष के जिसमें ऐसी नर्इ आस्ति का ऐसी नर्इ आस्ति के अंतरण के मद्दे उद्भूत अभिलाभों की कराधेयता के अतिरिक्त विक्रय किया जाता है या उसे अन्यथा अंतरित किया जाता है, "कारबार या वृत्ति के लाभ और अभिलाभ" शीर्ष के अधीन निर्धारिती की प्रभार्य आय समझा जाएगा।

(3) जहां नर्इ आस्ति का उसके लगाए जाने की तारीख से पांच वर्ष की अवधि के भीतर विक्रय किया जाता है या उसे समामेलन या अविलयन के संबंध में अन्यथा अंतरित किया जाता है, वहां उपधारा (2) के उपबंध, यथास्थिति, समामेलित कंपनी या परिणामी कंपनी को इस प्रकार लागू होंगे जैसे वे समामेलक कंपनी या अविलयित कंपनी को लागू होते हैं।

(4) इस धारा के प्रयोजनों के लिए "नर्इ आस्ति" से कोर्इ नया संयंत्र या मशीनरी (पोत या वायुयान से भिन्न) अभिप्रेत है, किन्तु इसमें निम्नलिखित सम्मिलित नहीं है–

(i) ऐसा कोर्इ संयंत्र या मशीनरी, जिसका उपयोग निर्धारिती द्वारा उसके लगाए जाने से पूर्व किसी अन्य व्यक्ति द्वारा भारत के भीतर या बाहर किया गया था;

(ii) किसी कार्यालय परिसर या किसी निवास-स्थान में, जिसके अंतर्गत अतिथि गृह की प्रकृति की आवास सुविधा भी है, लगाया गया कोर्इ संयंत्र या मशीनरी ;

(iii) कोर्इ कार्यालय साधित्र, जिनके अंतर्गत कम्प्यूटर या कम्प्यूटर साफ्टवेयर भी है;

(iv) कोर्इ यान; या

(v) कोर्इ संयंत्र या मशीनरी, जिसकी संपूर्ण वास्तविक लागत को किसी पूर्ववर्ष के "कारबार या वृत्ति के लाभ और अभिलाभ" शीर्ष के अधीन प्रभार्य आय की संगणना में, कटौती (चाहे अवक्षयण के रूप में या अन्यथा) के रूप में अनुज्ञात किया जाता है।

 

 

[वित्त अधिनियम, 2013 द्वारा संशोधित रूप में]

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