आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

मुख्य सामग्री पर जाने के लिए यहां क्लिक करें
शब्द आकार
सैचुरेशन
मदद

धारा 32क

विनिधान मोक

धारा

धारा संख्या

32क

अध्याय शीर्षक

अध्याय IV - कुल आय की गणना

अधिनियम

आय-कर अधिनियम, 1961

वर्ष

2010

विनिधान मोक

विनिधान मोक

आय-कर अधिनियम, 1961*

[1961 का 43]

[वित्त अधिनियम, 2010 द्वारा संशोधित रूप में]

आय-कर और अधिकर से संबंधित विधि का समेकन और संशोधन

करने के लिए अधिनियम

भारत गणराज्य के 12वें वर्ष में संसद् द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित हो :

अध्याय 1

प्रारंभिक

संक्षिप्त नाम, विस्तार और प्रारंभ

11. 2(1) इस अधिनियम का नाम आय-कर अधिनियम, 1961 है।

(2) इसका विस्तार पूरे भारत पर है।

(3) इस अधिनियम में जो उपबंधित है उसके सिवाय, यह 1 अप्रैल, 1962 को प्रवृत्त होगा।

 

* वित्त अधिनियम, 2010 द्वारा किए गए संशोधन, उन तारीखों के होते हुए भी जिनसे वे प्रभावी हुए हैं, इटैलिक में मुद्रित किए गए हैं और उन्हें बोल्ड स्क्वायर ब्रैकिट्स में दिया गया है। 1 अप्रैल, 2010 से प्रभावी होने वाले वित्त (सं. 2) अधिनियम, 2009 इटैलिक में मुद्रित किए गए हैं किंतु उन्हें मीडियम स्क्वायर ब्रैकिट्स में दिया गया है।

1. अधिनियम के सिक्किम राज्य को लागू होने के लिए देखिये वित्त अधिनियम, 1989 की धारा 26.

कांटीनेन्टल शेल्फ ऑफ इंडिया तक अधिनियम के विस्तार के लिए देखिये अधिसूचना सं. सा.का.नि. 304(र्इ), तारीख 31.3.1983। ब्यौरे के लिए देखिये टैक्समैन्स मास्टर गाइड टु इन्कम टैक्स ऐक्ट।

2. सिक्किम राज्य में अधिनियम के लागू होने की प्रभावी तारीख के लिए देखिये अधिसूचना सं. का.आ. 148(र्इ), तारीख 23.2.1989। ब्यौरे के लिए देखिये टैक्समैन्स मास्टर गाइड टु इन्कम टैक्स ऐक्ट।

 

 

[वित्त अधिनियम, 2010 द्वारा संशोधित रूप में]

© कॉपीराइट. टैक्समैन पब्लिकेशन प्राइवेट लिमिटेड

फ़ुटनोट