आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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धारा 32

अवक्षयण

धारा

धारा संख्या

32

अध्याय शीर्षक

अध्याय IV - कुल आय की गणना

अधिनियम

आय-कर अधिनियम, 1961

वर्ष

2021

अवक्षयण

अवक्षयण

अवक्षयण

32. (1) निम्नलिखित के अवक्षयण की बाबत—

(i) भवन, मशीनरी, संयंत्र या फर्नीचर, जो मूर्त आस्तियां हैं;

(ii) तकनीकी ज्ञान, पेटेन्ट, कापीराइट, व्यापार चिद्द, लाइसेंस, फ्रेंचाइज़ या उसी प्रकार के कोई अन्य कारबार या वाणिज्यिक अधिकार, जो 1 अप्रैल, 1998 को या उसके पश्चात् अर्जित अमूर्त आस्तियां हैं, 1[जो किसी कारबार या वृत्ति की गुडविल नहीं हैं और जो]

पूर्णत: या भागत: निर्धारिती के स्वामित्वाधीन हैं और कारबार या वृत्ति के प्रयोजनों के लिए प्रयुक्त की जाती हैं, निम्नलिखित कटौतियां अनुज्ञात की जाएंगी–]

(i) विद्युत (पावर) के जनन या जनन और वितरण में लगे उपक्रम की आस्तियों की दशा में, निर्धारिती को उसकी वास्तविक लागत की ऐसी प्रतिशतता, जो विहित की जाए;

(ii) आस्ति समूह की दशा में, उसके अवलिखित मूल्य की ऐसी प्रतिशतता, जो विहित की जाए :

परन्तु निम्नलिखित की बाबत इस खंड के अधीन कोई कटौती अनुज्ञात नहीं की जाएगी;

() भारत के बाहर विनिर्मित किसी मोटर कार की बाबत, जहां ऐसी मोटर कार निर्धारिती द्वारा 28 फरवरी, 1975 के पश्चात् किंतु 1 अप्रैल, 2001 के पूर्व अर्जित की जाती है और जब तक कि उसका प्रयोग—

(i)पर्यटकों के लिए उसे भाड़े पर चलाए जाने के कारबार में नहीं किया जाता है; या

(ii) भारत के बाहर किसी अन्य देश में अपने कारबार या वृत्ति में नहीं किया जाता है; और

() किसी मशीनरी या संयंत्र की बाबत, यदि उसकी वास्तविक लागत धारा 42 के अधीन केन्द्रीय सरकार द्वारा किए गए किसी करार के अधीन एक वर्ष या उससे अधिक वर्षों में कटौती के रूप में अनुज्ञात की जाती है :

परन्तु यह और कि जहां, यथास्थिति, खंड (i)या खंड (ii)या खंड (iiक) में निर्दिष्ट कोई आस्ति या खंड (iiक) के पहले परन्तुक में निर्दिष्ट कोई आस्ति निर्धारिती द्वारा पूर्ववर्ष के दौरान अर्जित की जाती है और उस पूर्ववर्ष में एक सौ अस्सी दिन से कम अवधि के लिए कारबार या वृत्ति के प्रयोजनों के लिए प्रयोग में लाई जाती है वहां ऐसी आस्ति के संबंध में इस उपधारा के अधीन कटौती, उस आस्ति की बाबत, यथास्थिति, खंड (i) या खंड (ii) या खंड (iiक) के अधीन विहित प्रतिशतता के आधार पर परिकलित रकम के पचास प्रतिशत तक निर्बन्धित होगी:

परन्तु यह भी कि जहां, यथास्थिति, खंड (iiक) या खंड (iiक) के पहले परंतुक में निर्दिष्ट कोई आस्ति, निर्धारिती द्वारा पूर्ववर्ष के दौरान अर्जित की जाती है और उस पूर्ववर्ष में एक सौ अस्सी दिन से कम की अवधि के लिए कारबार के प्रयोजनों के लिए प्रयोग में लाई जाती है और ऐसी आस्ति की बाबत इस उपधारा के अधीन कटौती उस पूर्ववर्ष के लिए खंड (iiक) के अधीन किसी आस्ति के लिए विहित प्रतिशतता के आधार पर परिकलित रकम के पचास प्रतिशत तक निर्बंधित की जाती है, तो खंड (iiक) के अधीन ऐसी आस्ति के लिए विहित प्रतिशतता के आधार पर परिकलित रकम के शेष पचास प्रतिशत की कटौती ऐसी आस्ति की बाबत ठीक उत्तरवर्ती पूर्ववर्ष में इस उपधारा के अधीन अनुज्ञात की जाएगी :

परन्तु यह भी कि जहां वाणिज्यिक यान के रूप में कोई आस्ति निर्धारिती द्वारा 1 अक्तूबर, 1998 को या उसके बाद किन्तु 1 अप्रैल, 1999 से पूर्व अर्जित की जाए और कारबार या वृत्ति के प्रयोजनों के लिए 1 अप्रैल, 1999 से पूर्व प्रयोग में लाई जाए वहां ऐसी आस्ति की बाबत कटौती उसके अवलिखित मूल्य पर उतनी प्रतिशतता पर अनुज्ञात की जाएगी, जो विहित किया जाए।

स्पष्टीकरण.–इस परन्तुक के प्रयोजनों के लिए,—

() ''वाणिज्यिक यान'' से अभिप्रेत है–'भारी माल यान', 'भारी यात्री मोटर यान', 'हल्का मोटर यान', 'मध्यम माल यान' और 'मध्यम यात्री मोटर यान', किंतु 'मैक्सी कैब', 'मोटर कैब', 'ट्रैक्टर' और 'रोड रोलर' इसमें शामिल नहीं हैं;

() 'भारी माल यान', 'भारी यात्री मोटर यान', 'हल्का मोटर यान', 'मध्यम माल यान', 'मध्यम यात्री मोटर यान', 'मैक्सी कैब', 'मोटर कैब', 'ट्रैक्टर' और 'रोड रोलर' का क्रमश: वही अर्थ होगा जो मोटर यान अधिनियम, 1988 (1988 का 59) की धारा 2 में उनका है :

परन्तु यह भी कि 1 अप्रैल, 1991 को प्रारम्भ होने वाले निर्धारण वर्ष से सुसंगत पूर्ववर्ष की बाबत, इस खण्ड के अधीन आने वाली आस्तियों के किसी समूह के संबंध में कटौती, कंपनी के मामले में कराधान विधि (संशोधन) अधिनियम, 1991 के प्रारम्भ से ठीक पूर्व इस अधिनियम के अधीन विहित ऐसी आस्तियों के अवलिखित मूल्य पर, विहित प्रतिशतता के आधार पर परिकलित रकम के 75 प्रतिशत तक सीमित रहेगी:

परन्तु यह भी कि धारा 47 के खंड (xiii), खंड (xiiiख) और खंड (xiv) या धारा 170 में उल्लिखित उत्तरवर्तन की दशा में यथास्थिति, पूर्ववर्ती और उत्तरवर्ती को अथवा समामेलन की दशा में समामेलक कंपनी और समामेलित कंपनी को या अविलयन की दशा में अविलयित कंपनी और परिणामी कंपनी को भवन, मशीनरी, संयंत्र या फर्नीचर, जो मूर्त आस्ति है या व्यवहार ज्ञान, पेटेंट या कापीराइट, व्यापार चिद्द, लाइसेंस, फ्रेंचाइज़ या उसी प्रकार का कोई अन्य कारबार या वाणिज्यिक अधिकार जो अमूर्त अस्तियां हैं के अवक्षयण की बाबत कुल कटौती किसी पूर्ववर्ष में विहित दरों पर परिकलित कटौती से अधिक नहीं होगी मानो, उत्तरवर्तन या समामेलन या अविलयन, जो भी हो, हुआ ही नहीं था और ऐसी कटौती यथास्थिति पूर्ववर्ती और उत्तरवर्ती अथवा समामेलक कंपनी तथा समामेलित कंपनी या अविलयित कंपनी और परिणामी कंपनी के बीच ऐसे दिनों की संख्या के अनुपात में प्रभाजित की जाएगी जिनके लिए ऐसी आस्तियों का उनके द्वारा उपयोग किया गया था।

स्पष्टीकरण 1.–जहां निर्धारिती का कारबार या वृत्ति किसी ऐसे भवन में चलाया जाता है जो उसके स्वामित्व में नहीं है किंतु जिसकी बाबत निर्धारिती पट्टा या अधिभोग का कोई अन्य अधिकार रखता है और निर्धारिती द्वारा कारबार या वृत्ति के प्रयोजनों के लिए भवन में या उसके संबंध में किसी ढांचे का निर्माण या कोई संकर्म करके और भवन का नवीकरण या विस्तार या उसमें सुधार करके, कोई पूंजी व्यय किया जाता है वहां इस खंड के उपबंध इस प्रकार लागू होंगे मानो उक्त ढांचा या संकर्म निर्धारिती के स्वामित्वाधीन का भवन है।

स्पष्टीकरण 2.–इस उपधारा के प्रयोजनों के लिए ''आस्ति समूह के अवलिखित मूल्य'' का वही अर्थ है जो धारा 43 की उपधारा* (6) के खंड (ग) में उसका है।

स्पष्टीकरण 3.–इस उपधारा के प्रयोजनों के लिए ''आस्तियां'' पद से अभिप्रेत होगा—

() मूर्त आस्तियां जैसे भवन, मशीनरी, संयंत्र या फर्नीचर;

() अमूर्त आस्तियां जैसे व्यवहार ज्ञान, पेटेंट, कापीराइट, व्यापार चिद्द, लाइसेंस, फ्रेंचाइज़ या उसी प्रकार के वाणिज्यिक अधिकार हैं 1[किसी करबार या वृति की गुडविल नहीं है]

स्पष्टीकरण 4.–इस उपधारा के प्रयोजनों के लिए 'व्यवहार ज्ञान' से कोई औद्योगिक आसूचना या तकनीक अभिप्रेत है जो माल के विनिर्माण या प्रसंस्करण में या खान, तेल कुंए या खनिज भंडारों के अन्य स्रोतों के कार्यकरण में (उन तक पहुंचने के लिए भंडारों की खोज करना या परीक्षण करना भी शामिल है), सहायक होना संभव है;

स्पष्टीकरण 5.–शंकाओं को दूर करने के लिए यह घोषित किया जाता है कि इस उपधारा के उपबंध लागू होंगे चाहे निर्धारिती ने अपनी कुल आय की संगणना में अवक्षयण की बाबत कटौती का दावा किया हो अथवा नहीं।

(iiक) ऐसी किसी नई मशीनरी या संयंत्र (पोत और वायुयान से भिन्न) की दशा में, जो किसी वस्तु या चीज के निर्माण या उत्पादन के कारबार में या विद्युत के उत्पादन, पारेषण या वितरण के कारबार मे लगे किसी निर्धारिती द्वारा, 31 मार्च, 2005 के पश्चात् अर्जित और अधिष्ठापित किया गया है, ऐसी मशीनरी या संयंत्र की वास्तविक लागत के बीस प्रतिशत के बराबर की और राशि खंड (ii) के अधीन कटौती के रूप में अनुज्ञात की जाएगी :

परंतु जहां निर्धारिती किसी वस्तु या चीज के विनिर्माण या उत्पादन के कारबार के लिए कोई उपक्रम या उद्यम, आन्ध्र प्रदेश राज्य में या बिहार राज्य में या तेलंगाना राज्य में या पश्चिमी बंगाल राज्य में केंद्रीय सरकार द्वारा इस निमित्त अधिसूचित किसी पिछडे़ क्षेत्र में 1 अप्रैल, 2015 को या उसके पश्चात् प्रतिष्ठापित करता है और उक्त पिछडे़ क्षेत्र में 1 अप्रैल, 2015 को आरंभ होने वाली और 1 अप्रैल, 2020 से पहले समाप्त होने वाली अवधि के दौरान उक्त उपक्रम या उद्यम के प्रयोजनों के लिए कोई नई मशीनरी या संयंत्र (पोत और वायुयान से भिन्न) अर्जित और संस्थापित करता है, तो खंड (iiक) के उपबंध इस प्रकार प्रभावी होंगे, मानों ''बीस प्रतिशत'' शब्दों के स्थान पर, ''पैंतीस प्रतिशत'' शब्द रख दिए गए हों :

परंतु यह और कि

() ऐसी किसी मशीनरी या संयंत्र, जिसका निर्धारिती द्वारा उसका अधिष्ठापन किए जाने से पूर्व किसी अन्य व्यक्ति द्वारा भारत के भीतर या भारत से बाहर प्रयोग किया गया था ; या

() किसी कार्यालय परिसर या किसी निवास-स्थान में, जिसके अंतर्गत अतिथि गृह की प्रकृति की वास-सुविधा भी है, अधिष्ठापित ऐसी किसी मशीनरी या संयत्र; या

() किसी कार्यालय साधित्र या सड़क परिवहन यान; या

() ऐसी किसी मशीनरी या संयंत्र, जिसकी संपूर्ण वास्तविक लागत को, "कारबार या वृत्ति के लाभ और अभिलाभ" शीर्ष के अधीन किसी एक पूर्ववर्ष की प्रभार्य आय की संगणना करने में कटौती के रूप में (चाहे अवक्षयण के रूप में या अन्यथा) अनुज्ञात किया गया है,

के संबंध में कोई कटौती अनुज्ञात नहीं की जाएगी ;

(iii) किसी भवन, मशीनरी, संयंत्र या फर्नीचर की दशा में, जिसकी बाबत अवक्षयण का दावा किया जाए और खंड (i) के अधीन मंजूर किया जाए और जो पूर्ववर्ष में (उस पूर्ववर्ष से भिन्न जिसमें उसका पहली बार प्रयोग किया जाए), बेच दी जाए, हटा दी जाए या गिरा दी जाए या नष्ट कर दी जाए, वह राशि जो ऐसे भवन, मशीनरी, संयंत्र या फर्नीचर की बाबत संदेय धनराशि स्क्रैप मूल्य की राशि, यदि कोई हो, सहित उसके अवलिखित मूल्य से कम रहती है :

परन्तु ऐसी कमी निर्धारिती की पुस्तकों में वास्तव में बट्टे खाते डाल दी जाती है।

स्पष्टीकरण.–इस खंड के प्रयोजनों के लिए—

(1) किसी भवन, मशीनरी, संयंत्र या फर्नीचर की बाबत 'संदेय धनराशियों' के अंतर्गत निम्नलिखित भी है :–

() उनकी बाबत संदेय कोई बीमा, साल्वेज या प्रतिकर;

() जहां भवन, मशीनरी, संयंत्र या फर्नीचर बेचा जाए, वहां वह कीमत जिसमें वह बेचा जाए,

किन्तु इस प्रकार कि जहां मोटर कार की वास्तविक लागत धारा 43 के खंड (1) के परन्तुक के अनुसार पच्चीस हजार रुपये मानी जाए, वहां ऐसी मोटर कार की बाबत संदेय धनराशि वह राशि मानी जाएगी जो उस रकम के, जिसमें मोटर कार बेची जाए, अथवा, यथास्थिति, उसकी बाबत संदेय किसी बीमे, साल्वेज या प्रतिकर धनराशि की रकम (स्क्रैप मूल्य की राशि यदि कोई हो सहित) उस अनुपात में है मानो पच्चीस हजार रुपए की रकम निर्धारिती की मोटर कार की वह वास्तविक लागत है जो उक्त परन्तुक को लागू करने से पूर्व संगणित की गई हो;

(2) 'विक्रीत' शब्द के अन्तर्गत तत्समय लागू किसी विधि के अधीन विनिमय या अनिवार्य अर्जन के रूप में अंतरण भी है किंतु समामेलन कंपनी द्वारा समामेलित कंपनी के जहां समामेलित कंपनी एक भारतीय कंपनी है किसी आस्ति के समामेलन संबंधी स्कीम में या बैंककारी कंपनी द्वारा बैंककारी संस्था की किसी आस्ति या बैंककारी विनियम अधिनियम, 1949 (1949 का 10) की धारा 5 के खंड () में यथानिर्दिष्ट किसी बैंककारी कंपनी के उक्त अधिनियम की धारा 45 की उपधारा (15) में निर्दिष्ट किसी बैंककारी संस्था के साथ समामेलन की ऐसी स्कीम में, जो उस अधिनियम की धारा 45 की उपधारा (1) के अधीन केंद्रीय सरकार द्वारा मंजूर की गई या प्रवर्तन में लाई गई हो अंतरण इसमें शामिल नहीं हैं।

(iv) [* * *]

(v) [* * *]

(vi) [* * *]

(1क) [* * *]

(2)जहां निर्धारिती के निर्धारण में उपधारा (1) के अधीन कोई मोक किसी पूर्ववर्ष में इस कारण कि उस पूर्ववर्ष के लिए प्रभार्य कोई लाभ या अभिलाभ नहीं है या इस कारण कि प्रभार्य लाभ या अभिलाभ मोक से कम है, पूर्णत: प्रभावी नहीं किया जा सकता वहां धारा 72 की उपधारा (2) और धारा 73 की उपधारा (3) के उपबंधों के अधीन रहते हुए, यथास्थिति, मोक या उस मोक का वह भाग, जिसे प्रभावी नहीं किया गया है, अगले पूर्ववर्ष के लिए अवक्षयण मोक की रकम में जोड़ा जाएगा और उस मोक का भाग समझा जाएगा, या यदि उस पूर्ववर्ष के लिए मोक नहीं है तो उस पूर्ववर्ष के लिए मोक समझा जाएगा और इसी प्रकार उत्तरवर्ती पूर्ववर्षों के लिए चलता रहेगा।

 

1. वित्त अधिनियम, 2021 द्वारा 1.4.2021 से अंत:स्थापित।

*खंड पढ़ा जाना चाहिए।

उपखंड पढ़ा जाना चाहिए।

 

 

 

[वित्त अधिनियम, 2021 द्वारा संशोधित रूप में]

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