आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

मुख्य सामग्री पर जाने के लिए यहां क्लिक करें
शब्द आकार
सैचुरेशन
मदद

धारा 294क

कुछ संघ राज्यक्षेत्रों के संबंध में छूट आदि देने की शक्ति

धारा

धारा संख्या

294क

अध्याय शीर्षक

अध्याय XXIII - विविध

अधिनियम

आय-कर अधिनियम, 1961

वर्ष

2002

कुछ संघ राज्यक्षेत्रों के संबंध में छूट आदि देने की शक्ति

कुछ संघ राज्यक्षेत्रों के संबंध में छूट आदि देने की शक्ति

9[कुछ संघ राज्यक्षेत्रों के संबंध में छूट आदि देने की शक्ति

294क. यदि केन्द्रीय सरकार यह समझती है कि किसी कठिनार्इ या विसंगति से बचने के लिए या दादरा और नागर हवेली, गोवा*, दमन और दीव तथा पांडिचेरी को इस अधिनियम के लागू होने के परिणामस्वरूप उत्पन्न होने वाली किसी कठिनार्इ को दूर करने के लिए या पांडिचेरी संघ राज्यक्षेत्र की दशा में 28 मर्इ, 1956 को फ्रांस तथा भारत के बीच की गयी सत्तान्तरण संधि के किसी उपबंध को क्रियान्वित करने के लिए ऐसा करना आवश्यक या समीचीन है, तो वह सरकार, साधारण या विशेष आदेश द्वारा, किसी निर्धारिती या निर्धारितियों के किसी वर्ग की संपूर्ण आय या उसके किसी भाग की बाबत या किसी निर्धारिती या निर्धारितियों के किसी वर्ग के पक्ष में आय-कर या अतिकर के बारे में छूट दर में कमी अथवा अन्य उपांतरण कर सकेगी :

परन्तु इस धारा द्वारा प्रदत्त शक्ति का प्रयोग 31 मार्च, 1967 के पश्चात् केवल पहले से दी गयी किसी छूट, कमी या उपान्तरण को विखंडित करने के प्रयोजन के लिए ही किया जा सकेगा।]

 

9. कराधान विधि (संघ राज्यक्षेत्रों पर विस्तार) विनियम, 1963 द्वारा 1.4.1963 से अंत:स्थापित।

* गोवा अब राज्य बन गया है।

 

 

[वित्त अधिनियम, 2002 द्वारा संशोधित रूप में]

फ़ुटनोट