कुछ दशाओं में निर्धारितियों संबंधी जानकारी का प्रकाशन
कुछ दशाओं में निर्धारितियों संबंधी जानकारी का प्रकाशन
287. (1) यदि केन्द्रीय सरकार की राय है कि किन्हीं निर्धारितियों के नाम और ऐसे निर्धारितियों के बारे में इस अधिनियम के अधीन किन्हीं कार्यवाहियों या अभियोजनों के संबंध में किन्हीं अन्य विशिष्टियों का प्रकाशित किया जाना लोकहित में आवश्यक या समीचीन है तो वह ऐसे नामों और तथ्यों को ऐसी रीति से, जो वह ठीक समझे, प्रकाशित करवा सकेगी।
(2) इस अधिनियम के अधीन अधिरोपित किसी शास्ति के संबंध में इस धारा के अधीन कोई प्रकाशन तब तक नहीं किया जाएगा जब तक 1[संयुक्त आयुक्त (अपील) या आयुक्त (अपील)] को अपील प्रस्तुत करने का समय बिना अपील प्रस्तुत किए समाप्त न हो गया हो, यदि अपील प्रस्तुत की गई हो तो उसका निपटारा न हो गया हो।
स्पष्टीकरण.–यथास्थिति, किसी फर्म, कंपनी या व्यक्तियों के अन्य संगम की दशा में फर्म के भागीदारों, कंपनी के निदेशकों, प्रबंध अभिकर्ताओं, सचिवों और कोषपालों या प्रबंधकों अथवा संगम के सदस्यों के नाम भी प्रकाशित किए जा सकेंगे, यदि केन्द्रीय सरकार की राय में मामले की परिस्थितियों में ऐसा न्यायोचित हो।
[वित्त अधिनियम, 2024 द्वारा संशोधित रूप में]

