कुछ मामलों में राजस्व की रक्षा के लिए अनंतिम लगाव
55[कुछ दशाओं में राजस्व के संरक्षण के लिए अनन्तिम कुर्की
281ख. (1) जहां किसी आय के निर्धारण की अथवा किसी ऐसी आय के, जो निर्धारण से छूट गर्इ है, निर्धारण या पुनर्निर्धारण की कार्यवाही के लंबित रहते हुए 56[निर्धारण] अधिकारी की यह राय है कि राजस्व के हितों की रक्षा के प्रयोजन के लिए ऐसा करना आवश्यक है वहां वह 57[मुख्य आयुक्त, आयुक्त, महानिदेशक या निदेशक] के पूर्व अनुमोदन से, लिखित आदेश द्वारा, उस निर्धारिती की किसी संपत्ति को दूसरी अनुसूची में दी गर्इ रीति से अनंतिम रूप से कुर्क कर सकता है।
58[स्पष्टीकरण.–इस उपधारा के प्रयोजनों के लिए धारा 132 की उपधारा (5) के अधीन कार्यवाही, आय के निर्धारण की अथवा किसी ऐसी आय के, जो निर्धारण से छूट गर्इ है, निर्धारण या पुन: निर्धारण की कार्यवाही समझी जाएंगी।]
(2) ऐसी प्रत्येक अनन्तिम कुर्की उपधारा (1) के अधीन किए गए आदेश की तारीख से छह मास की अवधि की समाप्ति के पश्चात् निष्प्रभावी हो जाएगी :
परन्तु 59[मुख्य आयुक्त, आयुक्त, महानिदेशक या निदेशक] ऐसे कारणों से जो लेखबद्ध किए जायेंगे, पूर्वोक्त, कालावधि को इतनी अतिरिक्त अवधि या अवधियों के लिए बढ़ा सकता है, जो वह ठीक समझे किन्तु विस्तार की कुल अवधि किसी भी दशा में दो वर्ष से अधिक नहीं होगी :]
60[परन्तु यह और कि जहां धारा 245ग के अधीन समझौते के लिए कोर्इ आवेदन किया जाता है वहां ऐसा आवेदन किए जाने की तारीख से प्रारम्भ होने वाली और धारा 245घ की उपधारा (1) के अधीन आदेश किए जाने की तारीख को समाप्त होने वाली अवधि पूर्वगामी परंतुक में विनिर्दिष्ट अवधि में से निकाल दी जाएगी।]
55. कराधान विधि (संशोधन) अधिनियम, 1975 द्वारा 1.10.1975 से अंत:स्थापित।
56. प्रत्यक्ष कर विधि (संशोधन) अधिनियम, 1987 द्वारा 1.4.1988 से "आय-कर" के स्थान पर प्रतिस्थापित।
57. वित्त अधिनियम, 1997 द्वारा 1.10.1996 से भूतलक्षी रूप से "मुख्य आयुक्त या आयुक्त" के स्थान पर प्रतिस्थापित। इससे पहले "मुख्य आयुक्त या आयुक्त" शब्द प्रत्यक्ष कर विधि (संशोधन) अधिनियम, 1987 द्वारा 1.4.1988 से "आयुक्त" के स्थान पर रखे गए थे।
58. वित्त अधिनियम, 1988 द्वारा 1.4.1988 से अंत:स्थापित।
59. वित्त अधिनियम, 1997 द्वारा 1.10.1996 से भूतलक्षी रूप से "मुख्य आयुक्त या आयुक्त" के स्थान पर रखा गया। इससे पहले "मुख्य आयुक्त या आयुक्त" शब्द प्रत्यक्ष कर विधि (संशोधन) अधिनियम, 1987 द्वारा 1.4.1988 से "आयुक्त" के स्थान पर रखे गए थे।
60. वित्त अधिनियम, 1988 द्वारा 1.4.1988 से अंत:स्थापित।
[वित्त अधिनियम, 2000 द्वारा संशोधित रूप में]

