कुछ दशाओं में दंड अधिरोपित न किया जाना
57[कुछ दशाओं में दंड अधिरोपित न किया जाना
278कक. धारा 276क, धारा 276कख 58[या धारा 276ख] के उपबंधों में किसी बात के होते हुए भी, कोर्इ व्यक्ति, उक्त उपबंधों में उल्लिखित किसी असफलता के लिए दण्डनीय नहीं होगा; यदि वह यह साबित कर देता है, कि ऐसी असफलता के लिए युक्तियुक्त कारण59था।]
57. कराधान विधि (संशोधन और प्रकीर्ण उपबंध) अधिनियम, 1986 द्वारा 10.9.1986 से अंत:स्थापित।
58. प्रत्यक्ष कर विधि (संशोधन) अधिनियम, 1987 द्वारा 1.4.1989 से "धारा 276ख, धारा 276घघ या धारा 276ड़" के स्थान पर प्रतिस्थापित।
59. "युक्तियुक्त कारण" पद के अर्थ के लिए, देखिए टैक्समैन्स डायरेक्ट टैक्सेज मैनुअल, खंड 3.
[वित्त अधिनियम, 2012 द्वारा संशोधित रूप में]

