कर वसूली को विफल करने के लिए सम्पत्ति को हटाना, छिपाना या उसका अंतरण या परिदान
28[कर वसूली को विफल करने के लिए सम्पत्ति को हटाना, छिपाना या उसका अंतरण या परिदान
276. जो कोर्इ किसी सम्पत्ति को या उसमें किसी हित को द्वितीय अनुसूची के उपबंधों के अधीन प्रमाणपत्र के निष्पादन में उस संपत्ति या उसमें हित को लिए जाने से निवारित करने के आशय से कपटपूर्वक हटाएगा, छिपाएगा, किसी व्यक्ति29को अंतरित करेगा या परिदान करेगा, वह कठोर कारावास से जिसकी अवधि दो वर्ष तक हो सकेगी और जुर्माने से भी दण्डनीय होगा।]
28. प्रत्यक्ष कर विधि (संशोधन) अधिनियम, 1987 द्वारा 1.4.1989 से अंत:स्थापित। संदाय करने या वापस परिदान करने में असफलता विषयक मूल धारा का, जो वित्त अधिनियम, 1968 द्वारा 1.4.1968 से और कराधान विधि (संशोधन) अधिनियम, 1970 द्वारा 1.4.1971 से संशोधित की गर्इ थी, कराधान विधि (संशोधन) अधिनियम, 1975 द्वारा 1.4.1976 से लोप किया गया था।
29. "व्यक्ति" पद के अर्थ के लिए, देखिए टैक्समैन्स डायरेक्ट टैक्सेज मैनुअल, खंड 3.
[वित्त अधिनियम, 2012 द्वारा संशोधित रूप में]

