धारा 139क के उपबंधों का पालन करने में असफल रहने के लिए शास्ति
धारा 139क के उपबंधों का पालन करने में असफल रहने के लिए शास्ति
272ख. (1) यदि कोर्इ व्यक्ति, धारा 139क के उपबंधों का पालन करने में असफल रहता है, तो निर्धारण अधिकारी यह निदेश दे सकेगा कि ऐसा व्यक्ति, शास्ति के रूप में, दस हजार रुपए का संदाय करेगा।
(2) यदि कोर्इ व्यक्ति, जिसके धारा 139क की उपधारा (5) के खंड (ग) में निर्दिष्ट किसी दस्तावेज में अपना 43क[यथास्थिति, स्थायी खाता संख्याक या आधार संख्याक] कोट करने या उस धारा की उपधारा (5क) या उपधारा (5ग) की अपेक्षानुसार ऐसा संख्यांक संसूचित करने की अपेक्षा की जाती है, ऐसे किसी संख्यांक को कोट करता है या संसूचित करता है, जो मिथ्या है, और जो उसकी जानकारी या विश्वास से मिथ्या है, या उसका यह विश्वास है कि वह सही नहीं है, तो निर्धारण अधिकारी यह निदेश दे सकेगा कि ऐसा व्यक्ति शास्ति के रूप में 43ख[ऐसे प्रत्येक व्यत्तिक्रम के लिए दस हजार रुपए] का संदाय करेगा।
43ग[(2क) यदि कोर्इ व्यक्ति, जिससे धारा 139क की उपधारा (6क) में निर्दिष्ट दस्तावेजों में, अपना, यथास्थिति, स्थायी खाता संख्यांक या आधार संख्यांक उत्कथित करने या उक्त उपधारा के उपबंधों के अनुसार ऐसे संख्यांक को अधिप्रमाणित करने की अपेक्षा की जाती है, ऐसा करने में असफल रहता है, तो निर्धारण अधिकारी यह निदेश दे सकेगा कि ऐसा व्यक्ति शास्ति के रूप में ऐसे प्रत्येक व्यक्तिक्रम के लिए दस हजार रुपए की राशि का संदाय करेगा;
(2ख) यदि कोर्इ व्यक्ति, जिससे यह सुनिश्चित करने की अपेक्षा की जाती है कि, यथास्थिति, स्थायी खाता संख्यांक या आधार संख्यांक,—
(i) धारा 139क की उपधारा (5) के खंड (ग) या उपधारा (6क) में विहित संव्यवहारों से संबंधित दस्तावेजों में सम्यक् रूप से उत्कथित किया गया है; या
(ii) उक्त धारा की उपधारा (6क) के अधीन निर्दिष्ट संव्यवहार की बाबत सम्यक् रूप से अधिप्रमाणित किया गया है,
ऐसा करने में असफल रहता है, तो निर्धारण अधिकारी यह निदेश दे सकेगा कि ऐसा व्यक्ति शास्ति के रूप में ऐसे प्रत्येक व्यक्तिक्रम के लिए दस हजार रुपए की राशि का संदाय करेगा]
(3) उपधारा (1) या उपधारा (2) 43घ[या उपधारा (2क) या उपधारा (2ख)] के अधीन कोर्इ आदेश तब तक पारित नहीं किया जाएगा जब तक कि ऐसे व्यक्ति को, जिस पर शास्ति अधिरोपित किए जाने का प्रस्ताव है, मामले में सुने जाने का अवसर नहीं दिया जाता।
43क. वित्त (सं. 2) अधिनियम, 2019 द्वारा 1.9.2019 से "स्थायी खाता संख्याक" शब्दों के स्थान पर प्रतिस्थापित।
43ख. वित्त (सं. 2) अधिनियम, 2019 द्वारा 1.9.2019 से "दस हजार रुपए" के स्थान पर प्रतिस्थापित।
43ग. वित्त (सं. 2) अधिनियम, 2019 द्वारा 1.9.2019 से अंत:स्थापित।
43घ. वित्त (सं. 2) अधिनियम, 2019 द्वारा 1.9.2019 से अंत:स्थापित।
[वित्त अधिनियम, 2020 द्वारा संशोधित रूप में]

