आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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धारा 271ज

विवरण, आदि प्रस्तुत करने में असफल रहने के लिए शास्ति

धारा

धारा संख्या

271ज

अध्याय शीर्षक

अध्याय XXI - शास्तियां दंड

अधिनियम

आय-कर अधिनियम, 1961

वर्ष

2022

विवरण, आदि प्रस्तुत करने में असफल रहने के लिए शास्ति

विवरण, आदि प्रस्तुत करने में असफल रहने के लिए शास्ति

विवरण, आदि प्रस्तुत करने में असफल रहने के लिए शास्ति

271ज. (1) अधिनियम के उपबंधों पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, निर्धारण अधिकारी यह निदेश दे सकेगा कि कोर्इ व्यक्ति शास्ति के रूप में संदाय करेगा, यदि वह–

() धारा 200 की उपधारा (3) या धारा 206ग की उपधारा (3) के परंतुक में विहित समय के भीतर कोर्इ विवरण परिदत्त करने में या परिदत्त कराने में असफल रहता है; या

() उस विवरण में, जो धारा 200 की उपधारा (3) या धारा 206ग की उपधारा (3) के परंतुक के अधीन परिदत्त किया जाना या कराया जाना अपेक्षित है, गलत जानकारी प्रस्तुत करता है।

(2) उपधारा (1) में निर्दिष्ट शास्ति ऐसी राशि की होगी, जो दस हजार रुपए से कम की नहीं होगी, किन्तु जो एक लाख रुपए तक की हो सकेगी।

(3) इस धारा के पूर्वगामी उपबंधों में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, उपधारा (1) के खंड () में निर्दिष्ट असफलता के लिए कोर्इ शास्ति ऐसी दशा में उद्गृहीत नहीं की जाएगी, यदि वह व्यक्ति यह साबित कर देता है कि काटे गए या संगृहीत कर का ऐसी फीस और ब्याज के साथ, यदि कोर्इ हो, केंद्रीय सरकार के खाते में संदाय करने के पश्चात् उसने धारा 200 की उपधारा (3) या धारा 206ग की उपधारा (3) के परंतुक में निर्दिष्ट विवरण को, ऐसे विवरण को परिदत्त करने या परिदत्त कराने के लिए विहित समय से एक वर्ष की अवधि की समाप्ति से पूर्व, परिदत्त कर दिया था या परिदत्त करा दिया था।

(4) इस धारा के उपबंध धारा 200 की उपधारा (3) या धारा 206ग की उपधारा (3) के परंतुक में निर्दिष्ट किसी ऐसे विवरण को लागू होंगे, जो 1 जुलार्इ, 2012 को या उसके पश्चात्, यथास्थिति, स्रोत पर काटे गए कर या स्रोत पर संगृहीत कर के लिए परिदत्त किया जाना है या परिदत्त कराया जाना है।

 

 

 

[वित्त अधिनियम, 2022 द्वारा संशोधित रूप में]

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