निश्चित आय के संबंध में दंड
89ज[निश्चित आय के संबंध में दंड
271ककग. (1) निर्धारण अधिकारी, इस अधिनियम की धारा 271ककख के प्रावधानों के अलावा अन्य कुछ भी निहित होते हुए भी निर्देश दे सकते हैं कि, ऐसे मामले में, जहां निर्धारित आय में, धारा 68, धारा 69, धारा 69क, धारा 69ख, धारा 69ग या धारा 69घ में संदर्भित आय को किसी भी पिछले वर्ष के लिए शामिल किया गया है, निर्धारिती दंड के रूप में, धारा 115खखड़ के तहत देय कर के अतिरिक्त, देय कर की दस प्रतिशत की दर पर गणना की गर्इ राशि का भुगतान, धारा 115खखड़ की उप-धारा (1) के वाक्यांश (i) के तहत भुगतान करेगा।
बशर्ते कि धारा 68, धारा 69, धारा 69क, धारा 69ख, धारा 69ग या धारा 69घ में संदर्भित आय पर, उस सीमा तक कोर्इ दंड नहीं लगाया जाएगा जिस सीमा तक ऐसी आय को निर्धारिती द्वारा धारा 139 के तहत प्रस्तुत की गर्इ आयकर विवरणी में शामिल कर लिया गया हो और धारा 115खखड़ के वाक्यांश (i) की उप-धारा (1) के प्रावधानों के तहत, प्रासंगिक पिछले वर्ष के अंत से पहले या के अनुसार भुगतान कर दिया गया है।
(2) धारा 270क के प्रावधानों के तहत, उप-धारा (1) में निर्दिष्ट आय के संबंध में, निर्धारिती पर कोर्इ दंड नहीं लगाया जाएगा।
(3) धारा 274 और 275 के प्रावधानों को, जहां तक लागू करना संभव है, इस धारा में संदर्भित दंड के संबंध में लागू किया जाएगा।]
89ज. कराधान विधि (दूसरा संशोधन) अधिनियम, 2016 द्वारा 1.4.2017 से अंत:स्थापित।
[वित्त अधिनियम, 2017 द्वारा संशोधित रूप में]

