आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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धारा 269धन

संव्यवहार करने का ढंग

धारा

धारा संख्या

269धन

अध्याय शीर्षक

अध्याय XXख - करापवंचन प्रतिक्रिया करने के लिए कुछ मामलों में स्वीकृति, भुगतान या भुगतान की विधि के रूप में आवश्यकता

अधिनियम

आय-कर अधिनियम, 1961

वर्ष

2017

संव्यवहार करने का ढंग

संव्यवहार करने का ढंग

90क[संव्यवहार करने का ढंग

269धन. कोर्इ व्यक्ति दो लाख रुपए या अधिक की–

() किसी व्यक्ति से एक दिन में सकल रकम; या

() किसी एकल संव्यवहार के संबंध में; या

() किसी एक घटना या अवसर के संबंध में किन्हीं संव्यवहारों की बाबत किसी व्यक्ति से,

किसी पाने वाले के खाते में देय चेक या पाने वाले के खाते में देय बैंक ड्राफ्ट या किसी बैंक खाते के माध्यम से इलैक्ट्रानिक निकासी प्रणाली के सिवाय प्राप्त नहीं करेगा:

परंतु इस धारा के उपबंध–

(i) निम्नलिखित द्वारा किसी प्राप्ति को लागू नहीं होंगे–

() सरकार;

() किसी बैंककारी कंपनी, डाकघर बचत बैंक या सहकारी बैंक;

(ii) धारा 269धध में निर्दिष्ट प्रकृति के संव्यवहारों को लागू नहीं होंगे;

(iii) ऐसे अन्य व्यक्तियों के वर्ग या प्राप्तियों को लागू नहीं होंगे, जिन्हें केंद्रीय सरकार, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा विनिर्दिष्ट करे।

स्पष्टीकरण–इस धारा के प्रयोजनों के लिए,–

() "बैंककारी कंपनी" का वही अर्थ होगा जो धारा 269धध के स्पष्टीकरण के खंड (i) में उसका है;

() "सहकारी बैंक" का वही अर्थ होगा जो धारा 269धध के स्पष्टीकरण के खंड (ii) में उसका है।]

 

90क. वित्त अधिनियम, 2017 द्वारा 1.4.2017 से अंत:स्थापित।

 

 

 

[वित्त अधिनियम, 2017 द्वारा संशोधित रूप में]

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