अपील पर निर्धारण का संशोधन
55[अपील पर निर्धारण का संशोधन
267. जहां धारा 246 56[या धारा 246क] या धारा 253 के अधीन अपील के परिणामस्वरूप, व्यष्टि-निकाय या व्यक्ति-संगम के निर्धारण में कोर्इ तब्दीली की जाती है अथवा व्यष्टि-निकाय या व्यक्ति-संगम का नया निर्धारण करने का आदेश दिया जाता है, वहां 57[* * *] यथास्थिति, आयुक्त (अपील) या अपील अधिकरण ऐसा आदेश पारित करेगा जिसमें वह निर्धारण अधिकारी को प्राधिकृत करेगा कि वह उस निकाय या संगम के किसी सदस्य पर किए गए निर्धारण का संशोधन करे अथवा उस निकाय या संगम के किसी सदस्य पर नए सिरे से निर्धारण करे।]
55. वित्त अधिनियम, 1992 द्वारा 1.4.1993 से प्रतिस्थापित। इससे पूर्व धारा 267, जो वित्त (सं. 2) अधिनियम, 1977 द्वारा 10.7.1978 से, प्रत्यक्ष कर विधि (संशोधन) अधिनियम, 1987 द्वारा 1.4.1988/1.4.1989 से और प्रत्यक्ष कर विधि (संशोधन) अधिनियम, 1989 द्वारा 1.4.1989 से संशोधित की गर्इ थी, इस प्रकार थी:
"267. अपील पर निर्धारण का संशोधन–जहां धारा 246 या धारा 253 के अधीन अपील के परिणामस्वरूप किसी फर्म या व्यष्टि-निकाय या व्यक्ति-संगम के निर्धारण में कोर्इ परिवर्तन किया जाता है अथवा फर्म, व्यष्टि-निकाय या व्यक्ति-संगम को पुनर्निधारण किए जाने का आदेश किया जाता है वहां यथास्थिति, उपायुक्त (अपील) या आयुक्त (अपील) या अपील अधिकरण, आदेश पारित करके फर्म के किसी भागीदार अथवा निकाय या संगम के किसी सदस्य पर किए गए निर्धारण का संशोधन करने के लिए या फर्म की किसी भागीदार या निकाय या संगम के किसी सदस्य पर तथा निर्धारण करने के लिए निर्धारण अधिकारी को प्राधिकृत करेगा।"
56. वित्त अधिनियम, 2000 द्वारा 1.6.2000 से अंत:स्थापित।
57. वित्त (सं. 2) अधिनियम, 1998 द्वारा 1.10.1998 से "उपायुक्त (अपील)" शब्दों का लोप किया गया।
[वित्त अधिनियम, 2001 द्वारा संशोधित रूप में]

