सह-स्वामियों के स्वामित्वाधीन संपत्ति
सह-स्वामियों के स्वामित्वाधीन संपत्ति
426. 5जहां भवनों या भवनों और उनसे अनुलग्न भूमियों के रूप में संपत्ति दो या अधिक व्यक्तियों के स्वामित्वाधीन है और उनके अपने-अपने अंश निश्चित और अभिनिश्चित हैं वहां ऐसे व्यक्तियों का ऐसी संपत्ति की बाबत निर्धारण व्यक्तियों के संगम के रूप में नहीं किया जाएगा, किन्तु धारा 22 से धारा 25 तक के अनुसार यथा संगणित उस संपत्ति से मिलने वाली आय में प्रत्येक ऐसे व्यक्ति का अंश उसकी कुल आय में सम्मिलित किया जाएगा।
6[स्पष्टीकरण.–इस धारा के प्रयोजनों के लिए, इस धारा में निर्दिष्ट ऐसे प्रत्येक व्यक्ति के अंश की संगणना करने के लिए धारा 23 की उपधारा (2) के उपबंधों को लागू करने में, ऐसे अंश की संगणना इस प्रकार की जाएगी मानो ऐसा प्रत्येक व्यक्ति उस उपधारा में उपबंधित राहत का व्यक्तिगत रूप से हकदार है।]
4. पत्र फा.सं. 45/230/63-आर्इ.टी.जे., तारीख 22.2.1965 भी देखिये।
5. सुसंगत केस लाज़ देखिये।
6. कराधान विधि (संशोधन) अधिनियम, 1975 द्वारा 1.4.1976 से अंत:स्थापित।
[वित्त अधिनियम, 2015 द्वारा संशोधित रूप में]

