ऐसे मामलों के लिए विशेष उपबंध जहां कटौती के रूप में अनुज्ञात वसूल न किया गया किराया तत्पश्चात् वसूल किया जाए
49[ऐसे मामलों के लिए विशेष उपबंध जहां कटौती के रूप में अनुज्ञात वसूल न किया गया किराया तत्पश्चात् वसूल किया जाए
25क. जहां किसी वर्ष के लिए निर्धारण में किसी किराएदार को किराए पर दी गर्इ संपत्ति से ऐसे किराए की बाबत जिसे निर्धारिती वसूल नहीं कर सकता है और तत्पश्चात् किसी पूर्ववर्ष के दौरान निर्धारिती ने ऐसे किराए की बाबत कोर्इ रकम वसूल की है, धारा 24 की उपधारा (1) के खण्ड (x) के अधीन कोर्इ कटौती की गर्इ है वहां इस प्रकार वसूल की गर्इ रकम "गृह संपत्ति से आय" शीर्ष के अधीन प्रभार्य समझी जाएगी और तदनुसार उस पूर्ववर्ष की आय के रूप में (धारा 23 या धारा 24 के अधीन कोर्इ कटौती किए बिना) आय-कर से प्रभारित की जाएगी, चाहे ऐसा निर्धारिती उस वर्ष में उस संपत्ति का स्वामी हो या नहीं।]
49. कराधान विधि (संशोधन) अधिनियम, 1984 द्वारा 1.4.1985 से अंत:स्थापित।
[वित्त अधिनियम, 2000 द्वारा संशोधित रूप में]

