अपील अधिकरण के आदेश
अपील अधिकरण के आदेश
254. (1) अपील अधिकरण, अपील के दोनों पक्षकारों को सुनवार्इ का अवसर देने के पश्चात् उस पर ऐसे आदेश पारित कर सकेगा जो वह ठीक समझे।
(1क) [* * *]
(2) अपील अधिकरण, उस मास के, जिसमें आदेश पारित किया गया था, अंत से छह मासके भीतर किसी समय उपधारा (1) के अधीन उसके द्वारा पारित किसी आदेश का संशोधन, किसी ऐसी भूल को ठीक करने की दृष्टि से कर सकेगा जो अभिलेख से प्रकट है और यदि भूल की ओर उसका ध्यान निर्धारिती या निर्धारण अधिकारी द्वारा दिलाया जाता है तो ऐसा संशोधन करेगा :
परन्तु ऐसा संशोधन, जिसके परिणामस्वरूप निर्धारण में वृद्धि होती है, या प्रतिदाय में कमी हो जाती है या निर्धारिती का दायित्व अन्यथा बढ़ जाता है, इस उपधारा के अधीन तब तक नहीं किया जाएगा जब तक कि अपील अधिकरण ने निर्धारिती को ऐसा करने के अपने आशय की सूचना न दे दी हो और निर्धारिती को सुनवार्इ का उचित अवसर न दे दिया गया हो:
परन्तु यह और कि 1 अक्तूबर, 1998 को या उसके पश्चात् इस उपधारा में निर्धारिती द्वारा फाइल किए गए किसी आवेदन के साथ पचास रुपए की फीस होगी।
(2क) प्रत्येक अपील में, अपील अधिकरण, उस वित्तीय वर्ष के अंत से, जिसमें ऐसी अपील धारा 253 की उपधारा (1) या उपधारा (2) के अधीन फाइल की जाए, चार वर्ष की अवधि के भीतर, जहां संभव हो, ऐसी अपील की सुनवार्इ और उस पर विनिश्चय कर सकेगा :
परन्तु अपील अधिकरण निर्धारिती द्वारा किए गए आवेदन के गुणागुण पर विचार करने के पश्चात् धारा 253 की उपधारा (1) के अधीन फाइल की गर्इ किसी अपील से संबंधित किन्हीं कार्यवाहियों में, ऐसे आदेश की तारीख से 37क[इस शर्त के अधीन रहते हुए कि निर्धारिती इस अधिनियम के उपबंधों के अधीन संदेय कर, ब्याज, फीस, शास्ति या किसी अन्य राशि का कम से कम बीस प्रतिशत जमा करता है या उसके संबंध में उसके समान रकम की प्रतिभूति देता है] एक सौ अस्सी दिन से अनधिक की अवधि के लिए रोक आदेश पारित कर सकेगा और अपील अधिकरण उस आदेश में विनिर्दिष्ट रोक की उक्त अवधि के भीतर अपील का निपटारा करेगा :
37ख[परंतु यह और कि अपील अधिकरण द्वारा रोक का विस्तार तब तक वहां मंजूर नहीं किया जाएगा, जहां ऐसी अपील का निपटारा, रोक आदेश में यथाविनिर्दिष्ट रोक की अवधि के भीतर नहीं किया जाता है, जब तक निर्धारिती कोर्इ आवेदन नहीं करता है और उसने पहले परंतुक में निर्दिष्ट शर्त का अनुपालन न कर दिया हो और अपील अधिकरण का यह समाधन हो जाता है कि अपील का निपटारा करने में विलंब निर्धारिती के कारण हुआ नहीं माना जा सकता, किन्तु रोक की आरंभिक रूप से अनुज्ञात कुल अवधि और इस प्रकार विस्तारित रोक की अवधि तीन सौ पैंसठ दिन से अधिक नहीं होगी और अपील अधिकरण इस प्रकार विस्तारित या अनुज्ञात रोक की अवधि या अवधियों के भीतर अपील का निपटारा करेगा।]
परन्तु यह भी कि यदि ऐसी अपील का पहले परंतुक के अधीन अनुज्ञात अवधि या दूसरे परंतुक के अधीन विस्तारित या अनुज्ञात अवधि या अवधियों के भीतर, जो किसी भी दशा में तीन सौ पैंसठ दिन से अधिक की नहीं होगी या होंगी, इस प्रकार निपटारा नहीं किया जाता है तो रोक आदेश ऐसी अवधि या अवधियों की समाप्ति के पश्चात् निष्प्रभावी हो जाएगा भले ही अपील का निपटारा करने में विलंब निर्धारिती की ओर से नहीं हुआ है।
(2ख) अपील प्राधिकरण में अपील का खर्चा उस अधिकरण के विवेकानुसार होगा।
(3) अपील अधिकरण इस धारा के अधीन पारित किन्हीं आदेशों की प्रति निर्धारिती को और प्रधान आयुक्त या आयुक्त को भेजेगा।
(4) धारा 256 या धारा 260क में उपबंधित के सिवाय, अपील अधिकरण द्वारा अपील में पारित आदेश अंतिम होंगे।
37क. वित्त अधिनियम, 2020 द्वारा 1.4.2020 से अंत:स्थापित।
37ख. वित्त अधिनियम, 2020 द्वारा 1.4.2020 से प्रतिस्थापित। प्रतिस्थापन से पूर्व परंतुक निम्न प्रकार था:
"परन्तु यह और कि जहां ऐसी अपील का उस प्रकार निपटारा रोक आदेश में यथाविनिर्दिष्ट रोक की उक्त अवधि के भीतर नहीं किया जाता है वहां अपील अधिकरण निर्धारिती द्वारा इस निमित्त किए गए आवेदन पर और यह समाधान हो जाने पर कि अपील का निपटारा करने में विलंब निर्धारिती के कारण नहीं हुआ है, रोक की अवधि को बढ़ा सकेगा या ऐसी अतिरिक्त अवधि या अवधियों के लिए रोक आदेश पारित कर सकेगा, जो वह ठीक समझे; किंतु आरंभिक रूप से अनुज्ञात अवधि और इस प्रकार बढ़ार्इ गर्इ या अनुज्ञात अवधि या अवधियों का योग किसी भी दशा में तीन सौ पैंसठ दिन से अधिक नहीं होगा और अपील अधिकरण इस प्रकार बढ़ार्इ गर्इ या अनुज्ञात की गर्इ रोक की अवधि या अवधियों के भीतर अपील का निपटारा करेगा :"
[वित्त अधिनियम, 2020 द्वारा संशोधित रूप में]

