आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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धारा 253

अपील अधिकरण को अपीलें

धारा

धारा संख्या

253

अध्याय शीर्षक

अध्याय XX - अपील और संशोधन

अधिनियम

आय-कर अधिनियम, 1961

वर्ष

2019 (सं.2)

अपील अधिकरण को अपीलें

अपील अधिकरण को अपीलें

अपील अधिकरण को अपीलें

253. (1) कोर्इ निर्धारिती, जो निम्नलिखित आदेशों में से किसी से व्यथित है, ऐसे आदेश के विरुद्ध अपील अधिकरण को अपील कर सकेगा–

() वह आदेश जो 1 अक्तूबर, 1998 से पूर्व धारा 154, धारा 250, धारा 270क , धारा 271, धारा 271क 36[धारा 271ञ] या धारा 272क के अधीन यथास्थिति, उपायुक्त (अपील) या आयुक्त (अपील) द्वारा पारित किया गया है, या

() वह आदेश जो 30 जून, 1995 के पश्चात् किन्तु 1 जनवरी, 1997 से पूर्व, धारा 132 के अधीन आरम्भ की गर्इ तलाशी या धारा 132क के अधीन अध्यपेक्षित लेखा बहियों, अन्य दस्तावेजों या किन्हीं आस्तियों की बाबत धारा 158खग के खंड ()के अधीन निर्धारण अधिकारी द्वारा पारित किया गया हो; या

(खक) वह आदेश जो धारा 115फयग की उपधारा (1) के अधीन किसी निर्धारण अधिकारी द्वारा पारित किया गया हो;

() वह आदेश जो धारा 12कक के अधीन या धारा 80छ की उपधारा (5) के खंड (vi) के अधीन या धारा 263 के अधीन या धारा 270क के अधीन या धारा 271 के अधीन या धारा 272क के अधीन प्रधान आयुक्त या आयुक्त द्वारा पारित किया गया है, या वह आदेश जो उसके द्वारा धारा 263 के अधीन अपने आदेश का संशोधन करते हुए धारा 154 के अधीन पारित किया गया है या वह आदेश जो धारा 272क के अधीन किसी प्रधान मुख्य आयुक्त या मुख्य आयुक्त या प्रधान महानिदेशक या महानिदेशक या प्रधान निदेशक या निदेशक द्वारा पारित किया गया है; या

() विवाद समाधान पैनल के निदेशों के अनुसरण में धारा 143 की उपधारा (3) या धारा 147 या धारा 153क या धारा 153ग के अधीन निर्धारण अधिकारी द्वारा पारित कोर्इ आदेश या ऐसे आदेश की बाबत धारा 154 के अधीन पारित कोर्इ आदेश;

() धारा 144खक की उपधारा (12) में यथानिर्दिष्ट प्रधान आयुक्त या आयुक्त के अनुमोदन से धारा 143 की उपधारा (3) या धारा 147 या धारा 153क या धारा 153ग के अधीन निर्धारण अधिकारी द्वारा पारित कोर्इ आदेश या ऐसे आदेश की बाबत धारा 154 या धारा 155 के अधीन पारित कोर्इ आदेश;

() विहित प्राधिकारी द्वारा धारा 10 के खंड (23ग) के 37[उपखंड (iv) या उपखंड (v) या] उपखंड (vi) या उपखंड (viक) के अधीन पारित कोर्इ आदेश;

(2) प्रधान आयुक्त या आयुक्त, यदि वह यथास्थिति उपायुक्त (अपील) या आयुक्त (अपील) द्वारा 1 अक्तूबर, 1998 से पूर्व धारा 154 या धारा 250 के अधीन पारित किसी आदेश के संबंध में आपत्ति करता है, तो निर्धारण अधिकारी को उस आदेश के विरुद्ध अपील अधिकरण को अपील करने का निदेश दे सकेगा।

(2क) [***]

(3) उपधारा (1) या उपधारा (2) के अधीन प्रत्येक अपील उस तारीख से साठ दिन के भीतर फाइल की जाएगी जिसको वह आदेश, जिसके विरुद्ध अपील की जानी र्इप्सित है, यथास्थिति, निर्धारिती को या प्रधान आयुक्त या आयुक्त को, संसूचित किया जाता है :

परन्तु उपधारा (1) के खंड () के अधीन किसी अपील की बाबत इस उपधारा का वही प्रभाव होगा मानो ''साठ दिन'' शब्दों के स्थान पर ''तीस दिन'' शब्द रखे गए हों।

(3क) [***]

(4) यथास्थिति, निर्धारण अधिकारी या निर्धारिती, यह सूचना प्राप्त होने पर कि, आयुक्त (अपील) के आदेश के विरुद्ध उपधारा (1) या उपधारा (2) के अधीन अपील दूसरे पक्षकार द्वारा की गर्इ है, इस बात के होते हुए भी कि उसके द्वारा ऐसे आदेश या उसके किसी भाग के विरुद्ध अपील न की गर्इ हो, सूचना की प्राप्ति के तीस दिन के भीतर, आयुक्त (अपील) के आदेश के किसी भाग के विरुद्ध विहित रीति में सत्यापित प्रत्याक्षेपों का एक ज्ञापन फाइल कर सकेगा और ऐसे ज्ञापन का निपटारा अपील अधिकरण द्वारा इस प्रकार किया जाएगा मानो वह उपधारा (3) में विनिर्दिष्ट समय के भीतर प्रस्तुत की गर्इ अपील हो।

(5) अपील अधिकरण उपधारा (3) या उपधारा (4) में निर्दिष्ट सुसंगत अवधि की समाप्ति के पश्चात् किसी अपील को ग्रहण करेगा या प्रत्याक्षेपों का ज्ञापन फाइल करने की अनुज्ञा दे सकेगा, यदि उसका यह समाधान हो जाता है कि उस अवधि के भीतर उसे पेश न करने के लिए पर्याप्त कारण था।

(6) अपील अधिकरण को अपील विहित प्ररूप में की जाएगी और उसका सत्यापन विहित रीति से किया जाएगा और उससे संबंधित निर्धारण कार्यवाहियों के प्रारम्भ की तारीख पर विचार किए बिना, 1 अक्तूबर, 1998 को या उसके पश्चात् की गर्इ अपील की दशा में, उसके साथ–

() जहां निर्धारण अधिकारी द्वारा संगणित निर्धारिती की कुल आय, ऐसे मामले में जिससे अपील संबंधित है, एक लाख रुपए या उससे कम है, वहां पांच सौ रुपए की फीस होगी;

() जहां पूर्वोक्त रूप में संगणित निर्धारिती की कुल आय, ऐसे मामले में जिससे अपील संबंधित है, एक लाख रुपए से अधिक है किंतु दो लाख रुपए से अधिक नहीं है, वहां एक हजार पांच सौ रुपए की फीस होगी;

() जहां उपरोक्त रूप में संगणित निर्धारिती की कुल आय, ऐसे मामले में जिससे अपील संबंधित है, दो लाख रुपए से अधिक है वहां निर्धारित आय की एक प्रतिशत फीस होगी, जो अधिक से अधिक दस हजार रुपए होगी;

() जहां अपील की विषयवस्तु खंड (), () और () में विनिर्दिष्ट मामलों से भिन्न किसी मामले के संबंध में है; वहां पांच सौ रुपए की फीस होगी :

परंतु उपधारा (2) या उपधारा (2क) में निर्दिष्ट किसी अपील या उपधारा (4) में निर्दिष्ट प्रत्याक्षेपों के किसी ज्ञापन के मामले में कोर्इ फीस संदेय नहीं होगी जैसा कि वित्त अधिनियम, 2016 द्वारा इसके संशोधन के पूर्व था।

(7) मांग को रोकने संबंधी आवेदन के साथ पांच सौ रुपए की फीस होगी।

 

36. वित्त अधिनियम, 2018 द्वारा 1.4.2018 से अंत:स्थापित।

37. वित्त अधिनियम, 2017 द्वारा 1.4.2017 से अंत:स्थापित।

 

 

 

[वित्त (सं. 2) अधिनियम, 2019 द्वारा संशोधित रूप में]

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