आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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धारा 251

आयुक्त की शक्तियां (अपील)

धारा

धारा संख्या

251

अध्याय शीर्षक

अध्याय XX - अपील और संशोधन

अधिनियम

आय-कर अधिनियम, 1961

वर्ष

2008

आयुक्त की शक्तियां (अपील)

आयुक्त की शक्तियां (अपील)

25[* * *] 26[आयुक्त (अपील)] की शक्तियां

251. (1) अपील निपटाने में 25[* * *] 26[आयुक्त (अपील)] को निम्नलिखित शक्तियां होंगी–

() निर्धारण आदेश के विरुद्ध अपील में, वह निर्धारण28 की पुष्टि कर सकेगा, उसे घटा सकेगा, बढ़ा सकेगा या रद्द कर सकेगा28 29[* * *];

29क[(कक) ऐसे निर्धारण आदेश के विरुद्ध, जिसकी बाबत धारा 245जक के अधीन समझौता आयोग के समक्ष की कार्यवाही की उपशमन समाप्त हो जाता है, किसी अपील में वह समझौता आयोग के समक्ष निर्धारिती द्वारा प्रस्तुत की गर्इ सभी सामग्री और अन्य जानकारी पर अथवा उसके समक्ष की कार्यवाही के दौरान उसके द्वारा की गर्इ किसी जांच या अभिलिखित साक्ष्य पर और ऐसी अन्य सामग्री पर, जो उसके अभिलेख पर लार्इ जाए, विचार करने के पश्चात् निर्धारण की पुष्टि, उसमें कमी, वृद्धि या उसे बातिल कर सकेगा;]

() ऐसी अपील में, जो शास्ति अधिरोपित करने संबंधी आदेश के विरुद्ध है, वह ऐसे आदेश की पुष्टि या उसको रद्द कर सकेगा अथवा शास्ति को बढ़ाने या घटाने के लिए उसमें फेरफार कर सकेगा;

() किसी अन्य मामले में, वह अपील में ऐसे आदेश पारित कर सकेगा जैसे वह ठीक समझता है।

(2) 30[* * *] 31[आयुक्त (अपील)] निर्धारण या शास्ति को तब तक नहीं बढ़ाएगा या रिफंड की रकम को तब तक कम नहीं करेगा जब तक अपीलाथ्र्ाी को ऐसी वृद्धि या कमी के विरुद्ध कारण बताने का युक्तियुक्त अवसर न मिल गया हो।

स्पष्टीकरण.–अपील का निपटारा करते समय 30[* * *] 31[आयुक्त (अपील)], ऐसे किसी विषय पर जो ऐसी कार्यवाही से उद्भूत हुआ है, जिसमें वह आदेश, जिसके विरुद्ध अपील की गर्इ है, पारित किया गया था, इस बात के होते हुए भी कि ऐसा विषय 30[* * *] 31[आयुक्त (अपील)] के समक्ष अपीलाथ्र्ाी द्वारा नहीं उठाया गया था।

 

25. वित्त (सं. 2) अधिनियम, 1998 द्वारा 1.10.1998 से "यथास्थिति, उपायुक्त (अपील) या" शब्दों का लोप किया गया। इससे पूर्व "उपायुक्त (अपील)" प्रत्यक्ष कर विधि (संशोधन) अधिनियम, 1987 द्वारा 1.4.1988 से "सहायक आयुक्त (अपील)" के स्थान पर प्रतिस्थापित किया गया था और वित्त (सं. 2) अधिनियम, 1977 द्वारा 10.7.1978 से "यथास्थिति, ....... या" शब्द अंत:स्थापित किये गये थे।

26. वित्त (सं. 2) अधिनियम, 1977 द्वारा 10.7.1978 से अंत:स्थापित।

28. "निर्धारण ....... रद्द कर सकेगा" पद के अर्थ के लिए देखिए टैक्समैन्स डायरेक्ट टैक्सेज मैनुअल, खंड 3.

29. ", या वह निर्धारण को अपास्त कर सकेगा" शब्दों से आरंभ होने वाले और "संदेय कर राशि का अवधारण करेगा" शब्दों से समाप्त होने वाले अंश का वित्त अधिनियम, 2001 द्वारा 1.6.2001 से लोप किया गया। इस लोप से पूर्व उद्धृत अंश जो वित्त (सं. 2) अधिनियम, 1977 द्वारा 10.7.1978 से, प्रत्यक्ष कर विधि (संशोधन) अधिनियम, 1987 द्वारा 1.4.1988 से और वित्त (सं. 2) अधिनियम, 1998 द्वारा 1.10.1998 से संशोधित किया गया था, इस प्रकार था :

"या वह निर्धारण को अपास्त कर सकेगा और मामले को वापस निर्धारण अधिकारी के पास आयुक्त (अपील) के निदेशानुसार और आगे ऐसी जांच के पश्चात् जो आवश्यक हो नया निर्धारण करने के लिए भेज सकेगा, और इसके बाद निर्धारण अधिकारी ऐसा नया अवधारण करने के लिए अग्रसर होगा तथा जहां आवश्यक हो वहां ऐसे नये निर्धारण के आधार पर संदेय कर राशि का अवधारण करेगा;"

29क. वित्त अधिनियम, 2008 द्वारा 1.4.2008 से अंत:स्थापित।

30. वित्त (सं. 2) अधिनियम, 1998 द्वारा 1.10.1998 से "यथास्थिति, उपायुक्त (अपील) या" शब्दों का लोप किया गया। इससे पूर्व "उपायुक्त (अपील)" प्रत्यक्ष कर विधि (संशोधन) अधिनियम, 1987 द्वारा 1.4.1988 से "सहायक आयुक्त (अपील)" के स्थान पर प्रतिस्थापित किया गया था और वित्त (सं. 2) अधिनियम, 1977 द्वारा 10.7.1978 से "यथास्थिति, ....... या" शब्द अंत:स्थापित किये गये थे।

31. वित्त (सं. 2) अधिनियम, 1977 द्वारा 10.7.1978 से अंत:स्थापित।

 

 

[वित्त अधिनियम, 2008 द्वारा संशोधित रूप में]

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