आयुक्त की शक्तियां (अपील)
63[* * *] 64[आयुक्त (अपील)] की शक्तियां
251. (1) अपील निपटाने में 63[* * *] 64[आयुक्त (अपील)] को निम्नलिखित शक्तियां होंगी–
(क) निर्धारण आदेश के विरुद्ध अपील में, वह निर्धारण66 की पुष्टि कर सकेगा, उसे घटा सकेगा, बढ़ा सकेगा या रद्द कर सकेगा,66 67-68[या वह निर्धारण को अपास्त कर सकेगा और मामले को वापस निर्धारण अधिकारी के पास आयुक्त (अपील) के निदेशानुसार और आगे ऐसी जांच के पश्चात् जो आवश्यक हो नया निर्धारण करने के लिए भेज सकेगा, और इसके बाद निर्धारण अधिकारी ऐसा नया अवधारण करने के लिए अग्रसर होगा तथा जहां आवश्यक हो वहां ऐसे नये निर्धारण के आधार पर संदेय कर राशि का अवधारण करेगा।]
(ख) ऐसी अपील में, जो शास्ति अधिरोपित करने संबंधी आदेश के विरुद्ध है, वह ऐसे आदेश की पुष्टि या उसको रद्द कर सकेगा अथवा शास्ति को बढ़ाने या घटाने के लिए उसमें फेरफार कर सकेगा;
(ग) किसी अन्य मामले में, वह अपील में ऐसे आदेश पारित कर सकेगा जैसे वह ठीक समझता है।
(2) 69[* * *] 70[आयुक्त (अपील)] निर्धारण या शास्ति को तब तक नहीं बढ़ाएगा या रिफंड की रकम को तब तक कम नहीं करेगा जब तक अपीलाथ्र्ाी को ऐसी वृद्धि या कमी के विरुद्ध कारण बताने का युक्तियुक्त अवसर न मिल गया हो।
स्पष्टीकरण.–अपील का निपटारा करते समय 69[* * *] 70[आयुक्त (अपील)], ऐसे किसी विषय पर जो ऐसी कार्यवाही से उद्भूत हुआ है, जिसमें वह आदेश, जिसके विरूद्ध अपील की गर्इ है, पारित किया गया था, इस बात के होते हुए भी कि ऐसा विषय 69[* * *] 70[आयुक्त (अपील)] के समक्ष अपीलार्थी द्वारा नहीं उठाया गया था।
63. वित्त (सं. 2) अधिनियम, 1998 द्वारा 1.10.1998 से "यथास्थिति, उपायुक्त (अपील) या" शब्दों का लोप किया गया। इससे पूर्व "उपायुक्त (अपील)" शब्द प्रत्यक्ष कर विधि (संशोधन) अधिनियम, 1987 द्वारा 1.4.1988 से "सहायक आयुक्त (अपील)" शब्दों के स्थान पर रखे गए थे और वित्त (सं. 2) अधिनियम, 1977 द्वारा 10.7.1978 से "यथास्थिति, या" शब्द अंत:स्थापित किये गये थे।
64. वित्त (सं. 2) अधिनियम, 1977 द्वारा 10.7.1978 से अंत:स्थापित।
65. प्रत्यक्ष कर विधि (संशोधन) अधिनियम, 1987 द्वारा 1.4.1988 से "आयुक्त" के स्थान पर प्रतिस्थापित।
66. "निर्धारण रद्द कर सकेगा" पद के अर्थ के लिए देखिए टैक्समैन्स डायरेक्ट टैक्सेज मैनुअल, खंड 3.
67-68. वित्त (सं. 2) अधिनियम, 1977 द्वारा 10.7.1978 से, प्रत्यक्ष कर विधि (संशोधन) अधिनियम, 1987 द्वारा 1.4.1988 से और वित्त (सं. 2) अधिनियम, 1998 द्वारा 1.10.1998 से संशोधित किया गया था।
69. वित्त (सं. 2) अधिनियम, 1998 द्वारा 1.10.1998 से "यथास्थिति, उपायुक्त (अपील) या" शब्दों का लोप किया गया। इससे पूर्व "उपायुक्त (अपील)" शब्द प्रत्यक्ष कर विधि (संशोधन) अधिनियम, 1987 द्वारा 1.4.1988 से "सहायक आयुक्त (अपील)" शब्दों के स्थान पर रखे गए थे और वित्त (सं. 2) अधिनियम, 1977 द्वारा 10.7.1978 से "यथास्थिति, या" शब्द अंत:स्थापित किये गये थे।
70. वित्त (सं. 2) अधिनियम, 1977 द्वारा 10.7.1978 से अंत:स्थापित।
[वित्त अधिनियम, 2000 द्वारा संशोधित रूप में]

