अपील में प्रक्रिया
अपील में प्रक्रिया
250. (1) 33कक[संयुक्त आयुक्त (अपील) या आयुक्त (अपील)] की सुनवाई के लिए दिन और स्थान नियत करेगा और उसकी सूचना अपीलार्थी को और उस निर्धारण अधिकारी को देगा जिसके आदेश के विरुद्ध अपील की गई है।
(2) निम्नलिखित को अपील की सुनवाई के समय सुने जाने का अधिकार होगा–
(क) अपीलार्थी को या तो स्वयं या प्राधिकृत प्रतिनिधि द्वारा,
(ख) निर्धारण अधिकारी को या तो स्वयं या प्रतिनिधि द्वारा।
(3) 33कक[संयुक्त आयुक्त (अपील) या आयुक्त (अपील)] को समय-समय पर अपील की सुनवाई स्थगित करने की शक्ति होगी।
(4) 33कक[संयुक्त आयुक्त (अपील) या आयुक्त (अपील)] किसी अपील को निपटाने के पूर्व ऐसी अतिरिक्त जांच कर सकेगा जो वह ठीक समझे या निर्धारण अधिकारी को निदेश दे सकेगा कि वह अतिरिक्त जांच करे और उसके परिणाम की रिपोर्ट आयुक्त (अपील) के पास भेजे।
(5) 33कक[संयुक्त आयुक्त (अपील) या आयुक्त (अपील)] अपील की सुनवाई के समय अपीलार्थी को अपील के किसी ऐसे आधार पर, जो अपील के आधारों में विनिर्दिष्ट नहीं है, विचार करने की अनुज्ञा उस दशा में दे सकेगा जिसमें आयुक्त (अपील) का समाधान हो जाए कि अपील के प्ररूप से उस आधार का लोप जानबूझकर नहीं किया गया था अथवा वह लोप अयुक्तियुक्त नहीं था।
(6) 33कक[संयुक्त आयुक्त (अपील) या आयुक्त (अपील)] का अपील निपटाने संबंधी आदेश लिखित रूप में होगा और उसमें अवधारण संबंधी प्रश्न, उन पर किया गया विनिश्चय और विनिश्चय के कारण दिए होंगे।
33खख[(6क) प्रत्येक अपील में, जहां यह संभव हो, संयुक्त आयुक्त (अपील) या आयुक्त (अपील) उस वित्तीय वर्ष जिसमें, यथास्थिति, धारा 246 की उपधारा (1) के अधीन उसके समक्ष ऐसी अपील फाइल की गई थी या उपधारा (2) या उपधारा (3) के अधीन उसे अंतरित की गई थी या धारा 246क की उपधारा (1) के अधीन उसके समक्ष फाइल की गई थी, की समाप्ति से एक वर्ष की अवधि के भीतर ऐसी अपील की सुनवाई और उसका विनिश्चय कर सकेगा ।;]
34[(6ख) केन्द्रीय सरकार, आयुक्त (अपील) द्वारा अपील के निपटारे के प्रयोजनों के लिए, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, एक स्कीम बना सकेगी, जिससे—
(क) अपीलीय कार्यवाहियों के अनुक्रम में आयुक्त (अपील) और अपीलार्थी के बीच प्रौद्योगिकीय रूप से साध्य सीमा तक अंतरापृष्ठ को समाप्त करके;
(ख) पैमाने की अर्थव्यवस्थाओं और कार्यात्मक विशिष्टता के माध्यम से संसाधनों का ईष्टतम उपयोग करके;
(ग) परिवर्तनशील अधिकारिता वाली अपीलीय प्रणाली का शुभारंभ करके, जिसमें, अपील का निपटारा एक या अधिक आयुक्त (अपील) द्वारा किया जाएगा, बृहत्तर दक्षता, पारदर्शिता और जवाबदेही लाई जा सके।
(ग) केन्द्रीय सरकार, उपधारा (6ख) के अधीन बनाई गई स्कीम को प्रभावी करने के प्रयोजन के लिए, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, यह निदेश दे सकेगी कि आयुक्त (अपील) द्वारा अपीलों के निपटान के लिए अधिकारिता और प्रक्रिया से संबंधित इस अधिनियम के उपबंधों में से कोई उपबंध लागू नहीं होगा या ऐसे अपवादों, उपांतरणों और अनुकूलनों सहित लागू होगा, जो अधिसूचना में विनिर्दिष्ट किए जाएं:
परंतु 31 मार्च, 2022 के पश्चात् कोई निदेश जारी नहीं किया जाएगा।
33ग[परंतु यह और कि केंद्रीय सरकार, इस उपधारा के अधीन 31 मार्च, 2022 को या उसके पूर्व जारी किसी निदेश का, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, संशोधन कर सकेगी।]
(6घ) उपधारा (6ख) और उपधारा (6ग) के अधीन जारी प्रत्येक अधिसूचना, उसे जारी किए जाने के पश्चात् यथासंभवशीघ्र संसद के प्रत्येक सदन के समक्ष रखी जाएगी।]
(7) अपील निपटाए जाने पर 33कक["संयुक्त आयुक्त (अपील) या आयुक्त (अपील)"] अपने द्वारा पारित आदेश निर्धारिती को और प्रधान मुख्य आयुक्त या मुख्य आयुक्त या प्रधान आयुक्त या आयुक्त को संसूचित करेगा।
[वित्त अधिनियम, 2023 द्वारा संशोधित रूप में]

