अपील में प्रक्रिया
अपील में प्रक्रिया
16250. (1) 17[***] 18[आयुक्त (अपील)] की सुनवार्इ के लिए दिन और स्थान नियत करेगा और उसकी सूचना अपीलाथ्री को और उस 19[निर्धारण] अधिकारी को देगा जिसके आदेश के विरुद्ध अपील की गर्इ है।
(2) निम्नलिखित को अपील की सुनवार्इ के समय सुने जाने का अधिकार होगा–
(क) अपीलाथ्र्ाी को या तो स्वयं या प्राधिकृत प्रतिनिधि द्वारा,
(ख) 20[निर्धारण] अधिकारी को या तो स्वयं या प्रतिनिधि द्वारा।
(3) 21[***] 22[आयुक्त (अपील)] को समय-समय पर अपील की सुनवार्इ स्थगित करने की शक्ति होगी।
(4) 21[***] 22[आयुक्त (अपील)] किसी अपील को निपटाने के पूर्व ऐसी अतिरिक्त जांच कर सकेगा जो वह ठीक समझे या 23[निर्धारण] अधिकारी को निदेश दे सकेगा कि वह अतिरिक्त जांच करे और उसके परिणाम की रिपोर्ट 21[***] 22[आयुक्त (अपील)] के पास भेजे।
(5) 21[***] 22[आयुक्त (अपील)] अपील की सुनवार्इ के समय अपीलाथ्र्ाी को अपील के किसी ऐसे आधार पर, जो अपील के आधारों में विनिर्दिष्ट नहीं है, विचार करने की अनुज्ञा उस दशा में दे सकेगा जिसमें 21[***] 22[आयुक्त (अपील)] का समाधान हो जाए कि अपील के प्ररूप से उस आधार का लोप जानबूझकर नहीं किया गया था अथवा वह लोप अयुक्तियुक्त नहीं था।
(6) 21[***] 22[आयुक्त (अपील)] का अपील निपटाने संबंधी आदेश लिखित रूप में होगा और उसमें अवधारण संबंधी प्रश्न, उन पर किया गया विनिश्चय और विनिश्चय के कारण दिए होंगे।
24[(6क) प्रत्येक अपील में, आयुक्त (अपील) उस वित्तीय वर्ष के अंत से, जिसमें ऐसी धारा 246क की उपधारा (1) के अधीन अपील उसके समक्ष फाइल की जाए, एक वर्ष के भीतर, जहां संभव हो, ऐसी अपील सुनेगा और उस पर विनिश्चय करेगा।]
(7) अपील निपटाए जाने पर 25[***] 26[आयुक्त (अपील)] अपने द्वारा पारित आदेश निर्धारिती को और 27[27क[प्रधान मुख्य आयुक्त या] मुख्य आयुक्त या 27क[प्रधान आयुक्त या] आयुक्त] को संसूचित करेगा।
16. नियम 46क देखिए। अपील आदेश अंतिम सुनवार्इ के प्रंद्रह दिन के भीतर जारी किए जाने चाहिए। अनुदेश संñ 20/2003, तारीख 23.12.2003 देखिए।
17. वित्त (सं. 2) अधिनियम, 1998 द्वारा 1.10.1998 से “यथास्थिति, उपायुक्त (अपील) या” शब्दों का लोप किया गया। इससे पूर्व ‘‘उपायुक्त (अपील)’’ प्रत्यक्ष कर विधि (संशोधन) अधिनियम, 1987 द्वारा 1.4.1988 से ‘‘सहायक आयुक्त (अपील)’’ शब्दों के स्थान पर प्रतिस्थापित किया गया था और वित्त (सं. 2) अधिनियम, 1977 द्वारा 10.7.1978 से “यथास्थिति, ...... या” शब्द अंत:स्थापित किये गये थे।
18. वित्त (सं. 2) अधिनियम, 1977 द्वारा 10.7.1978 से अंत:स्थापित।
19. प्रत्यक्ष कर विधि (संशोधन) अधिनियम, 1987 द्वारा 1.4.1988 से ‘‘आय-कर’’ के स्थान पर प्रतिस्थापित।
20. यथोक्त द्वारा प्रतिस्थापित।
21. वित्त (सं. 2) अधिनियम, 1998 द्वारा 1.10.1998 से “यथास्थिति, उपायुक्त (अपील) या” शब्दों का लोप किया गया। इससे पूर्व ‘‘उपायुक्त (अपील)’’ प्रत्यक्ष कर विधि (संशोधन) अधिनियम, 1987 द्वारा 1.4.1988 से ‘‘सहायक आयुक्त (अपील)’’ के स्थान पर प्रतिस्थापित किया गया था और वित्त (सं. 2) अधिनियम, 1977 द्वारा 10.7.1978 से “यथास्थिति, ....... या” शब्द अंत:स्थापित किये गये थे।
22. वित्त (सं. 2) अधिनियम, 1977 द्वारा 10.7.1978 से अंत:स्थापित।
23. प्रत्यक्ष कर विधि (संशोधन) अधिनियम, 1987 द्वारा 1.4.1988 से ‘‘आय-कर’’ के स्थान पर प्रतिस्थापित।
24. वित्त अधिनियम, 1999 द्वारा 1.6.1999 से अंत:स्थापित।
[वित्त अधिनियम, 2015 द्वारा संशोधित रूप में]

