गृह संपत्ति से आय से घटाया नहीं राशियाँ
गृह संपत्ति से आय में से कटौती न किए जाने योग्य रकमें
25. धारा 24 में की किसी बात के होते हुए भी, इस अधिनियम के अधीन प्रभार्य किसी 88[***] ब्याज की, जो भारत के बाहर संदेय है (जो 1938 के अप्रैल के प्रथम दिन के पूर्व सार्वजनिक अभिदान के लिए जारी किए गए उधार पर ब्याज नहीं है) जिस पर अध्याय 17ख के अधीन कर संदत्त नहीं किया गया है या उसकी कटौती नहीं की गर्इ है और जिसकी बाबत भारत में कोर्इ भी ऐसा व्यक्ति नहीं है, जिसे धारा 163 के अधीन अभिकर्ता के रूप में माना जा सके ''गृह संपत्ति से आय'' शीर्ष के अधीन प्रभार्य आय की संगणना करने में कटौती नहीं की जाएगी।
88. वित्त अधिनियम, 2001 द्वारा 1.4.2002 से “वार्षिक प्रभार या” शब्दों का लोप किया गया।
[वित्त अधिनियम, 2005 तथा विशेष आर्थिक जोन अधिनियम, 2005 द्वारा संशोधित रूप में]

