आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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धारा 249

अपील का प्ररूप और परिसीमा

धारा

धारा संख्या

249

अध्याय शीर्षक

अध्याय XX - अपील और संशोधन

अधिनियम

आय-कर अधिनियम, 1961

वर्ष

2012

अपील का प्ररूप और परिसीमा

अपील का प्ररूप और परिसीमा

अपील का प्ररूप और परिसीमा

249. (1) इस अध्याय के अधीन प्रत्येक अपील विहित3 प्ररूप में होगी और विहित रीति से सत्यापित की जाएगी 4[और 1 अक्तूबर, 1998 को या उसके पश्चात् आयुक्त (अपील) को की गर्इ अपील के मामले में, चाहे उससे संबंधित निर्धारण कार्यवाहियां चलाने की तारीख कुछ भी है, निम्नलिखित फीस साथ में दी जाएगी–

(i) जहां अपील से संबंधित मामले में निर्धारण अधिकारी द्वारा संगणित निर्धारिती की कुल आय एक लाख रुपए या उससे कम है, 250 रुपए;

(ii) जहां अपील से संबंधित मामले में पूर्वोक्त प्रकार से संगणित निर्धारिती की कुल आय एक लाख रुपए से अधिक किंतु दो लाख रुपए से कम है, 500 रुपए;

(iii) जहां अपील से संबंधित मामले में पूर्वोक्त प्रकार से संगणित निर्धारिती की कुल आय दो लाख रुपए से अधिक है, एक हजार रुपए;]

5[(iv) जहां अपील की विषय-वस्तु खंड (i), (ii) या (iii) के अंतर्गत नहीं आती है; 250 रुपए।]

(2) अपील निम्नलिखित तारीख से तीस दिन के भीतर प्रस्तुत की जाएगी, अर्थात्:–

6[() जहां अपील धारा 248 के अधीन की गर्इ है, वहां कर के संदाय की तारीख, अथवा]

() जहां अपील किसी निर्धारण या शास्ति के संबंध में है वहां उस निर्धारण या शास्ति से सम्बद्ध मांग की सूचना की तामील की तारीख :

7[परन्तु जहां धारा 146 के अधीन निर्धारण पर पुन:विचार करने के लिए कोर्इ आवेदन किया गया है, वहां उस तारीख से जिसको आवेदन किया जाता है, उस तारीख तक की अवधि, जिसको उस आवेदन पर पारित आदेश की निर्धारिती पर तामील की जाती है, उसमें से निकाल दी जाएगी, अथवा]

() किसी अन्य दशा में, वह तारीख, जिसको उस आदेश की संसूचना की तामील होती है, जिसके विरुद्ध अपील करना र्इप्सित है।

8[(2क) उपधारा (2) में किसी बात के होते हुए भी, जहां 1 अक्तूबर, 1998 को या उसके पश्चात् किन्तु 1 जून, 2000 से पूर्व धारा 201 के अधीन आदेश किया गया है और व्यतिक्रमी निर्धारिती ने उस उपधारा में बताए गए समय के भीतर कोर्इ अपील प्रस्तुत नहीं की है वहां वह 1 जुलार्इ, 2000 से पूर्व ऐसी अपील प्रस्तुत कर सकता है।]

(3) 9[* * *] 10[आयुक्त (अपील)] उक्त अवधि की समाप्ति के पश्चात् अपील ग्रहण कर सकेगा यदि उसका समाधान हो जाता है कि अपीलाथ्र्ाी के पास उस समय के भीतर उसे प्रस्तुत न करने का पर्याप्त कारण था।

11[(4) इस अध्याय के अधीन कोर्इ अपील तब तक ग्रहण नहीं की जाएगी, जब तक कि अपील फाइल करने के समय–

() जहां निर्धारिती द्वारा विवरणी फाइल की गर्इ है, निर्धारिती ने उसके द्वारा विवरणी में उल्लिखित आय पर देय कर न दे दिया हो; या

() जहां निर्धारिती द्वारा कोर्इ विवरणी फाइल नहीं की गर्इ है, निर्धारिती ने उसके द्वारा संदेय अग्रिम कर की रकम के बराबर रकम न दे दी हो :

परन्तु 12[खंड () के अधीन आने वाले किसी मामले में और] अपीलाथ्र्ाी द्वारा इस निमित् किए गए आवेदन पर, 13[* * *] 14[आयुक्त (अपील)] मान्य और पर्याप्त कारण से, जो लेखबद्ध किया जाएगा, 15[उस खंड] के उपबंधों के प्रवर्तन से उसे छूट दे सकता है।]

 

3. आयुक्त (अपील) को अपील के प्ररूप के लिए देखिये नियम 45 और 46 तथा प्ररूप सं. 35.

4. वित्त (सं. 2) अधिनियम, 1998 द्वारा 1.10.1998 से अंत:स्थापित।

5. वित्त अधिनियम, 1999 द्वारा 1.6.1999 से अंत:स्थापित।

6. वित्त अधिनियम, 2007 द्वारा 1.6.2007 से प्रतिस्थापित। प्रतिस्थापन से पूर्व खंड () इस प्रकार था :

"() जहां अपील किसी ऐसे कर के संबंध में है, जिसकी कटौती धारा 195 की उपधारा (1) के अधीन की गर्इ है, वहां कर के संदाय की तारीख, अथवा"

7. कराधान विधि (संशोधन) अधिनियम, 1975 द्वारा 1.10.1975 से अंत:स्थापित।

8. वित्त अधिनियम, 2000 द्वारा 1.6.2000 से अंत:स्थापित।

9. वित्त (सं. 2) अधिनियम, 1998 द्वारा 1.10.1998 से ''यथास्थिति, उपायुक्त (अपील) या'' शब्दों का लोप किया गया। इससे पूर्व ''उपायुक्त (अपील)" प्रत्यक्ष कर विधि (संशोधन) अधिनियम, 1987 द्वारा 1.4.1988 से ''सहायक आयुक्त (अपील)'' के स्थान पर प्रतिस्थापित किया गया था और वित्त (सं. 2) अधिनियम, 1977 द्वारा 10.7.1978 से "यथास्थिति, ..... या" शब्द अंत:स्थापित किये गये थे।

10. वित्त (सं. 2) अधिनियम, 1977 द्वारा 10.7.1978 से अंत:स्थापित।

11. कराधान विधि (संशोधन) अधिनियम, 1975 द्वारा 1.10.1975 से अंत:स्थापित।

12. प्रत्यक्ष कर विधि (संशोधन) अधिनियम, 1989 द्वारा 1.4.1989 से अंत:स्थापित।

13. वित्त (सं. 2) अधिनियम, 1998 द्वारा 1.10.1998 से ''यथास्थिति, उपायुक्त (अपील) या'' शब्दों का लोप किया गया। इससे पूर्व ''उपायुक्त (अपील)'' प्रत्यक्ष कर विधि (संशोधन) अधिनियम, 1987 द्वारा 1.4.1988 से ''सहायक आयुक्त (अपील)'' के स्थान पर प्रतिस्थापित किया गया था और वित्त (सं. 2) अधिनियम, 1977 द्वारा 10.7.1978 से "यथास्थिति, ...... या" शब्द अंत:स्थापित किये गये थे।

14. वित्त (सं. 2) अधिनियम, 1977 द्वारा 10.7.1978 से अंत:स्थापित।

15. प्रत्यक्ष कर विधि (संशोधन) अधिनियम, 1989 द्वारा 1.4.1989 से ''इस उपधारा'' के स्थान पर प्रतिस्थापित।

 

 

[वित्त अधिनियम, 2012 द्वारा संशोधित रूप में]

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