आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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धारा 245

ऐसे कर के प्रति, जो संदेय है, प्रतिदायों का मुजरा

धारा

धारा संख्या

245

अध्याय शीर्षक

अध्याय XIX - प्रतिदाय

अधिनियम

आय-कर अधिनियम, 1961

वर्ष

2023

ऐसे कर के प्रति, जो संदेय है, प्रतिदायों का मुजरा

ऐसे कर के प्रति, जो संदेय है, प्रतिदायों का मुजरा

1[कतिपय मामलों में प्रतिदायों का मुजरा किया जाना और उनको रोके रखना।

245. (1) जहां इस अधिनियम के उपबंधों में से किसी उपबंध के अधीन किसी व्यक्ति को कोई प्रतिदाय देय हो जाता है या देय होना पाया जाता है, वहां, यथास्थिति, निर्धारण अधिकारी या आयुक्त या प्रधान आयुक्त या मुख्य आयुक्त या प्रधान मुख्य आयुक्त, प्रतिदाय के संदाय के बदले में, उस रकम का या उस रकम के किसी भाग का, जो प्रतिदत्त की जानी है, मुजरा ऐसी राशि के प्रति, यदि कोई हो, इस अधिनियम के अधीन उस व्यक्ति द्वारा संदत्त की जानी बाकी है, जिसे प्रतिदाय देय है, इस उपधारा के अधीन किए जाने के लिए प्रस्तावित कार्रवाई ऐसे व्यक्ति को लिखित प्रज्ञापना देने के पश्चात् कर सकेगा

(2) जहां उपधारा (1) के उपबंधों के अधीन प्रतिदाय के किसी भाग का मुजरा किया गया है या जहां ऐसी किसी रकम का मुजरा नहीं किया गया है और प्रतिदाय किसी व्यक्ति को देय हो जाता है, वहां निर्धारण अधिकारी की, इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कि इस निर्धारण या पुन: निर्धारण के लिए कार्यवाहियां ऐसे व्यक्ति की दशा में लंबित हैं, यह राय है कि प्रतिदाय की मंजूरी से राजस्व पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना है, वहां वह उन कारणों से, जो लेखबद्ध किए जाएं, और यथास्थिति, प्रधान आयुक्त या आयुक्त के पूर्व अनुमोदन से उस तारीख तक, जिसको ऐसा निर्धारण या पुनर्निर्धारण किया जाता है, प्रतिदाय को रोक सकेगा ।]

 

 

 

[वित्त अधिनियम, 2023 द्वारा संशोधित रूप मेंें]

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