प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण के लिए अपील.
[ प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण में निवेदन .
23क . (1) उपधारा (2) में यथा उपबंधित के सिवाय, प्रतिभूति विधि (द्वितीय संशोधन) अधिनियम, 1999 के प्रारंभ पर और उसके पश्चात् इस अधिनियम या इसके अधीन बनाए गए विनियमों के अधीन बोर्ड द्वारा किए गए किसी आदेश से [या इस अधिनियम के अधीन न्यायनिर्णायक अधिकारी द्वारा किए गए किसी आदेश से] व्यथित कोई व्यक्ति उस मामले में क्षेत्राधिकार रखने वाले प्रतिभूति निवेदन अधिकरण में निवेदन कर सकेगा।
(2) [***]
(3) उपधारा (1) के अधीन प्रत्येक निवेदन उस तारीख से पैंतालीस दिन की अवधि के भीतर फाइल की जाएगी, जिसको बोर्ड द्वारा किए गए आदेश की प्रति उपधारा (1) में निर्दिष्ट व्यक्ति द्वारा प्राप्त की जाती है और वह ऐसे प्ररूप में होगी तथा उसके साथ ऐसी फीस संलग्न होगी, जो विहित की जाए:
बशर्ते कि प्रतिभूति निवेदन अधिकरण उक्त पैंतालीस दिन की अवधि की समाप्ति के पश्चात भी निवेदन पर विचार कर सकेगा, यदि उसका यह समाधान हो जाता है कि उक्त अवधि के भीतर निवेदन दायर न करने के लिए पर्याप्त कारण था।
(4) उपधारा (1) के अधीन निवेदन प्राप्त होने पर प्रतिभूति निवेदन अधिकरण अपील के पक्षकारों को सुनवाई का अवसर देने के पश्चात् उस पर ऐसे आदेश पारित कर सकेगा जैसा वह ठीक समझे, तथा जिस आदेश के विरुद्ध अपील की गई है उसे पुष्ट, उपांतरित या अपास्त कर सकेगा।
(5) प्रतिभूति निवेदनय न्यायाधिकरण अपने द्वारा दिए गए प्रत्येक आदेश की एक प्रति बोर्ड तथा निवेदन के पक्षकारों को भेजेगा।
(6) उप-धारा (1) के अंतर्गत प्रतिभूति निवेदनय अधिकरण के समक्ष दायर निवेदन को उसके द्वारा यथासंभव शीघ्रता से निपटाया जाएगा और निवेदन की प्राप्ति की तारीख से छह माह के भीतर निवेदन का अंतिम रूप से निपटान करने का प्रयास किया जाएगा।

