आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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धारा 239

धन की वापसी और सीमा के लिए दावा का पर्चा

धारा

धारा संख्या

239

अध्याय शीर्षक

अध्याय XIX - प्रतिदाय

अधिनियम

आय-कर अधिनियम, 1961

वर्ष

2003

धन की वापसी और सीमा के लिए दावा का पर्चा

धन की वापसी और सीमा के लिए दावा का पर्चा

प्रतिदाय के दावे का प्ररूप और परिसीमा

47239. 48(1) इस अध्याय के अधीन प्रतिदाय के लिए हर दावा विहित फार्म में होगा और विहित रीति से सत्यापित किया जाएगा।

49[(2) ऐसा कोर्इ दावा तब तक अनुज्ञात नहीं किया जाएगा जब तक वह इसमें बतार्इ गर्इ अवधि के भीतर न हो, अर्थात् :–

() जहां दावा ऐसी आय की बाबत है, जो 1 अप्रैल, 1967 को या उससे पूर्व प्रारम्भ होने वाले किसी निर्धारण वर्ष के लिए निर्धारणीय है, वहां ऐसे निर्धारण वर्ष के अन्तिम दिन से चार वर्ष;

() जहां दावा ऐसी आय की बाबत है जो 1 अप्रैल, 1968 को प्रारम्भ होने वाले निर्धारण वर्ष के लिए, निर्धारणीय है, वहां निर्धारण वर्ष के अंतिम दिन से तीन वर्ष;

() जहां दावा ऐसी आय की बाबत है जो किसी अन्य निर्धारण वर्ष के लिए निर्धारणीय है, वहां ऐसे निर्धारण वर्ष के अंतिम दिन से 50[एक] वर्ष।]

 

47. प्रतिदाय का आवेदन फाइल करने में विलम्ब को माफ करने संबंधी बोर्ड के धारा 119(2)() के अधीन आदेश के लिए देखिए टैक्समैन्स डायरेक्ट टैक्सेज सर्कुलर्स। परिपत्र सं. 225/208/95-आर्इ.टी.(ए-II), तारीख 26.10.1993 भी देखिए।

48. प्रतिदाय के दावे के लिए देखिए नियम 41 और फार्म सं. 30.

49. वित्त अधिनियम, 1968 द्वारा 1.4.1968 से प्रतिस्थापित।

50. वित्त अधिनियम, 1992 द्वारा 1.4.1993 से "दो" के स्थान पर प्रतिस्थापित।

 

 

[वित्त अधिनियम, 2003 द्वारा संशोधित रूप में]

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