आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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धारा 218

निर्धारिती कब व्यतिक्रमी समझा जाएगा

धारा

धारा संख्या

218

अध्याय शीर्षक

अध्याय XVII - कर संग्रह और वसूली

अधिनियम

आय-कर अधिनियम, 1961

वर्ष

2000

निर्धारिती कब व्यतिक्रमी समझा जाएगा

निर्धारिती कब व्यतिक्रमी समझा जाएगा

निर्धारिती कब व्यतिक्रमी समझा जाएगा

218. 97[यदि कोर्इ निर्धारिती धारा 211 की उपधारा (1) में उल्लिखित तारीख को अग्रिम कर की किसी ऐसी किस्त का भुगतान नहीं करता है जिसका उसके द्वारा धारा 210 की उपधारा (3) या उपधारा (4) के अंतर्गत निर्धारण अधिकारी के आदेश द्वारा भुगतान किया जाना अपेक्षित है और उस तारीख के या उसके पूर्व जिसको ऐसी कोर्इ किस्त, जो संदत्त नहीं की जाती है, देय हो गर्इ है, निर्धारण अधिकारी को धारा 210 की उपधारा (5) के अंतर्गत सूचना नहीं भेजता है और अपनी चालू आय के अपने प्राक्कलन आधार पर धारा 210 की उपधारा (6) के अंतर्गत अपने द्वारा संदेय अग्रिम कर का भुगतान नहीं करता है तो वह ऐसी किस्त या किस्तों के संबंध में चूक करने वाला निर्धारिती समझा जाएगा।]

 

97. प्रत्यक्ष कर विधि (संशोधन) अधिनियम, 1987 द्वारा 1.4.1988 से धारा 218 की उपधारा (1) से (3) के स्थान पर प्रतिस्थापित। इससे पूर्व वित्त अधिनियम, 1978 द्वारा 1.6.1978 से प्रतिस्थापित किया गया था तथा बाद में वित्त अधिनियम, 1979 द्वारा 1.4.1979 से संशोधित किया गया था।

 

 

[वित्त अधिनियम, 2000 द्वारा संशोधित रूप में]

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