कतिपय मामलों में स्कीम का लागू न होना।
कतिपय मामलों में स्कीम का लागू न होना।
208. इस स्कीम के उपबंध,–
(क) किसी कर बकाया या विनिर्दिष्ट कर के संबंध में,–
(i) किसी निर्धारण वर्ष जिसके संबंध में आय-कर अधिनियम की धारा 153क या धारा 153ग के अधीन कोर्इ निर्धारण किया गया है या धन-कर अधिनियम की धारा 37क के अधीन संस्थित तलाशी या धारा 37ख के अधीन की गर्इ अध्यपेक्षा के परिणामस्वरूप निर्धारण वर्षों में से किसी के निर्धारण या पुन: निर्धारण के संबंध में लागू नहीं होंगे यदि यह किसी कर बकाया से संबंधित है;
(ii) किसी निर्धारण या पुन: निर्धारण के संबंध में, जिनकी बाबत आय-कर अधिनियम की धारा 133क या धन-कर अधिनियम की धारा 38क के अधीन किए गए सर्वेक्षण का संबंध है, लागू नहीं होंगे यदि यह किसी कर बकाया से संबंधित है;
(iii) किसी निर्धारण वर्ष के संबंध में, जिसमें धारा 199 के अधीन घोषणा फाइल करने की तारीख को या उससे पूर्व कोर्इ अभियोजन संस्थित किया गया है, लागू नहीं होंगे,
(iv) भारत से बाहर अवस्थित किसी स्रोत से अप्रकटित किसी आय या भारत से बाहर स्थित आस्ति से अप्रकटित किसी आय के संबंध में लागू नहीं होंगे;
(v) आय-कर अधिनियम की धारा 90 या धारा 90क में निर्दिष्ट किसी करार, यदि वह किसी कर बकाया से संबंधित है, के अधीन प्राप्त सूचना के आधार पर किए गए किसी निर्धारण या पुन: निर्धारण के संबंध में लागू नहीं होंगे;
(ख) किसी व्यक्ति के संबंध में, जिस पर विदेशी मुद्रा संरक्षण और तस्करी निवारण अधिनियम, 1974 (1974 का 52) के अधीन निरोध आदेश किया गया है, के संबंध में लागू नहीं होंगे :
पंरतु यह कि–
(i) निरोध का ऐसा आदेश, ऐसा कोर्इ आदेश है जिसको उक्त अधिनियम की धारा 9 या धारा 12क के उपबंध लागू नहीं होते हैं, जिसका उक्त अधिनियम की धारा 8 के अधीन सलाहकार बोर्ड की रिपोर्ट पर या सलाहकार बोर्ड की रिपोर्ट की प्राप्ति से पूर्व प्रतिसंहरण नहीं किया गया है ; या
(ii) निरोध का ऐसा आदेश, ऐसा कोर्इ आदेश है जिसको उक्त अधिनियम की धारा 9 के उपबंध लागू होते हैं, का उसके लिए अवधि के अवसान से पूर्व या धारा 9 की उपधारा (3) के अधीन पुनर्विलोकन के आधार पर या उक्त अधिनियम की धारा 9 की उपधारा (2) के साथ पठित धारा 8 के अधीन सलाहकार बोर्ड की रिपोर्ट के आधार पर प्रतिसंहरण नहीं किया गया है ; या
(iii) निरोध का ऐसा आदेश, ऐसा कोर्इ आदेश है जिसको उक्त अधिनियम की धारा 12क के उपबंध लागू होते हैं, का उसके लिए अवधि के अवसान से पूर्व या उस धारा की उपधारा (3) के अधीन पहले पुनर्विलोकन के आधार पर या उक्त अधिनियम की धारा 12क की उपधारा (6) के साथ पठित धारा 8 के अधीन सलाहकार बोर्ड की रिपोर्ट के आधार पर प्रतिसंहरण नहीं किया गया है ; या
(iv) निरोध के ऐसे आदेश को सक्षम अधिकारिता वाले न्यायालय द्वारा अपास्त नहीं किया गया है ;
(ग) किसी ऐसे व्यक्ति के संबंध में, जिसका भारतीय दंड संहिता (1860 का 45), विधिविरुद्ध क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम, 1967 (1967 का 37) स्वापक औषधि और मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985 (1985 का 61), भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (1988 का 49) के उपबंधों के अधीन या किन्हीं नागरिक दायित्वों का प्रवर्तन करने के प्रयोजन के लिए दंडनीय किसी अपराध के लिए घोषणा फाइल करने पर या उससे पूर्व अभियोजन संस्थित नहीं किया गया है या ऐसे व्यक्ति को किसी ऐसे अपराध के लिए, उन अधिनियमों के अधीन सिद्धदोष नहीं ठहराया गया है, के संबंध में लागू नहीं होंगे ;
(घ) विशेष न्यायालय (संव्यवहार अपराध विचारण) अधिनियम, 1992 (1992 का 27) की धारा 3 के अधीन अधिसूचित किसी व्यक्ति के संबंध में लागू नहीं होंगे।

