आय-कर विवरणी फाइल न करने वाले व्यक्तियों के लिए स्रोत पर कर के संग्रहण के लिए विशेष उपबंध
1[आय-कर विवरणी फाइल न करने वाले व्यक्तियों के लिए स्रोत पर कर के संग्रहण के लिए विशेष उपबंध
206गगक. (1) इस अधिनियम के किन्हीं अन्य उपबंधों में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, जहां अध्याय 27खख के उपबंधों के अधीन किसी व्यक्ति 1क[* * *] द्वारा किसी विनिर्दिष्ट व्यक्ति से प्राप्त किसी राशि या रकम पर स्रोत पर कर का संग्रहण करना अपेक्षित है, वहां कर का संग्रहण ऐसी उच्चतर दर पर किया जाएगा, जो निम्नलिखित दो दरों में से उच्चतर है, अर्थात् :—
(i) अधिनियम के सुसंगत उपबंध में विनिर्दिष्ट दर की दुगनी दर पर ; या
(ii) पांच प्रतिशत की दर पर।
(2) यदि इस धारा के उपबंधों के अतिरिक्त, धारा 206गग के उपबंध किसी विनिर्दिष्ट व्यक्ति को लागू होते हैं तो कर का संग्रहण इस धारा और धारा 206गग में उपबंधित दो दरों में से उच्चतर दर पर किया जाएगा।
1ख [(3) इस धारा के प्रयोजनों के लिए, “विनिर्दिष्ट व्यक्ति” से ऐसा व्यक्ति अभिप्रेत हैं, जिसने उस वित्तीय वर्ष, जिसमें कर का संग्रहण अपेक्षित है, से ठीक पूर्ववर्ती वर्ष से सुसंगत निर्धारण वर्ष के लिए आय की विवरणी प्रस्तुत नहीं की है, जिसके लिए धारा 139 की उपधारा (1) के अधीन आय की विवरणी प्रस्तुत करने की समय-सीमा समाप्त हो चुकी है और उसकी दशा में उक्त पूर्व वर्ष में स्रोत पर कटौती किए गए कर और स्रोत पर संग्रहीत किए गए कर का कुल योग पचास हजार रुपए या उससे अधिक है।]
परन्तु विनिर्दिष्ट व्यक्ति में ऐसा कोई अनिवासी सम्मिलित नहीं होगा, जिसके पास भारत में कोई स्थायी स्थापन नहीं है।
स्पष्टीकरण— इस उपधारा के प्रयोजनों के लिए, "स्थायी स्थापन" पद में कारबार का ऐसा नियत स्थान सम्मिलित है, जिसके माध्यम से उद्यम का कारबार पूर्णत: या आंशिक रूप से किया जाता है।]
[वित्त अधिनियम, 2022 द्वारा संशोधित रूप में]

