आय-कर विवरणी फाइल न करने वाले व्यक्तियों के लिए स्रोत पर कर की कटौती के लिए विशेष उपबंध
1[आय-कर विवरणी फाइल न करने वाले व्यक्तियों के लिए स्रोत पर कर की कटौती के लिए विशेष उपबंध
206कख. (1) इस अधिनियम के किन्ही अन्य उपबंधों में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, जहां धारा 192, धारा 192क, धारा 194ख, 2[धारा 194खक] धारा 194खख, 1क[धारा 194झक, धारा 194झख, धारा 194ठखग, धारा 194ड या धारा 194ढ] से भिन्न, अध्याय 17ख के उपबंधों के अधीन किसी व्यक्ति 1ख[* * *] द्वारा किसी विनिर्दिष्ट व्यक्ति को संदत्त किसी राशि या आय या रकम या संदेय या जमा की गई किसी राशि के संबंध में स्रोत पर कर की कटौती करना अपेक्षित है, वहां कर की कटौती ऐसी दर पर की जाएगी, जो निम्नलिखित दरों में से उच्चतर है, अर्थात् :—
(i) अधिनियम के सुसंगत उपबंध में विनिर्दिष्ट दर की दुगनी दर पर ; या
(ii) प्रवृत्त दर या दरों की दुगनी दर पर ; या
(iii) पांच प्रतिशत की दर पर।
(2) यदि इस धारा के उपबंधों के अतिरिक्त धारा 206कक के उपबंध किसी विनिर्दिष्ट व्यक्ति को लागू हैं तो कर की कटौती इस धारा और धारा 206कक में उपबंधित दोनों दरों में से उच्चतर दर पर की जाएगी।
1ग[(3)इस धारा के प्रयोजन के लिए, “विनिर्दिष्ट व्यक्ति” से ऐसा व्यक्ति अभिप्रेत है, जिसने उस वित्तीय वर्ष, जिसमें कर की कटौती अपेक्षित है, से ठीक पूर्ववर्ती पूर्व वर्ष से सुसंगत निर्धारण वर्ष के लिए आय की विवरणी प्रस्तुत नहीं की है, जिसके लिए धारा 139 की उपधारा (1) के अधीन आय की विवरणी प्रस्तुत करने की समय-सीमा समाप्त हो चुकी है और उसकी दशा में उक्त पूर्व वर्ष में स्रोत पर कटौती किए गए कर और स्रोत पर संग्रहित कर का कुल योग पचास हजार रुपए या अधिक है : ]
2क[परंतु यह कि विनिर्दिष्ट व्यक्ति में निम्नलिखित व्यक्ति सम्मिलित नहीं होगा,—
(i) कोई अनिवासी व्यक्ति, जिसका भारत में स्थायी स्थापन नहीं है ; या
(ii) ऐसा व्यक्ति, जिससे उक्त पूर्ववर्ष से सुसंगत निर्धारण वर्ष के लिए आय की विवरणी प्रस्तुत करने की अपेक्षा नहीं की जाती है और जिसे केंद्रीय सरकार द्वारा राजपत्र में इस निमित्त अधिसूचित किया गया है।]
स्पष्टीकरण— इस उपधारा के प्रयोजनों के लिए "स्थायी स्थापन" पद में कारबार का ऐसा नियत स्थान सम्मिलित है, जिसके माध्यम से उद्यम का कारबार पूर्णत: या आंशिक रूप से किया जाता है।]
[वित्त अधिनियम, 2024 द्वारा संशोधित रूप में]

