आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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धारा 206कख

आय-कर विवरणी फाइल न करने वाले व्यक्तियों के लिए स्रोत पर कर की कटौती के लिए विशेष उपबंध

धारा

धारा संख्या

206कख

अध्याय शीर्षक

अध्याय XVII - कर संग्रह और वसूली

अधिनियम

आय-कर अधिनियम, 1961

वर्ष

2024 (सं.1)

आय-कर विवरणी फाइल न करने वाले व्यक्तियों के लिए स्रोत पर कर की कटौती के लिए विशेष उपबंध

आय-कर विवरणी फाइल न करने वाले व्यक्तियों के लिए स्रोत पर कर की कटौती के लिए विशेष उपबंध

1[आय-कर विवरणी फाइल न करने वाले व्यक्तियों के लिए स्रोत पर कर की कटौती के लिए विशेष उपबंध

206कख. (1) इस अधिनियम के किन्ही अन्य उपबंधों में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, जहां धारा 192, धारा 192क, धारा 194ख, 2[धारा 194खक] धारा 194खख, 1क[धारा 194झक, धारा 194झख, धारा 194ठखग, धारा 194ड या धारा 194ढ] से भिन्न, अध्याय 17ख के उपबंधों के अधीन किसी व्यक्ति 1ख[* * *] द्वारा किसी विनिर्दिष्ट व्यक्ति को संदत्त किसी राशि या आय या रकम या संदेय या जमा की गई किसी राशि के संबंध में स्रोत पर कर की कटौती करना अपेक्षित है, वहां कर की कटौती ऐसी दर पर की जाएगी, जो निम्नलिखित दरों में से उच्चतर है, अर्थात् :—

(i) अधिनियम के सुसंगत उपबंध में विनिर्दिष्ट दर की दुगनी दर पर ; या

(ii) प्रवृत्त दर या दरों की दुगनी दर पर ; या

(iii) पांच प्रतिशत की दर पर।

(2) यदि इस धारा के उपबंधों के अतिरिक्त धारा 206कक के उपबंध किसी विनिर्दिष्ट व्यक्ति को लागू हैं तो कर की कटौती इस धारा और धारा 206कक में उपबंधित दोनों दरों में से उच्चतर दर पर की जाएगी।

1ग[(3)इस धारा के प्रयोजन के लिए, “विनिर्दिष्ट व्यक्ति” से ऐसा व्यक्ति अभिप्रेत है, जिसने उस वित्तीय वर्ष, जिसमें कर की कटौती अपेक्षित है, से ठीक पूर्ववर्ती पूर्व वर्ष से सुसंगत निर्धारण वर्ष के लिए आय की विवरणी प्रस्तुत नहीं की है, जिसके लिए धारा 139 की उपधारा (1) के अधीन आय की विवरणी प्रस्तुत करने की समय-सीमा समाप्त हो चुकी है और उसकी दशा में उक्त पूर्व वर्ष में स्रोत पर कटौती किए गए कर और स्रोत पर संग्रहित कर का कुल योग पचास हजार रुपए या अधिक है : ]

2क[परंतु यह कि विनिर्दिष्ट व्यक्ति में निम्नलिखित व्यक्ति सम्मिलित नहीं होगा,—

 (iकोई अनिवासी व्यक्ति, जिसका भारत में स्थायी स्थापन नहीं है ; या

 (ii) ऐसा व्यक्ति, जिससे उक्त पूर्ववर्ष से सुसंगत निर्धारण वर्ष के लिए आय की विवरणी प्रस्तुत करने की अपेक्षा नहीं की जाती है और जिसे केंद्रीय सरकार द्वारा राजपत्र में इस निमित्त अधिसूचित किया गया है।]

स्पष्टीकरण— इस उपधारा के प्रयोजनों के लिए "स्थायी स्थापन" पद में कारबार का ऐसा नियत स्थान सम्मिलित है, जिसके माध्यम से उद्यम का कारबार पूर्णत: या आंशिक रूप से किया जाता है।]


1. वित्त अधिनियम, 2021 द्वारा 1.7.2021 से अंत:स्थापित।

1क. वित्त अधिनियम, 2022 द्वारा 1.4.2022 से "धारा 194ठख़ग या धारा 194ढ़", शब्दों और अंको के स्थान पर प्रतिस्थापित।

1ख. वित्त अधिनियम, 2022 द्वारा 1.4.2022 से "(जिसे इसमें इसके पश्चात् ऐसा, कटौतीकर्ता कहा गया है)" शब्दो का लोप किया गया।

1ग.   वित्त अधिनियम, 2022 द्वारा 1.4.2022 से प्रतिस्थापित। प्रतिस्थापन से पूर्व उपधारा (3) निम्न प्रकार थी:

"(3) इस धारा के प्रयोजन के लिए, "विनिर्दिष्ट व्यक्ति" से ऐसा व्यक्ति अभिप्रेत है, जिसने उस पूर्व वर्ष से, जिसमें कर की कटौती अपेक्षित है, पूर्ववर्ती दो पूर्व वर्षों से सुसंगत दो निर्धारण वर्षों के लिए आय की विवरणी फाइल नहीं की है और जिसके लिए धारा 139 की उपधारा (1) के अधीन आय की विवरणी फाइल करने की समय-सीमा समाप्त हो चुकी है; और इन दो पूर्व वर्षों में से प्रत्येक में स्रोत पर कटौती किए गए कर और उसकी दशा में स्रोत पर संग्रहित कर का कुल योग पचास हजार रुपए या अधिक है:।"

2. वित्त अधिनियम, 2023 द्वारा 1.4.2023  से अंतस्थापित।

2क. वित्त अधिनियम, 2023 द्वारा 1.4.2023  से प्रतिस्थापित । प्रतिस्थापन से पूर्व पंरतुक निम्न प्रकार था:

"परन्तु विनिर्दिष्ट व्यक्ति में ऐसा कोई अनिवासी सम्मिलित नहीं होगा, जिसके पास भारत में कोई स्थायी स्थापन नहीं है।"

 

 

[वित्त अधिनियम, 2024 द्वारा संशोधित रूप में]

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