संपत्ति की अवधारण
[ संपत्ति का प्रतिधारण ।
20. (1) जहां कोई संपत्ति धारा 17 या धारा 18 के अधीन अभिगृहीत की गई है या धारा 17 की उपधारा (1क) के अधीन अवरुद्ध की गई है और इस निमित्त निदेशक द्वारा प्राधिकृत अधिकारी के पास, उसके कब्जे में मौजूद सामग्री के आधार पर, यह विश्वास करने का कारण है (ऐसे विश्वास का कारण उसके द्वारा लिखित में अभिलिखित किया जाएगा) कि ऐसी संपत्ति को धारा 8 के अधीन न्यायनिर्णयन के प्रयोजनों के लिए प्रतिधारित किए जाने की आवश्यकता है, ऐसी संपत्ति, यदि जब्त की गई है, प्रतिधारित की जा सकेगी या अवरुद्ध की गई है, तो उस दिन से, जिसको ऐसी संपत्ति, यथास्थिति, जब्त या अवरुद्ध की गई थी, एक सौ अस्सी दिन से अधिक की अवधि के लिए अवरुद्ध बनी रह सकेगी।
(2) निदेशक द्वारा प्राधिकृत अधिकारी धारा 8 के अधीन न्यायनिर्णयन के प्रयोजनों के लिए संपत्ति को रोके रखने या उसे जारी रखने के लिए आदेश पारित करने के तुरंत पश्चात्, उपधारा (1) में निर्दिष्ट अपने कब्जे में सामग्री के साथ आदेश की एक प्रति, न्यायनिर्णयन प्राधिकारी को, मुहरबंद लिफाफे में, विहित रीति से भेजेगा और न्यायनिर्णयन प्राधिकारी ऐसे आदेश और सामग्री को विहित अवधि तक अपने पास रखेगा।
(3) उपधारा (1) में विनिर्दिष्ट अवधि की समाप्ति पर, संपत्ति उस व्यक्ति को वापस कर दी जाएगी, जिससे ऐसी संपत्ति जब्त की गई थी या जिसकी संपत्ति को फ्रीज करने का आदेश दिया गया था, जब तक कि न्यायनिर्णायक प्राधिकारी उक्त अवधि से आगे ऐसी संपत्ति को रोके रखने या फ्रीज करने की निरंतरता की अनुमति न दे।
(4) न्यायनिर्णायक प्राधिकारी, उपधारा (1) में विनिर्दिष्ट अवधि से परे ऐसी संपत्ति को रोके रखने या फ्रीज करने की निरंतरता को प्राधिकृत करने से पूर्व स्वयं को संतुष्ट करेगा कि संपत्ति प्रथम दृष्टया धन शोधन में अंतर्वलित है और संपत्ति धारा 8 के अधीन न्यायनिर्णयन के प्रयोजनों के लिए अपेक्षित है।
(5) धारा 8 की उपधारा (5) या उपधारा (7) के अधीन जब्ती का आदेश पारित करने के पश्चात, [विशेष न्यायालय] धन शोधन में अंतर्वलित संपत्ति को छोड़कर अन्य सभी संपत्ति को उस व्यक्ति को, जिससे ऐसी संपत्ति जब्त की गई थी या उसे प्राप्त करने के हकदार व्यक्तियों को छोड़ने का निर्देश देगा।
(6) जहां संपत्ति को छोड़ने का आदेश धारा 8 की उपधारा (6) के अधीन [विशेष न्यायालय] द्वारा या धारा 58ख या धारा 60 की उपधारा (2क) के अधीन न्याय निर्णायक प्राधिकरण द्वारा किया गया है, वहां निदेशक या इस निमित्त उसके द्वारा प्राधिकृत कोई अधिकारी ऐसे [आदेश की प्राप्ति] की तारीख से नब्बे दिन की अवधि के लिए ऐसी किसी संपत्ति को छोड़ने पर रोक लगा सकता है, यदि उसकी यह राय है कि ऐसी संपत्ति इस अधिनियम के अधीन अपील कार्यवाही के लिए सुसंगत है।

