आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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धारा 196ग

विदेशी मुद्रा बांड या भारतीय कंपनी के शेयरों से आय

धारा

धारा संख्या

196ग

अध्याय शीर्षक

अध्याय XVII - कर संग्रह और वसूली

अधिनियम

आय-कर अधिनियम, 1961

वर्ष

2001

विदेशी मुद्रा बांड या भारतीय कंपनी के शेयरों से आय

विदेशी मुद्रा बांड या भारतीय कंपनी के शेयरों से आय

56[भारतीय कंपनी के विदेशी मुद्रा में बंधपत्रों या शेयरों से आय 57

196ग. 58[जहां धारा 115कग में निर्दिष्ट  58क[बंधपत्रों या शेयरों] की बाबत ब्याज या लाभांशों के रूप में अथवा ऐसे 58क[बंधपत्रों या शेयरों] के अंतरण से उद्भूत दीर्घकालिक पूंजी अभिलाभों के रूप में कोर्इ आय अनिवासी को संदेय है], वहां ऐसा संदाय करने के लिए दायी व्यक्ति पाने वाले के खाते में, ऐसी आय को जमा करते समय या उसका नकद रूप में या चैक या ड्राफ्ट जारी करके या किसी अन्य रीति से संदाय करते समय, इनमें से जो भी पहले हो, उस पर दस प्रतिशत की दर से आय-कर की कटौती करेगा :

59[परन्तु धारा 115ण में निर्दिष्ट किन्हीं लाभांशों की बाबत ऐसी कोर्इ कटौती नहीं की जाएगी।]

 

56. वित्त अधिनियम, 1992 द्वारा 1.6.1992 से अंत:स्थापित।

57. नियम 30, 31 और 37क तथा प्ररूप सं. 16क और 27 देखिए।

58. वित्त अधिनियम, 1993 द्वारा 1.6.1993 से ‘‘जहां ब्याज या लाभांशों के रूप में कोर्इ आय किसी अनिवासी को धारा 115कग में निर्दिष्ट बंधपत्रों या शेयरों की बाबत संदेय है’’ शब्दों के स्थान पर प्रतिस्थापित।

58क. वित्त अधिनियम, 2001 द्वारा 1.4.2002 से ‘‘बंधपत्रों या शेयरों’’ शब्दों के स्थान पर ‘‘बंधपत्र या ग्लोबल निक्षेपागार रसीदों’’ शब्द रखे जाएंगे।

59. वित्त अधिनियम, 1997 द्वारा 1.6.1997 से अंत:स्थापित।            

 

 

[वित्त अधिनियम, 2001 द्वारा संशोधित रूप में]

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