अनिवासियों के यूनिटों की बाबत आय
84[अनिवासियों के यूनिटों की बाबत आय85
196क. (1) धारा 10 के खंड (23घ) के अधीन विनिर्दिष्ट पारस्परिक निधि या भारतीय यूनिट ट्रस्ट के यूनिटों की बाबत कोर्इ आय किसी अनिवासी को, जो कंपनी नहीं है, या किसी विदेशी कंपनी को संदाय करने के लिए दायी व्यक्ति, पाने वाले के खाते में ऐसी आय जमा करते समय या उसका नकद रूप में या चैक या ड्राफ्ट जारी करके या किसी अन्य रीति से संदाय करते समय, इनमें से जो भी पहले हो, उस पर बीस प्रतिशत की दर से आय-कर की कटौती करेगा:
86[परंतु 1 अप्रैल, 2003 को या उसके पश्चात् जमा या संदत्त की गर्इ किसी ऐसी आय से इस धारा के अधीन कोर्इ कटौती नहीं की जाएगी।]
(2) उपधारा (1) में किसी बात के होते हुए भी, किसी अनिवासी भारतीय या अनिवासी हिन्दू अविभक्त कुटुंब को, जहां 86क[विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 (1999 का 42)] और उसके अधीन बनाए गए नियमों के उपबंधों के अनुसार, दोनों ही दशाओं में, भारत में किसी बैंक में रखे गए किसी अनिवासी (विदेशी) खाते में की निधियों से या विदेशी करेंसी में निधियों के प्रेषण द्वारा भारतीय यूनिट ट्रस्ट के यूनिट अर्जित किए गए हैं, वहां भारतीय यूनिट ट्रस्ट के यूनिटों की बाबत संदेय किसी आय में से कर की कोर्इ कटौती नहीं की जाएगी।
स्पष्टीकरण–इस धारा के प्रयोजनों के लिए–
(क) 87''विदेशी करेंसी'' का वही अर्थ है जो उसका 87क[विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 (1999 का 42)] में है;
(ख) ''अनिवासी भारतीय'' का वही अर्थ है जो उसका धारा 115ग के खंड (ड़) में है;
(ग) ''भारतीय यूनिट ट्रस्ट'' से भारतीय यूनिट ट्रस्ट अधिनियम, 1963 (1963 का 52) के अधीन स्थापित भारतीय यूनिट ट्रस्ट अभिप्रेत है;
(घ) जहां पूर्वोक्त कोर्इ आय, ऐसी आय का भुगतान करने के लिए दायी व्यक्ति की लेखा बहियों में किसी खाते में, चाहे वह "उचंत खाते" के नाम से ज्ञात हो या किसी अन्य नाम से, जमा की जाती है वहां ऐसी रकम के जमा किए जाने को, पाने वाले के खाते में ऐसी आय का जमा किया जाना समझा जाएगा और इस धारा के उपबंध तदनुसार लागू होंगे।]
84. वित्त अधिनियम, 1995 द्वारा 1.7.1995 से प्रतिस्थापित। प्रतिस्थापन से पूर्व, धारा 196क प्रत्यक्ष कर विधि (संशोधन) अधिनियम, 1989 द्वारा 15.3.1989 से यथा प्रतिस्थापित तथा बाद में वित्त (सं. 2) अधिनियम, 1991 द्वारा 1.10.1991 से और वित्त अधिनियम, 1994 द्वारा 1.6.1994 से यथा संशोधित 196क की गयी थी।
85. नियम 30, 31, 31कख, 37क तथा प्ररूप सं. 16क, 26कध और 27 देखिए।
86. वित्त अधिनियम, 2003 द्वारा 1.4.2003 से अंत:स्थापित। इससे पूर्व परन्तुक वित्त अधिनियम, 1999 द्वारा 1.6.1999 से अंत:स्थापित किया गया था और बाद में वित्त अधिनियम, 2002 द्वारा 1.6.2002 से उसका लोप किया गया था।
86क. वित्त अधिनियम, 2013 द्वारा 1.6.2013 से प्रतिस्थापित।
87. ''विदेशी करेंसी'' की परिभाषा के लिए परिशिष्ट देखिए।
87क. वित्त अधिनियम, 2013 द्वारा 1.6.2013 से प्रतिस्थापित।
[वित्त अधिनियम, 2017 द्वारा संशोधित रूप में]

