अन्य राशियां
अन्य राशियां
195. (1) कोर्इ व्यक्ति, जो किसी अनिवासी को, जो कंपनी नहीं है, या किसी विदेशी कंपनी को, किसी ब्याज का जो धारा 194ठख या धारा 194ठग या धारा 194ठघ में निर्दिष्ट ब्याज नहीं है या इस अधिनियम के उपबंधों के अधीन प्रभार्य किसी अन्य राशि का (जो "वेतन" शीर्ष के अधीन प्रभार्य आय नहीं है) संदाय करने के लिए दायी है, पाने वाले के खाते में ऐसी आय जमा करते समय या उसका नकद रूप में या चैक या ड्राफ्ट जारी करके या किसी अन्य रीति से संदाय करते समय, इनमें से जो भी पहले हो, प्रवृत्त दरों के अनुसार उस पर आय-कर की कटौती करेगा :
परन्तु सरकार या धारा 10 के खंड (23घ) के अर्थांतर्गत पब्लिक सेक्टर बैंक या उस खंड के अर्थांतर्गत लोक वित्तीय संस्था द्वारा संदेय ब्याज की दशा में कर की कटौती उसके संदाय के समय केवल नकद रूप में या चैक या ड्राफ्ट जारी करके या किसी अन्य रीति से की जाएगी :
1कक[***]
स्पष्टीकरण 1.—इस धारा के प्रयोजनों के लिए, जहां यथापूर्वोक्त ब्याज या अन्य राशि ऐसी आय का संदाय करने के लिए दायी व्यक्ति की लेखा बहियों में किसी खाते में, चाहे वह "संदेय ब्याज खाते" या "उचंत खाते" के नाम से ज्ञात हो या किसी अन्य नाम से, जमा की जाती है वहां ऐसी राशि के जमा किए जाने को, पाने वाले के खाते में ऐसी आय का जमा किया जाना समझा जाएगा और इस धारा के उपबंध तदनुसार लागू होंगे।
स्पष्टीकरण 2.—शंकाओं को दूर करने के लिए यह स्पष्ट किया जाता है कि उपधारा (1) का अनुपालन करने और उसके अधीन कटौती करने की बाध्यता, निवासी या अनिवासी सभी व्यक्तियों, को लागू होगी और सदैव से लागू हुर्इ समझी जाएगी तथा विस्तारित होगी और सदैव विस्तारित की गर्इ समझी जाएगी, चाहे अनिवासी व्यक्ति का—
(i) भारत में कोर्इ निवास या कारबार का स्थान या कारोबारी संबंध; या
(ii) भारत में किसी प्रकार की किसी रीति में कोर्इ अन्य उपस्थिति, हो या नहीं
(2) जहां किसी अनिवासी को इस अधिनियम के अधीन प्रभार्य ऐसी किसी राशि के (जो वेतन से भिन्न है) संदाय के लिए उत्तरदायी व्यक्ति यह समझता है कि ऐसी संपूर्ण राशि ऐसी आय नहीं होगी जो पाने वाले के मामले में प्रभार्य हो, वहां 1घ[वह निर्धारण अधिकारी से, ऐसे प्ररूप और रीति में आवेदन कर सकेगा कि वह राशि का ऐसी रीति में जो विहित की जाए] इस प्रकार प्रभार्य समुचित अनुपात अवधारित करे और ऐसे अवधारण पर उस राशि के केवल उसी अनुपात में, जो इस प्रकार प्रभार्य है, उपधारा (1) के अधीन कर की कटौती की जाएगी।
(3) उपधारा (5) के अधीन बनाए गए नियमों के अधीन रहते हुए, कोर्इ व्यक्ति जो ऐसा कोर्इ ब्याज या अन्य राशि, जिस पर आय-कर की कटौती उपधारा (1) के अधीन की जानी हो, प्राप्त करने का हकदार हो निर्धारण अधिकारी से एक ऐसा प्रमाणपत्र दिए जाने के लिए विहित फार्म में आवेदन कर सकेगा, जो ऐसा ब्याज या अन्य राशि उस उपधारा के अधीन कटौती किए बिना प्राप्त करने के लिए उसे प्राधिकृत करे और जहां ऐसा प्रमाणपत्र दिया जाए, वहां प्रत्येक ऐसा व्यक्ति, जो उस व्यक्ति को, जिसे प्रमाणपत्र दिया गया हो, ऐसे ब्याज या अन्य राशि के संदाय के लिए उत्तरदायी हो, जब तक वह प्रमाणपत्र प्रवृत्त बना रहे, उस ब्याज या अन्य राशि का भुगतान उस पर उपधारा (1) के अधीन कर की कटौती किए बिना करेगा।
(4) उपधारा (3) के अधीन दिया गया प्रमाणपत्र उसमें विनिर्दिष्ट कालावधि की समाप्ति तक अथवा यदि वह उस कालावधि की समाप्ति से पूर्व ही निर्धारण अधिकारी द्वारा रद्द कर दिया जाए तो ऐसे रद्द किए जाने तक प्रवृत्त रहेगा।
(5) बोर्ड, निर्धारितियों की सुविधा और राजस्व के हितों को ध्यान में रखते हुए राजपत्र में अधिसूचना द्वारा ऐसे नियम बना सकेगा जिनमें वे मामले, जिनमें और वे परिस्थितियां विनिर्दिष्ट होंगी जिनके अंतर्गत उपधारा (3) के अधीन प्रमाणपत्र दिए जाने के लिए आवेदन किया जा सकेगा और वे शर्तें जिनके अधीन, ऐसा प्रमाणपत्र दिया जा सकेगा और उससे संबद्ध सभी अन्य विषयों का उपबंध होगा।
(6) किसी अनिवासी को, जो कंपनी नहीं है या किसी विदेशी कंपनी को किसी राशि, चाहे इस अधिनियम के उपबंधों के अधीन प्रभार्य हो या न हो, का संदाय करने के लिए उत्तरदायी व्यक्ति, ऐसी राशि के संदाय से संबंधित जानकारी, ऐसे प्ररूप में और ऐसी रीति से देगा, जो विहित की जाए।
(7) उपधारा (1) और उपधारा (2) में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, बोर्ड, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, ऐसे व्यक्तियों या मामलों का कोर्इ वर्ग विनिर्दिष्ट कर सकेगा, जहां किसी अनिवासी को, जो कंपनी नहीं है, या किसी विदेशी कंपनी को किसी राशि का, चाहे इस अधिनियम के उपबंधों के अधीन प्रभार्य हो या नहीं, संदाय करने के लिए 1ड़[वह निर्धारण अधिकारी को आवेदन, ऐसे प्ररूप और रीति में राशि अवधारित करने के लिए, जो विहित की जाए] समुचित अनुपात का अवधारण करने के लिए आवेदन करेगा और ऐसे अवधारण पर उपधारा (1) के अधीन कर की कटौती, राशि के उस अनुपात पर की जाएगी, जो इस प्रकार प्रभार्य है।
1घ. वित्त (सं. 2) अधिनियम, 2019 द्वारा 1.11.2019 से "वह निर्धारण अधिकारी से आवेदन कर सकेगा कि वह साधारण या विशेष आदेश द्वारा, ऐसी राशि का" शब्दों के स्थान पर प्रतिस्थापित ।
1ड़. वित्त (सं. 2) अधिनियम, 2019 द्वारा 1.11.2019 से प्रतिस्थापित ।
1कक. वित्त अधिनियम, 2020 द्वारा 1.4.2020 से लोप किया गया। लोप से पूर्व परंतुक निम्न प्रकार था
"परंतु यह और कि धारा 115ण में निर्दिष्ट किन्हीं लाभांशों की बाबत ऐसी कोर्इ कटौती नहीं की जाएगी।"
[वित्त अधिनियम, 2020 द्वारा संशोधित रूप में]

