किसी कारबार या वृत्ति की बाबत फायदे या परिलब्धि पर कर की कटौती
1[किसी कारबार या वृत्ति की बाबत फायदे या परिलब्धि पर कर की कटौती।
194द. (1) किसी निवासी को कोई फायदा या परिलब्धि, चाहे धनराशि में संपरिवर्तनीय हो या नहीं, उपलब्ध कराने के लिए उत्तरदायी व्यक्ति, जो ऐसे निवासी द्वारा कोई कारबार या कोई वृत्ति करने से उद्धत होता है, यथास्थिति, ऐसा फायदा या परिलब्धि ऐसे निवासी को उपलब्ध कराने से पूर्व सुनिश्यित करेगा कि ऐसे फायदे या परिलब्धि के संबंध में ऐसे फायदे या परिलब्धि के मूल्य या समग्र मूल्य के दस प्रतिशत की दर से कर की कटौती कर ली गई है:
परंतु ऐसी दशा में, जहां, यथास्थिति, फायदा या परिलब्धि वस्तु के रूप में है या भागत: नकद और भागत: वस्तु के रूप में है, किंतु नकद में कोई भाग नहीं है या नकद में भाग ऐसे संपूर्ण फायदे या परिलब्धि के संबंध में कर की कटौती के दायित्व को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं है तो ऐसे फायदे या परिलब्धि को उपलब्ध कराने के लिए उत्तरदायी व्यक्ति, फादे या परिलब्धि को निर्मुक्त करने से पूर्व यह सुनिश्चित करेगा कि फायदे या परिलब्धि के संबंध में कटौती किए जाने के लिए अपेक्षित कर कर संदत्त कर दिया गया है।
परंतु यह और कि इस धारा के उपबंध किसी निवासी की दशा में वहां लागू नहीं होंगे, जहां ऐसे निवासी को वित्तीय वर्ष के दौरान उपलब्ध कराए गए या उपलब्ध कराए जाने के लिए संभाव्य, लाभ या परिलब्धि का मूल्य या समग्र मूल्य बीस हजार रुपए से अधिक नहीं होता है:
परंतु यह भी कि इस धारा के उपबंध किसी व्यष्टि या अविभक्त हिन्दू कुटुंब को लागू नहीं होंगे, कुल विक्रय, समग्र प्राप्तियां या आवर्त उस वित्तीय वर्ष से तुरंत पूर्ववर्ती वित्तीय वर्ष से के दौरान, जिसमें, यथास्थिति, ऐसे फायदे या परिलब्धि को ऐसे व्यक्ति द्वारा उपलब्ध कराया जाता है, कारबार की दशा में एक करोड़ रुपए से अधिक नहीं हो या वृत्ति की दशा में पचास लाख रुपए से अधिक नहीं हो।
(2) यदि इस धारा के उपबधों को प्रभावी करने में कोई कठिनाई उत्पन्न होती है, तो बोर्ड, केंद्रीय सरकार के अनुमोदन से, कठिनाई को दूर करने के प्रयोजन के लिए, मार्गदर्शी सिद्धांत जारी कर सकेगा।
(3) बोर्ड द्वारा उपधारा (2) के अधीन जारी किया गया प्रत्येक मार्गदर्शी सिद्धांत संसद् के प्रत्येक सदन के समक्ष रखा जाएगा तथा आय-कर प्राधिकारियों और ऐसा फायदा या परिलब्धि उपलब्ध कराने वाले व्यक्ति पर आबद्धकर होगा:
स्पष्टीकरण 2[1]- इस धारा के प्रयोजनों के लिए, "उपलब्ध कराने के लिए उत्तरदायी व्यक्ति" से ऐसा फायदा या परिलब्धि उपलब्ध कराने वाला व्यक्ति या किसी कंपनी की दशा में कंपनी के प्रधान अधिकारी सहित स्वयं कंपनी अभिप्रेत है।]
3[स्पष्टीकरण 2—शंकाओं को दूर करने के लिए, यह स्पष्ट किया जाता है कि उपधारा (1) के उपबंध किसी फायदे या परिलब्धि को लागू होंगे, चाहे वह नकद रूप में या वस्तु रूप में या भागत: नकद रूप में और भागत: वस्तु रूप में हो ।]
[वित्त अधिनियम, 2023 द्वारा संशोधित रूप मेंें]

